{"_id":"646a65fc892c52fbd70d8094","slug":"wounds-will-heal-soon-with-smart-nanobandage-dr-adarshs-role-in-the-patent-shahjahanpur-news-c-4-1-161046-2023-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: स्मार्ट नैनोबैंडेज से जल्द भरेगा जख्म, पेटेंट में डॉ. आदर्श की भी भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: स्मार्ट नैनोबैंडेज से जल्द भरेगा जख्म, पेटेंट में डॉ. आदर्श की भी भूमिका
Mon, 22 May 2023 12:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 22 May 2023 12:12 AM IST
विज्ञापन
डॉ. आदर्श पांडेय, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष एसएस कॉलेज।
-
- 1
-
Link Copied
शाहजहांपुर। ‘स्मार्ट नैनोबैंडेज (नैनोपार्टिकल्स) फॉर द वुंड ड्रेसिंग’ विषयक आविष्कार को मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पेटेंट पब्लिश किया है। यह स्मार्ट नैनोबैंडेज घाव को जल्द भरने में कारगर साबित होगा। इस महत्वपूर्ण आविष्कार में एसएस कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका है। डॉ. आदर्श ने बताया कि अभी यह पेटेंट पब्लिश हुआ है। अभी ग्रांट होनी बाकी है।
डॉ. आदर्श पांडेय ने बताया कि इस महत्वपूर्ण आविष्कार को पब्लिश करने में उनके साथ महाराष्ट्र से प्रिया लोकरे, उत्तराखंड से डॉ. अनुराग रावत, महाराष्ट्र से योगेश पंढरीनाथ शिंदे, महाराष्ट्र से बालाजी परशुराम उचितकर, महाराष्ट्र से रुपाली राजेन्द्र मुंजे, गौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश से भाविनी शर्मा, प्रांजलि सक्सेना, महाराष्ट्र से अमृता ठाकुर, महाराष्ट्र से डॉ. रेशमा भगवानराव पाटिल, ब्राजील से डॉ. एड्रिअन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के इस महत्वपूर्ण आविष्कार के बारे में डॉ. आदर्श पांडेय ने बताया कि नैनोपार्टिकल अत्यंत छोटे तत्व होते हैं। इनके आयाम सामान्यत: 1 से 100 नैनोमीटर के बीच होते हैं। इन्हें धातु, धातु अवनशित्र, पॉलिमर या क्वांटम डॉट्स जैसी विभिन्न सामग्रियों से बनाया जा सकता है। उनके छोटे आकार के कारण, नैनोपार्टिकल्स में अद्वितीय भौतिक, रासायनिक और जैविक गुण होते हैं जो उन्हें उनके बड़े आकार के सामान्य रूपांतरित माल से अलग करते हैं। डॉ. आदर्श ने अपने इस प्रथम पेटेंट को अपनी स्वर्गीय मां बिटोली देवी को समर्पित किया है। उनकी उपलब्धि पर एसएस कॉलेज के सचिव डॉ. अवनीश मिश्रा, प्राचार्य प्रोफेसर राकेश कुमार आजाद ने बधाई दी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
सर्जरी के क्षेत्र में क्रांति लाएगी नैनोबैंडेज
नैनोबैंडेज का निर्माण सिल्वर व गोल्ड जैसे धातुओं की सूक्ष्मजीव प्रतिरोधक क्षमता का बखूबी इस्तेमाल करके व नैनोपार्टिकल्स के धागों का उपयोग करके किया जाएगा। नैनोबैंडेज घाव को कम से कम समय में सही करेगा। - डॉ. आदर्श पांडेय, विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान, एसएस कॉलेज
विज्ञापन
डॉ. आदर्श पांडेय ने बताया कि इस महत्वपूर्ण आविष्कार को पब्लिश करने में उनके साथ महाराष्ट्र से प्रिया लोकरे, उत्तराखंड से डॉ. अनुराग रावत, महाराष्ट्र से योगेश पंढरीनाथ शिंदे, महाराष्ट्र से बालाजी परशुराम उचितकर, महाराष्ट्र से रुपाली राजेन्द्र मुंजे, गौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश से भाविनी शर्मा, प्रांजलि सक्सेना, महाराष्ट्र से अमृता ठाकुर, महाराष्ट्र से डॉ. रेशमा भगवानराव पाटिल, ब्राजील से डॉ. एड्रिअन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
विज्ञापन
बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के इस महत्वपूर्ण आविष्कार के बारे में डॉ. आदर्श पांडेय ने बताया कि नैनोपार्टिकल अत्यंत छोटे तत्व होते हैं। इनके आयाम सामान्यत: 1 से 100 नैनोमीटर के बीच होते हैं। इन्हें धातु, धातु अवनशित्र, पॉलिमर या क्वांटम डॉट्स जैसी विभिन्न सामग्रियों से बनाया जा सकता है। उनके छोटे आकार के कारण, नैनोपार्टिकल्स में अद्वितीय भौतिक, रासायनिक और जैविक गुण होते हैं जो उन्हें उनके बड़े आकार के सामान्य रूपांतरित माल से अलग करते हैं। डॉ. आदर्श ने अपने इस प्रथम पेटेंट को अपनी स्वर्गीय मां बिटोली देवी को समर्पित किया है। उनकी उपलब्धि पर एसएस कॉलेज के सचिव डॉ. अवनीश मिश्रा, प्राचार्य प्रोफेसर राकेश कुमार आजाद ने बधाई दी।
विज्ञापन
सर्जरी के क्षेत्र में क्रांति लाएगी नैनोबैंडेज
नैनोबैंडेज का निर्माण सिल्वर व गोल्ड जैसे धातुओं की सूक्ष्मजीव प्रतिरोधक क्षमता का बखूबी इस्तेमाल करके व नैनोपार्टिकल्स के धागों का उपयोग करके किया जाएगा। नैनोबैंडेज घाव को कम से कम समय में सही करेगा। - डॉ. आदर्श पांडेय, विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान, एसएस कॉलेज