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Shahjahanpur News: झेलना ही होगा बिजली संकट...10 में सिर्फ पांच उपकेंद्र को मिली जमीन

Fri, 23 Feb 2024 01:37 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Fri, 23 Feb 2024 01:37 AM IST
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Will have to face electricity crisis...only five out of 10 sub-stations got land
निगोही के संडा खास में उपकेंद्र बनाने को लगा बाेर्ड। स्रोत : जागरुक पाठक
शाहजहांपुर। इस गर्मी भी लोगों को बिजली संकट झेलना ही पड़ेगा, क्योंकि रीवैंप योजना के तहत स्वीकृत दस उपकेंद्रों में मात्र पांच के लिए जमीन मिल पाई है। शेष के लिए चिह्नीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में लोगों को ओवरलोडिंग की समस्या से जल्द निजात मिलनी मुश्किल है। सबसे ज्यादा संकट ग्रामीण इलाके की आबादी के लिए रहेगा।
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जलालाबाद तहसील में चार, पुवायां में दो, तिलहर में एक और विद्युत वितरण खंड प्रथम में तीन उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव को स्वीकृति मिली थी। प्रत्येक उपकेंद्र पर पांच-पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगाकर आसपास के लोगों को राहत देने की मंशा थी। रीवैंप योजना के मार्च में शुरू होने वाले दूसरे चरण में उपकेंद्रों के निर्माण का काम शुरू कराना था, लेकिन बिजलीघरों के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया धरातल पर नहीं उतर सकी। जिले के पांच उपकेंद्रों के लिए जमीन फाइनल करते हुए गाटा संख्या दे दी गई, लेकिन बचे पांच उपकेंद्रों के लिए जमीन देख ली गई। उस पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी। इसके चलते ग्रामीण इलाके में लोगों को लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है।
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इन पांच केंद्रों को मिली जमीन
-तिलहर डिवीजन के गढि़यारंगीन, जलालाबाद डिवीजन के परौर, पुवायां के देवकली और मुड़ियां कुर्मियात में उपकेंद्रों के लिए बिजली निगम के अभिलेखों में जमीन आ गई है। वहीं, सल्लिया उपकेंद्र के लिए भी संडा खास में जमीन के लिए बोर्ड लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त अटसलिया औद्योगिक क्षेत्र, टिकरी, जलालाबाद के खजुरिया, बरीखास और सुजावलपुर में जमीन फाइनल नहीं हो सकी है। यहां पर जमीन आवंटन की प्रक्रिया चल रही है।
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ग्रामीण इलाकों में राहत मिलना मुश्किल
-देहात क्षेत्रों में बिजली की लाइनें लंबी होने की वजह से आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। लंबी लाइन के चलते फाल्ट आने पर गश्त कर उसे तलाशने में देर लगती है। लाइनों की लंबाई कम कराने और फाल्ट खत्म कराने के लिए उपकेंद्र बनाने की तैयारी थी, लेकिन जमीन आवंटन में देरी के चलते राहत मिलना मुश्किल है।
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-पुवायां डिवीजन के साथ पांच उपकेंद्रों के लिए जमीन मिल गई। शेष की जमीन के लिए कार्य चल रहा है।
राजकुमार, नोडल अधिकारी, विद्युत निगम
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