{"_id":"637bc8270c11c63c941c2115","slug":"when-defeated-by-the-system-he-himself-made-a-wooden-bridge-over-the-river-shahjahanpur-news-bly5045788107","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम से हारे तो खुद बना डाला खन्नौत नदी पर लकड़ी का पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम से हारे तो खुद बना डाला खन्नौत नदी पर लकड़ी का पुल
विज्ञापन
सिंधौली के पसिगनपुर गांव में ग्रामीणों ने खन्नौत नदी पर बनाया लकडी का पुल। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर/सिंधौली। दशकों से खन्नौत नदी पर एक पुल की मांग कर रहे सिंधौली के पसिगनपुर गांव के लोगों की कहीं सुनवाई नहीं हुई। प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाकर थक चुके लोगों ने अपनी समस्या से निजात के लिए खुद ही बीड़ा उठाया। आपस में चंदा कर ग्रामीणों ने 26 हजार रुपये जुटाए और लकड़ी का पुल बना डाला। हालांकि ग्रामीण हर साल इस पुल को बनाते हैं, उनके मन में जिम्मेदारों की अनदेखी को लेकर कसक है।
पसिगनपुर के पास बह रही खन्नौत नदी पर पुल बनवाने की मांग दशकों पुरानी है। गांव से महज दस किमी दूर पुवायां जाने के लिए ग्रामीणों को 20 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ता है। इस समस्या से परेशान ग्रामीण कई बार मांगपत्र भेज चुके हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी शिकायत करते रहे हैं। चुनाव के वक्त वोट के लिए जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को पुल बनवाने का आश्वासन देते रहे लेकिन कभी हुआ कुछ नहीं। गांव के झंकार सिंह ने बताया कि पिछले चार-पांच साल से वह खुद ग्रामीणों के सहयोग से बरसात के बाद नदी का पानी कम होने पर लकड़ी का पुल बनाते चले आ रहे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुल बह जाता है। इस बार भी बरसात के बाद सभी ग्रामीणों से चंदा कर 26 हजार रुपये जुटाए हैं। इससे पुल बना रहे हैं। गांव के दिनेश कुमार ने बताया कि अगर यह पुल बन जाता है तो ग्रामीणों को बहुत आराम हो जाएगा। आसपास के गांवों के ग्रामीणों को पुवायां जाने में दूरी के साथ ही समय और रुपये की बचत होगी।
अनूप वर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में लोग नाव का सहारा लेते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ा होने से हादसा भी हो सकता है। जनप्रतिनिधि अगर जनता का ख्याल रखते तो अब तक पक्का पुल बनकर तैयार हो गया होता। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बबली सुधाकर त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने पुल बनवाने के लिए जिला पंचायत की बैठक में मुद्दा उठाया था। मंत्री सुरेश कुमार खन्ना से भी पसिगनपुर पैंटून पुल, खुदागंज में भुंडी घाट, कुदईघाट, सिंधौली में कठपुरा घाट पर पक्का पुल बनवाने की मांग की थी। संवाद
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव का किया था बहिष्कार
पक्का पुल बनवाने की मांग कर रहे ग्रामीणों की बात जब नहीं सुनी गई तो आजिज आकर उन्होंने 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार कर दिया था। तब भाजपा प्रत्याशी चेतराम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया था। तब भी ग्रामीण मतदान के लिए तैयार नहीं हुए थे। बाद में अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मतदान कराया था।
ऐसे बनाते हैं पुल
गांव के झंकार सिंह ने बताया कि पुवायां जाने के लिए नदी पार करने की जरूरत होती है। पहले नाव का सहारा लेना पड़ता था। फिर ग्रामीणों ने अपने स्तर से पुल बनवाने का निश्चय किया। चार-पांच साल से वह पुल बना रहे हैं। इसमें लकड़ी, बांस, तार, कील, पटले, बोरी, मिट्टी आदि की जरूरत पड़ती है। बांस नदी में गाड़कर ऊपर पटले रखकर पुल बना लेते हैं। ज्यादा तकनीकी जानकारी नहीं है लेकिन अनुभव के आधार पर काम चल जाता है। चंदे में ग्रामीण सहयोग करते हैं। इसके बाद आसपास के गांवों से पुल से निकलने वाले राहगीरों से सहयोग स्वरूप मामूली वसूली की जाती है। पुल एक-दो दिन में पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।
पुल से इन गांवों को मिलेगा लाभ
खन्नौत नदी पर पुल बनने से शेखूपुर, सरैया जब्ती, मनुआबारी, मुजफ्फरपुर, दुल्हापुर, सिमरा, पैगापुर, खमरिया, वछियानी, घाटबोझ, दिलावरपुर, सुहेली, मरौरी, ईटारोड़ा, बिलंदपुर, मियापुर अख्तियारपुर, गैलतपुर, इदरखू आदि गांवों के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा। क्षेत्र की आबादी 35-40 हजार है।
पसिगनपुर के पास खन्नौत नदी पर पुल का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। पुल को मंजूरी मिलने की दशा में इस्टीमेट आदि संबंधित विभाग बनवाएगा। पूरा प्रयास है कि पुल जल्द बने। - चेतराम, विधायक पुवायां
विज्ञापन
पसिगनपुर के पास बह रही खन्नौत नदी पर पुल बनवाने की मांग दशकों पुरानी है। गांव से महज दस किमी दूर पुवायां जाने के लिए ग्रामीणों को 20 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ता है। इस समस्या से परेशान ग्रामीण कई बार मांगपत्र भेज चुके हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी शिकायत करते रहे हैं। चुनाव के वक्त वोट के लिए जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को पुल बनवाने का आश्वासन देते रहे लेकिन कभी हुआ कुछ नहीं। गांव के झंकार सिंह ने बताया कि पिछले चार-पांच साल से वह खुद ग्रामीणों के सहयोग से बरसात के बाद नदी का पानी कम होने पर लकड़ी का पुल बनाते चले आ रहे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुल बह जाता है। इस बार भी बरसात के बाद सभी ग्रामीणों से चंदा कर 26 हजार रुपये जुटाए हैं। इससे पुल बना रहे हैं। गांव के दिनेश कुमार ने बताया कि अगर यह पुल बन जाता है तो ग्रामीणों को बहुत आराम हो जाएगा। आसपास के गांवों के ग्रामीणों को पुवायां जाने में दूरी के साथ ही समय और रुपये की बचत होगी।
विज्ञापन
अनूप वर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में लोग नाव का सहारा लेते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ा होने से हादसा भी हो सकता है। जनप्रतिनिधि अगर जनता का ख्याल रखते तो अब तक पक्का पुल बनकर तैयार हो गया होता। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बबली सुधाकर त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने पुल बनवाने के लिए जिला पंचायत की बैठक में मुद्दा उठाया था। मंत्री सुरेश कुमार खन्ना से भी पसिगनपुर पैंटून पुल, खुदागंज में भुंडी घाट, कुदईघाट, सिंधौली में कठपुरा घाट पर पक्का पुल बनवाने की मांग की थी। संवाद
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव का किया था बहिष्कार
पक्का पुल बनवाने की मांग कर रहे ग्रामीणों की बात जब नहीं सुनी गई तो आजिज आकर उन्होंने 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार कर दिया था। तब भाजपा प्रत्याशी चेतराम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया था। तब भी ग्रामीण मतदान के लिए तैयार नहीं हुए थे। बाद में अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मतदान कराया था।
ऐसे बनाते हैं पुल
गांव के झंकार सिंह ने बताया कि पुवायां जाने के लिए नदी पार करने की जरूरत होती है। पहले नाव का सहारा लेना पड़ता था। फिर ग्रामीणों ने अपने स्तर से पुल बनवाने का निश्चय किया। चार-पांच साल से वह पुल बना रहे हैं। इसमें लकड़ी, बांस, तार, कील, पटले, बोरी, मिट्टी आदि की जरूरत पड़ती है। बांस नदी में गाड़कर ऊपर पटले रखकर पुल बना लेते हैं। ज्यादा तकनीकी जानकारी नहीं है लेकिन अनुभव के आधार पर काम चल जाता है। चंदे में ग्रामीण सहयोग करते हैं। इसके बाद आसपास के गांवों से पुल से निकलने वाले राहगीरों से सहयोग स्वरूप मामूली वसूली की जाती है। पुल एक-दो दिन में पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।
पुल से इन गांवों को मिलेगा लाभ
खन्नौत नदी पर पुल बनने से शेखूपुर, सरैया जब्ती, मनुआबारी, मुजफ्फरपुर, दुल्हापुर, सिमरा, पैगापुर, खमरिया, वछियानी, घाटबोझ, दिलावरपुर, सुहेली, मरौरी, ईटारोड़ा, बिलंदपुर, मियापुर अख्तियारपुर, गैलतपुर, इदरखू आदि गांवों के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा। क्षेत्र की आबादी 35-40 हजार है।
पसिगनपुर के पास खन्नौत नदी पर पुल का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। पुल को मंजूरी मिलने की दशा में इस्टीमेट आदि संबंधित विभाग बनवाएगा। पूरा प्रयास है कि पुल जल्द बने। - चेतराम, विधायक पुवायां