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वेद छूता है मानव जीवन के हर पहलू को
Updated Mon, 14 Aug 2017 01:24 AM IST
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शामली।
आर्य समाज में चल रहे वेद प्रचार सप्ताह का रविवार को यज्ञ और प्रवचन के साथ समापन हो गया। आर्य उपदेशक आचार्य उमेश चंद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि वेद ने मानव जीवन के प्रत्येक पहलू को छुआ है। योगीराज श्रीकृष्ण म्भी वेद की आज्ञा का पालन करते थे।
रविवार को समापन के अवसर पर यज्ञशाला में यर्जुवेद के मंत्रोच्चारण के साथ डाक्टर रविदत्त आर्यवीर ने यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ के मुख्य यज्ञमान कार्यक्रम संयोजक पूर्व प्रधान राजपाल आर्य एवं उनका समस्त परिवार आर्य वीरांगना परिषद की प्रधान मृणाली आर्य, श्वेता आर्य, युवक परिषद के प्रधान सूर्य प्रताप आर्य, मनीश आर्य, मंत्री वेदप्रकाश आर्य व मीनाक्षी आर्य रहे। भजनोपदेशक पंडित राजवीर आर्य ने सभाकक्ष में देश को आजाद कराने वाले क्रांतिकारियों को समर्पित भजन प्रस्तुत किए। योगीराज कृष्ण को योगों के रूप में याद किया। आचार्य उमेश चंद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आर्य समाज वेद की आज्ञा पालन करता है। श्रीकृष्ण म्भी वेद की आज्ञा का पालन करते थे। उसी के अनुसार संध्या और यज्ञ करते थे।
यर्जुवेद में लिखा है कि तू कर्मशील बनकर कर्म करता हुआ जीवन निर्वाह कर। श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। उन्होंने कहा अर्जुन मेेरे और तुम्हारे अनेक जन्म हो चुके हैं, लेकिन तुम नहीं जानते हो। मैं योग विद्या द्वारा सभी जन्मों को जानता हूं। हमारा कर्तव्य है कि हम भी श्रीकृष्ण को योगी के रूप में माने। मौके पर संरक्षक रघुवीर आर्य, प्रधान पूरण चंद आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, बीबल आर्य, अशोक बहादुर, रविंद्र आर्य, मैनपाल सिंह, अर्चना आर्य, नीलम आर्य आदि रहे।
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आर्य समाज में चल रहे वेद प्रचार सप्ताह का रविवार को यज्ञ और प्रवचन के साथ समापन हो गया। आर्य उपदेशक आचार्य उमेश चंद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि वेद ने मानव जीवन के प्रत्येक पहलू को छुआ है। योगीराज श्रीकृष्ण म्भी वेद की आज्ञा का पालन करते थे।
रविवार को समापन के अवसर पर यज्ञशाला में यर्जुवेद के मंत्रोच्चारण के साथ डाक्टर रविदत्त आर्यवीर ने यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ के मुख्य यज्ञमान कार्यक्रम संयोजक पूर्व प्रधान राजपाल आर्य एवं उनका समस्त परिवार आर्य वीरांगना परिषद की प्रधान मृणाली आर्य, श्वेता आर्य, युवक परिषद के प्रधान सूर्य प्रताप आर्य, मनीश आर्य, मंत्री वेदप्रकाश आर्य व मीनाक्षी आर्य रहे। भजनोपदेशक पंडित राजवीर आर्य ने सभाकक्ष में देश को आजाद कराने वाले क्रांतिकारियों को समर्पित भजन प्रस्तुत किए। योगीराज कृष्ण को योगों के रूप में याद किया। आचार्य उमेश चंद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आर्य समाज वेद की आज्ञा पालन करता है। श्रीकृष्ण म्भी वेद की आज्ञा का पालन करते थे। उसी के अनुसार संध्या और यज्ञ करते थे।
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यर्जुवेद में लिखा है कि तू कर्मशील बनकर कर्म करता हुआ जीवन निर्वाह कर। श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। उन्होंने कहा अर्जुन मेेरे और तुम्हारे अनेक जन्म हो चुके हैं, लेकिन तुम नहीं जानते हो। मैं योग विद्या द्वारा सभी जन्मों को जानता हूं। हमारा कर्तव्य है कि हम भी श्रीकृष्ण को योगी के रूप में माने। मौके पर संरक्षक रघुवीर आर्य, प्रधान पूरण चंद आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, बीबल आर्य, अशोक बहादुर, रविंद्र आर्य, मैनपाल सिंह, अर्चना आर्य, नीलम आर्य आदि रहे।
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