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कोलाघाट पैंटून पुल चालू होने को करना पड़ेगा इंतजार, नहीं पहुंचे स्लीपर

Tue, 11 Jan 2022 01:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 01:24 AM IST
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Will have to wait for the commissioning of the Kolaghat Pantoon bridge, the sleepers did not arrive
शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में कोलाघाट पर अधूरा पड़ा पैंटून पुल। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। कोलाघाट पर पैंटून पुल चालू होने के लिए जलालाबाद से लेकर मिर्जापुर और कलान क्षेत्र तक के लोगों को अभी कुछ दिन ओर इंतजार करना पड़ेगा। रायपुर (छत्तीसगढ़) स्थित वन विभाग के काष्ठ डिपो से 100 नए स्लीपर की अंतिम खेप सोमवार को भी नहीं आ सकी। यही नहीं, पैंटून पुल में जुड़े दो पुराने पैंटून भी लीक हो गए, जिन्हें पुल से हटाकर वेल्डिंग कराने के बाद पुल में दोबारा लगा जाएगा।
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कोलाघाट पैंटून पुल का निर्माण गत 28 दिसंबर से अधूरा पड़ा है। जल्दबाजी में यह पुल 17 दिसंबर को पुराने पैंटून और स्लीपर से तैयार किया, क्योंकि अगले दिन 18 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर प्रधानमंत्री की रैली थी। रैली के लिहाज से पुल बनाने का मकसद पूरा हो गया, लेकिन उसके टिकाऊपन पर ध्यान नहीं दिए जाने से दस दिन बाद ही वाहनों की आवाजाही से पैंटून पुल के बोल्ट टूटने से कई पुराने स्लीपर भी क्षतिग्रस्त हो गए। तब से कलान मिर्जापुर क्षेत्र के लगभग 200 गांवों के बाशिंदे रामगंगा नदी को जान जोखिम में डालकर नाव से पार करने को मजबूर हैं।
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30 दिसंबर को कोलाघाट पर यात्रियों को नदी पार ले जा रही एक छोटी नाव असंतुलित होकर रामगंगा में पलट गई थी। इस दुर्घटना में बोट पर बाइक पकड़े खड़े पांच लोगों सहित चार बाइकें और एक साइकिल भी नदी में गिर गए थे। गनीमत रही कि नदी के किनारे हुई इस घटना में नाविकों ने किसी तरह सभी को डूबने से बचाकर सुरक्षित निकाल लिया था। नाव दुर्घटना के बाद प्रशासन ने पैंटून पुल निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग ने रायपुर से लकड़ी के 250 स्लीपर मंगवाए थे।
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बीती चार जनवरी को वहां से 121 स्लीपर की पहली खेप तो आ गई, किंतु दूसरी खेप सोमवार तक नहीं आ सकी। लोनिवि ने 121 नए स्लीपर और पुराने स्लीपर मिलाकर पुल तैयार करना शुरू किया, फिर भी स्लीपर कम पड़ गए। अभी नए स्लीपर आने का इंतजार हो रहा था कि पुल में लगे दो पुराने पैंटून भी नीचे से लीक होने पर उनमें पानी भरने लगा।

ठेकेदार अभिषेक कुमार के अनुसार लीक पैंटून की मरम्मत के लिए उन्हें नदी से निकलवाया जाना है और इसके लिए क्रेन की व्यवस्था की जा रही है। लोनिवि (निर्माण खंड-1) के अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी के अनुसार स्लीपर की अंतिम खेप रायपुर से चल चुकी है और कभी भी कोलाघाट पहुंच सकती है। इस बीच, लीक पैंटून की रिपेयरिंग कराकर उन्हें पुल में लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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