शाहजहांपुर। एमनजई जलालनगर स्थित अमर शहीद-ए-वतन अशफाक उल्ला खां की मजार पर शनिवार को दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। शहीद के प्रपौत्र अशफाक उल्ला खां ने मैनपुरी के लेखक डॉ. नरेंद्र संगम की पुस्तक ‘अमर शहीद अशफाक उल्ला खंडकाव्य’ व डॉ. दीन मोहम्मद दीन की पुस्तक ‘हम हिंदी हिंदुस्तान हुए’ का विमोचन किया।
यश भारती पुरस्कार से सम्मानित डॉ. दीन मोहम्मद दीन ने कहा कि हिंदी पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोती है। कोई भी राष्ट्र अपनी मातृभाषा से ही पहचाना जाता है। मैनपुरी के लेखक डॉ. नरेंद्र संगम ने कहा कि क्रांति की इस धरा पर शहीद अशफाक उल्ला खान खंडकाव्य का लोकार्पण उनकी मजार पर करना एक अद्भुत क्षण है। खंड काव्य लिखते समय यही एक सपना था कि इसका लोकार्पण शहीद अशफाक उल्ला खां की मजार शहीद के परिवार के सदस्य के हाथों से किया जाए।
आज यहां आकर इस तरह की और भी रचनाएं लिखने के लिए प्रेरित हुआ हूं। बेवर (मैनपुरी) में विशाल शहीद मेले के आयोजक राज त्रिपाठी ने कहा कि इस तरह की पुस्तकें क्रांतिकारियों के विषय में अगली पीढ़ी तक उनके विचार पहुंचाने का बड़ा सशक्त माध्यम है। इस दौरान रफी खान, कैलाश दुबे, राशिद हुसैन राही जुगनू, जीशान सकलैनी, अफवान यार खां आदि मौजूद रहे।