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मेहनत और लगन से युवाओं ने हासिल की सफलता, बने दूसरों के लिए प्रेरणा
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अमित श्रीवास्तव
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। पूरी दुनिया को भारत के प्रखर ज्ञान का संदेश देने वाले स्वामी विवेकानंद की आज जयंती है। कर्मयोग के जरिये जिले के कई युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम कमा रहे हैं। ये लोग दूसरे युवाओं के प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं। कोई फिल्म और टेलीविजन में अपनी पहचान बना चुका है तो किसी ने खेल में राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। लगातार अपने क्षेत्र में ये युवा तरक्की कर रहे हैं।
वैभव ने टीवी सीरियल में कमाया नाम, फिल्मों की ओर बढ़ाया कदम
जिले के युवा टीवी कलाकार वैभव सारस्वत को लोग ‘मेरे साईं’ सीरियल के मुख्य किरदार साईं के रूप में जानते हैं, लेकिन इससे पहले वह टीवी सीरियल पलटन, नारायण-नारायण, धरती की गोद में और ख्वाबों की जमीं पर लीड रोल अदा कर चुके हैं। अब वैभव ने फिल्मों की ओर रुख किया है। उनकी फिल्म का नाम संजोग है। इसमें वह अहम रोल में होंगे। वैभव ने बताया कि उनकी फैन फॉलोइंग देश में ही विदेशों में भी खूब बढ़ी है। फिर चाहे जर्मनी हो या जापान, स्वीडन और अमेरिका में उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। वह फिलहाल फिल्मों पर फोकस कर रहे हैं। उनकी युवाओं से अपील है कि वह सपने जरूर देखें, लेकिन खुली आंखों से ही देखना चाहिए। जिससे उसको पाने के लिए संघर्ष कर सके।
नेशनल टीम में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रहे शूटर विशु
विशु गुप्ता शहर के मशीनरी मार्केट के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी पहचान शूटर के रूप में मनाई है और नेशनल टीम में शामिल होने के लिए प्रयास कर रहे हैं। विशु ने बताया कि वह शूटिंग में यूपी स्टेट को रिप्रेजेंट करते हैं। इसके अलावा वह तीन नेशनल टूर्नामेंट भी खेल चुके हैं। इनमें दो भोपाल और एक केरल में हुआ था। वर्तमान में वह नेशनल टीम में चयन के लिए ट्रायल दे रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वह नेशनल टीम के खिलाड़ी बन जाएंगे। विशु शहर में ही एक शूटिंग रेंज का संचालन भी करते हैं, जिसमें युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस शूटिंग रेंज को उन्होंने नेशनल असिस्टेंट कोच अमनदीप के साथ मिलकर शुरू किया है। इसका उद्घाटन नेशनल खिलाड़ी जीतू राय ने किया था।
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रंगमंच के क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए शिवा ने बनाई पहचान, करेंगे शोध
युवा नाट्य कर्मी व रंग निर्देशक शिवा सक्सेना रंगमंच के क्षेत्र में प्रदेश का एक प्रतिष्ठित नाम है। वह भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ एवं सत्यजित रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान कोलकाता से प्रशिक्षित हैं। मंथन आर्ट्स संस्था के निर्देशक शिवा नए-नए प्रयोगों के साथ नाट्य मंचन करने के लिए जाने जाते हैं। पिछले साल 2021 में दर्शकों को 06 नाट्य प्रस्तुतियों से रूबरू कराया। अब शिवा सक्सेना का चयन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय जूनियर फेलोशिप के लिए किया है। शिवा ने बताया कि उन्हें रंगमंच के क्षेत्र में शोध करना है, जिसके तहत उनका चयन हुआ है। वह अपने शोधकार्य से नए प्रशिक्षुओं में ऊर्जा का संचार तथा रंगमंच का विस्तार करेंगे। उन्होंने रंगमंच से जुड़ने वाले युवाओं को पूरी मेहनत और लगन के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया है।
मानवता की पाठशाला चलाकर शिक्षा की अलख जगा रहे अमित
अमित श्रीवास्तव एक ऐसे युवा हैं, जिन्होंने मानवता को अपना धर्म और कर्म माना है। वह रंगमंच करते हैं और जितना भी समय मिलता है उसमें मानवता की पाठशाला चलाते हैं। इस पाठशाला में उन बच्चों को शिक्षित करने का काम किया जा रहा है, जोकि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगते फिरते हैं। उनके माता-पिता उनको पढ़ा नहीं सकते हैं। बताया कि कोरोना संक्रमण काल में हर कोई परेशान था, तब उन्होंने सेवा का संकल्प लिया। ऑक्सीजन, भोजन, मास्क आदि वितरण किया। उसके बाद अपना एनजीओ मानवता वेलफेयर सोसायटी को पंजीकृत कराया है। एनजीओ के सदस्य जिले में ही नहीं वाराणसी और लखनऊ में भी मानवता की पाठशाला चलाते हैं। जोकि बच्चों को किताबें, स्टेशनरी उपलब्ध कराने के साथ पढ़ाते भी हैं।
गांव से निकलकर बने असिस्टेंट प्रोफेसर
पुवायां। गांव नाहिल निवासी डॉ. अंकित त्रिवेदी का छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के अंग्रेजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन हुआ है। अंकित के पिता दिनेशचंद्र त्रिवेदी खेती-किसानी करते हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से दस किमी दूर इंटर कॉलेज पुवायां से प्राप्त की। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास करने के बाद उन्होंने शाहजहांपुर के जीएफ कॉलेज से बीए और एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से एमए किया। नेट उत्तीर्ण करने के बाद हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। वह पंतनगर विश्विद्यालय में संविदा पर सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। अंकित का कहना है कि सच्ची लगन और सतत प्रयास हर काम को मुमकिन बनाता है। उनकी सफलता पर डॉ. एमपी सिंह, डॉ. भूपेंद्र चौहान, डॉ. ब्रजमोहन मिश्र, डॉ. राममोहन पांडेय, डॉ. मोहनीश गुप्ता, डॉ कप्तान सिंह नंदा, डॉ. आशीष सिंह, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, नीरज दुंद, विकास, हिमांशु सहित तमाम लोगों ने बधाई दी है। संवाद
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वैभव ने टीवी सीरियल में कमाया नाम, फिल्मों की ओर बढ़ाया कदम
जिले के युवा टीवी कलाकार वैभव सारस्वत को लोग ‘मेरे साईं’ सीरियल के मुख्य किरदार साईं के रूप में जानते हैं, लेकिन इससे पहले वह टीवी सीरियल पलटन, नारायण-नारायण, धरती की गोद में और ख्वाबों की जमीं पर लीड रोल अदा कर चुके हैं। अब वैभव ने फिल्मों की ओर रुख किया है। उनकी फिल्म का नाम संजोग है। इसमें वह अहम रोल में होंगे। वैभव ने बताया कि उनकी फैन फॉलोइंग देश में ही विदेशों में भी खूब बढ़ी है। फिर चाहे जर्मनी हो या जापान, स्वीडन और अमेरिका में उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। वह फिलहाल फिल्मों पर फोकस कर रहे हैं। उनकी युवाओं से अपील है कि वह सपने जरूर देखें, लेकिन खुली आंखों से ही देखना चाहिए। जिससे उसको पाने के लिए संघर्ष कर सके।
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नेशनल टीम में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रहे शूटर विशु
विशु गुप्ता शहर के मशीनरी मार्केट के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी पहचान शूटर के रूप में मनाई है और नेशनल टीम में शामिल होने के लिए प्रयास कर रहे हैं। विशु ने बताया कि वह शूटिंग में यूपी स्टेट को रिप्रेजेंट करते हैं। इसके अलावा वह तीन नेशनल टूर्नामेंट भी खेल चुके हैं। इनमें दो भोपाल और एक केरल में हुआ था। वर्तमान में वह नेशनल टीम में चयन के लिए ट्रायल दे रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वह नेशनल टीम के खिलाड़ी बन जाएंगे। विशु शहर में ही एक शूटिंग रेंज का संचालन भी करते हैं, जिसमें युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस शूटिंग रेंज को उन्होंने नेशनल असिस्टेंट कोच अमनदीप के साथ मिलकर शुरू किया है। इसका उद्घाटन नेशनल खिलाड़ी जीतू राय ने किया था।
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रंगमंच के क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए शिवा ने बनाई पहचान, करेंगे शोध
युवा नाट्य कर्मी व रंग निर्देशक शिवा सक्सेना रंगमंच के क्षेत्र में प्रदेश का एक प्रतिष्ठित नाम है। वह भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ एवं सत्यजित रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान कोलकाता से प्रशिक्षित हैं। मंथन आर्ट्स संस्था के निर्देशक शिवा नए-नए प्रयोगों के साथ नाट्य मंचन करने के लिए जाने जाते हैं। पिछले साल 2021 में दर्शकों को 06 नाट्य प्रस्तुतियों से रूबरू कराया। अब शिवा सक्सेना का चयन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय जूनियर फेलोशिप के लिए किया है। शिवा ने बताया कि उन्हें रंगमंच के क्षेत्र में शोध करना है, जिसके तहत उनका चयन हुआ है। वह अपने शोधकार्य से नए प्रशिक्षुओं में ऊर्जा का संचार तथा रंगमंच का विस्तार करेंगे। उन्होंने रंगमंच से जुड़ने वाले युवाओं को पूरी मेहनत और लगन के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया है।
मानवता की पाठशाला चलाकर शिक्षा की अलख जगा रहे अमित
अमित श्रीवास्तव एक ऐसे युवा हैं, जिन्होंने मानवता को अपना धर्म और कर्म माना है। वह रंगमंच करते हैं और जितना भी समय मिलता है उसमें मानवता की पाठशाला चलाते हैं। इस पाठशाला में उन बच्चों को शिक्षित करने का काम किया जा रहा है, जोकि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगते फिरते हैं। उनके माता-पिता उनको पढ़ा नहीं सकते हैं। बताया कि कोरोना संक्रमण काल में हर कोई परेशान था, तब उन्होंने सेवा का संकल्प लिया। ऑक्सीजन, भोजन, मास्क आदि वितरण किया। उसके बाद अपना एनजीओ मानवता वेलफेयर सोसायटी को पंजीकृत कराया है। एनजीओ के सदस्य जिले में ही नहीं वाराणसी और लखनऊ में भी मानवता की पाठशाला चलाते हैं। जोकि बच्चों को किताबें, स्टेशनरी उपलब्ध कराने के साथ पढ़ाते भी हैं।
गांव से निकलकर बने असिस्टेंट प्रोफेसर
पुवायां। गांव नाहिल निवासी डॉ. अंकित त्रिवेदी का छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के अंग्रेजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन हुआ है। अंकित के पिता दिनेशचंद्र त्रिवेदी खेती-किसानी करते हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से दस किमी दूर इंटर कॉलेज पुवायां से प्राप्त की। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास करने के बाद उन्होंने शाहजहांपुर के जीएफ कॉलेज से बीए और एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से एमए किया। नेट उत्तीर्ण करने के बाद हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। वह पंतनगर विश्विद्यालय में संविदा पर सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। अंकित का कहना है कि सच्ची लगन और सतत प्रयास हर काम को मुमकिन बनाता है। उनकी सफलता पर डॉ. एमपी सिंह, डॉ. भूपेंद्र चौहान, डॉ. ब्रजमोहन मिश्र, डॉ. राममोहन पांडेय, डॉ. मोहनीश गुप्ता, डॉ कप्तान सिंह नंदा, डॉ. आशीष सिंह, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, नीरज दुंद, विकास, हिमांशु सहित तमाम लोगों ने बधाई दी है। संवाद

विशू गुप्ता- फोटो : SHAHJAHANPUR

शिवा सक्सेना- फोटो : SHAHJAHANPUR

वैभव सारस्वत उर्फ अबीर सूफी- फोटो : SHAHJAHANPUR

कानपुर विश्विद्यालय के यूरेपीय व विदेशी भाषा विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजय स्वर्णकार ?- फोटो : POWAYAN