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रात से सुबह तक गरज के साथ के साथ फिर हुई बारिश, सर्दी बढ़ी
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पुवायां में आलू के खेत में भरा पानी
- फोटो : POWAYAN
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शाहजहांपुर। बृहस्पतिवार को दिन ओले गिरने और बारिश होने के साथ ही तेज हवा चलने से फसलों को नुकसान हुआ है। देर रात से गरज के साथ फिर बारिश होने लगी। हालांकि रात में बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री बढ़कर 10.8 डिग्री सेल्सियस हुआ, लेकिन शुक्रवार को सुबह तक पांच मिमी बारिश होने के बाद दिन भर मौसम असामान्य बना रहा।
हवा में नमी बढ़ने के कारण सर्दी भी बढ़ गई, जिससे अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री घटकर 16.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। रात में हुई बारिश के कारण तमाम खेतों में पानी भरने से सरसों के अलावा आलू की फसल भी खराब होने की आशंका है।
रात करीब दस बजे फिर से बादल घने होकर गरजने लगे और कुछ देर बाद बरसात होने लगी। इससे किसान परेशान हो उठे। दिन में हुई बारिश से गीले हो चुके खेत रात से सुबह तक हुई पांच मिमी बारिश का पानी सोख नहीं सके। इस कारण आलू, मटर आदि फसलें खेतों में पानी भर जाने से खराब होने के कगार पर पहुंच गई हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार इससे गेहूं के पौधों की बढ़वार तेज होगी और गन्ना में वजन बढ़ जाएगा, लेकिन हवा की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी तो सरसों, मसूर गिर जाएगी। इन दिनों सरसों में फूल आ रहा है। बारिश के साथ ज्यादा हवा चली तो सरसों का फूल झड़ने से उत्पादन प्रभावित होगा।
गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार सुबह की तुलना में शाम को वायुदाब में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन इससे शनिवार को मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। बताया कि शनिवार को भी दिन भर बादल छाए रहेंगे और वातावरण में बढ़ी हुई आर्द्रता शीतलहर का प्रकोप बढ़ा सकती है।
निगोही क्षेत्र के गांवों में फसलें हुईं खराब
निगोही। गांव भर्री बसन्तपुर, भरतपुर व डालमिया चीनी मिल के निकट गांव गिरगिचा में छर्री जैसे ओले गिर जाने से रबी की फसलों की भारी क्षति हुई है। तालगांव, जिन्दपुरा, लोहरगवां, चक बकैनिया, सफौरा, भटपुरा मिश्र, सहतेपुर, पचदेवरा, मूढ़ाकली, रूहेला बसारी, गुलरिया आदि गांवों में आलू, मसूर, सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश में धान की फसल खराब हो चुकी है।
किसानों की बात
ओले गिरने और तेज हवा चलने के साथ बारिश होने से मेरी करीब छह बीघा सरसों की फसल का नुकसान हो गया। बारिश और हवा नहीं थमी तो नुकसान बढ़ जाएगा। -निर्जेश सिंह, कुनिया बिहारीपुर (जैतीपुर)
घर में खाने की जरूरत पूरी करने के लिए आलू की फसल बोई थी, लेकिन तराई के खेत मेें पानी भर जाने से आलू को नुकसान हो गया। करीब एक एकड़ सरसों भी गिर गई है। -सत्य प्रकाश मिश्रा, सुरजूपुर (जैतीपुर)
लाइन फाल्ट से शहर समेत कई इलाकों की बत्ती गुल
शाहजहांपुर। बीते दिन आंधी और ओलावृष्टि के बाद से खराब हुई शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में कई इलाकों की बिजली आपूर्ति शुक्रवार को दूसरे दिन भी पटरी पर नही लौट सकी। ककरा उपकेंद्र की 33 केवी हाईटेंशन लाइन में खराबी आ जाने से वहां के सभी फीडरों से जुड़े इलाको में सुबह नौ बजे से दस बजे के बाद तक बत्ती गुल रही और बाद में भी ट्रिपिंग की समस्या से भरपूर बिजली नहीं मिल पाई। उधर, खुदागंज क्षेत्र में 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोग परेशान हो गए।
ककरा उपकेंद्र के सब स्टेशन ऑपरेटर ने बताया कि सुबह बारिश के दौरान तेज हवा चलने से 33 केवी इनकमिंग लाइन फेल हो गई। पारेषण खंड के चिनौर स्थित 132 केवी उपकेंद्र से निकली इस लाइन की खराबी को ठीक करने में करीब एक घंटा लगा। बाद मेें बिजली आपूर्ति शुरू होने पर भी लाइन शार्ट सर्किट के कारण बार-बार बंद होती रही। खुदागंज क्षेत्र में कई जगह पेड़ की डालें गिरने और पोल तिरछे होने से बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने से आधी रात के बाद से दिन भर कई फीडर बंद रहे। प्रभावित क्षेत्रों को दूसरे फीडर से जोड़े जाने पर ओवरलोडिंग की समस्या पैदा हो गई।
लंबे समय तक बत्ती गुल रहने तमाम घरों के इनवर्टर और मोबाइल बंद हो गए। क्षेत्रीय अवर अभियंता राजेश सैनी ने बताया कि तेज हवा ने कई खंभे गिरा दिए हैं और कई जगहों पर पेड़ टूटकर तारों पर गिर गए हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारी लगातार विद्युत व्यवस्था ठीक करने में लगे हुए हैं, लेकिन मौसम बिगड़ा होने के कारण समय अधिक लग गया। संवाद
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हवा में नमी बढ़ने के कारण सर्दी भी बढ़ गई, जिससे अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री घटकर 16.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। रात में हुई बारिश के कारण तमाम खेतों में पानी भरने से सरसों के अलावा आलू की फसल भी खराब होने की आशंका है।
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रात करीब दस बजे फिर से बादल घने होकर गरजने लगे और कुछ देर बाद बरसात होने लगी। इससे किसान परेशान हो उठे। दिन में हुई बारिश से गीले हो चुके खेत रात से सुबह तक हुई पांच मिमी बारिश का पानी सोख नहीं सके। इस कारण आलू, मटर आदि फसलें खेतों में पानी भर जाने से खराब होने के कगार पर पहुंच गई हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार इससे गेहूं के पौधों की बढ़वार तेज होगी और गन्ना में वजन बढ़ जाएगा, लेकिन हवा की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी तो सरसों, मसूर गिर जाएगी। इन दिनों सरसों में फूल आ रहा है। बारिश के साथ ज्यादा हवा चली तो सरसों का फूल झड़ने से उत्पादन प्रभावित होगा।
गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार सुबह की तुलना में शाम को वायुदाब में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन इससे शनिवार को मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। बताया कि शनिवार को भी दिन भर बादल छाए रहेंगे और वातावरण में बढ़ी हुई आर्द्रता शीतलहर का प्रकोप बढ़ा सकती है।
निगोही क्षेत्र के गांवों में फसलें हुईं खराब
निगोही। गांव भर्री बसन्तपुर, भरतपुर व डालमिया चीनी मिल के निकट गांव गिरगिचा में छर्री जैसे ओले गिर जाने से रबी की फसलों की भारी क्षति हुई है। तालगांव, जिन्दपुरा, लोहरगवां, चक बकैनिया, सफौरा, भटपुरा मिश्र, सहतेपुर, पचदेवरा, मूढ़ाकली, रूहेला बसारी, गुलरिया आदि गांवों में आलू, मसूर, सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश में धान की फसल खराब हो चुकी है।
किसानों की बात
ओले गिरने और तेज हवा चलने के साथ बारिश होने से मेरी करीब छह बीघा सरसों की फसल का नुकसान हो गया। बारिश और हवा नहीं थमी तो नुकसान बढ़ जाएगा। -निर्जेश सिंह, कुनिया बिहारीपुर (जैतीपुर)
घर में खाने की जरूरत पूरी करने के लिए आलू की फसल बोई थी, लेकिन तराई के खेत मेें पानी भर जाने से आलू को नुकसान हो गया। करीब एक एकड़ सरसों भी गिर गई है। -सत्य प्रकाश मिश्रा, सुरजूपुर (जैतीपुर)
लाइन फाल्ट से शहर समेत कई इलाकों की बत्ती गुल
शाहजहांपुर। बीते दिन आंधी और ओलावृष्टि के बाद से खराब हुई शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में कई इलाकों की बिजली आपूर्ति शुक्रवार को दूसरे दिन भी पटरी पर नही लौट सकी। ककरा उपकेंद्र की 33 केवी हाईटेंशन लाइन में खराबी आ जाने से वहां के सभी फीडरों से जुड़े इलाको में सुबह नौ बजे से दस बजे के बाद तक बत्ती गुल रही और बाद में भी ट्रिपिंग की समस्या से भरपूर बिजली नहीं मिल पाई। उधर, खुदागंज क्षेत्र में 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोग परेशान हो गए।
ककरा उपकेंद्र के सब स्टेशन ऑपरेटर ने बताया कि सुबह बारिश के दौरान तेज हवा चलने से 33 केवी इनकमिंग लाइन फेल हो गई। पारेषण खंड के चिनौर स्थित 132 केवी उपकेंद्र से निकली इस लाइन की खराबी को ठीक करने में करीब एक घंटा लगा। बाद मेें बिजली आपूर्ति शुरू होने पर भी लाइन शार्ट सर्किट के कारण बार-बार बंद होती रही। खुदागंज क्षेत्र में कई जगह पेड़ की डालें गिरने और पोल तिरछे होने से बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने से आधी रात के बाद से दिन भर कई फीडर बंद रहे। प्रभावित क्षेत्रों को दूसरे फीडर से जोड़े जाने पर ओवरलोडिंग की समस्या पैदा हो गई।
लंबे समय तक बत्ती गुल रहने तमाम घरों के इनवर्टर और मोबाइल बंद हो गए। क्षेत्रीय अवर अभियंता राजेश सैनी ने बताया कि तेज हवा ने कई खंभे गिरा दिए हैं और कई जगहों पर पेड़ टूटकर तारों पर गिर गए हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारी लगातार विद्युत व्यवस्था ठीक करने में लगे हुए हैं, लेकिन मौसम बिगड़ा होने के कारण समय अधिक लग गया। संवाद