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तेज हवा के साथ हुई बारिश, फसल गिरी
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शाहजहांपुर के परौर क्षेत्र में रविवार शाम बारिश के दौरान चली तेज हवा से खेतों में गिरी धान की तैय?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। रविवार शाम मौसम फिर बदल गया। तड़के मामूली बूंदाबांदी के बाद दिन भर सूरज बादलों से लुकाछिपी खेलता रहा, लेकिन सूर्यास्त के बाद घने बादल मंडराने लगे और बारिश होने लगी। तेज हवा से परौर समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में कटने को तैयार खड़ी धान की फसल गिर जाने से किसान चिंतित हैं। बारिश ने सोमवार से क्रय केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद शुरू होने की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है।
बंगाल की खाड़ी में उड़ीसा तट पर उठे गुलाब तूफान की वजह से जनपद में गत दो दिन से पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी हो गया था। वायुदाब में उतार-चढ़ाव आने के साथ ही गत शुक्रवार शाम से मौसम में भी बदलाव दिखने लगा। शनिवार रात करीब 10.30 बजे से महीन बूंदें गिरने लगीं। रविवार शाम पांच बजे के बाद फिर से बादल अचानक घने हुए और बारिश होने लगी।
परौर क्षेत्र में शाम करीब चार बजे से छह बजे तक हुई भारी बरसात के कारण कई गांवों के तमाम काश्तकारों की धान की फसल तेज हवा से खेतों में पलट गई है। इससे किसानों को नुकसान की आशंका है। गांव हैदरपुर निवासी पप्पू कुशवाहा, धनपाल सिंह परौर के कमलेश कुमार कश्यप, नारायणनगर के अवधेश कुमार कश्यप आदि किसानों का कहना है कि मौसम जल्द नहीं सुधरा तो बाढ़ से बची फसलें भी खराब हो जाएंगी।
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सोमवार को भी बूंदाबांदी के आसार
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार वायुदाब में विचलन मौसम को सामान्य नहीं होने दे रहा है। उनका कहना है कि बारिश से आर्द्रता बढ़कर 95 फीसदी हो गई और इससे धान में भी नमी बढ़ जाएगी। सोमवार को भी दिन भर बादल छाए रहेंगे और इस दौरान हल्की वर्षा होने की संभावना है।
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बंगाल की खाड़ी में उड़ीसा तट पर उठे गुलाब तूफान की वजह से जनपद में गत दो दिन से पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी हो गया था। वायुदाब में उतार-चढ़ाव आने के साथ ही गत शुक्रवार शाम से मौसम में भी बदलाव दिखने लगा। शनिवार रात करीब 10.30 बजे से महीन बूंदें गिरने लगीं। रविवार शाम पांच बजे के बाद फिर से बादल अचानक घने हुए और बारिश होने लगी।
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परौर क्षेत्र में शाम करीब चार बजे से छह बजे तक हुई भारी बरसात के कारण कई गांवों के तमाम काश्तकारों की धान की फसल तेज हवा से खेतों में पलट गई है। इससे किसानों को नुकसान की आशंका है। गांव हैदरपुर निवासी पप्पू कुशवाहा, धनपाल सिंह परौर के कमलेश कुमार कश्यप, नारायणनगर के अवधेश कुमार कश्यप आदि किसानों का कहना है कि मौसम जल्द नहीं सुधरा तो बाढ़ से बची फसलें भी खराब हो जाएंगी।
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सोमवार को भी बूंदाबांदी के आसार
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार वायुदाब में विचलन मौसम को सामान्य नहीं होने दे रहा है। उनका कहना है कि बारिश से आर्द्रता बढ़कर 95 फीसदी हो गई और इससे धान में भी नमी बढ़ जाएगी। सोमवार को भी दिन भर बादल छाए रहेंगे और इस दौरान हल्की वर्षा होने की संभावना है।