{"_id":"66cfac85d7fab017920f2584","slug":"water-level-in-ganga-decreased-highway-submerged-for-the-fourth-day-traffic-disrupted-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-125910-2024-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: गंगा में जलस्तर घटा, चाैथे दिन भी हाईवे जलमग्न... आवागमन बाधित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: गंगा में जलस्तर घटा, चाैथे दिन भी हाईवे जलमग्न... आवागमन बाधित
Thu, 29 Aug 2024 04:32 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 29 Aug 2024 04:32 AM IST
विज्ञापन
जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर गंगा की बाढ़ का पानी। संवाद
शाहजहांपुर/मिर्जापुर। लगातार चार दिन तक उफान बने रहने के बाद बुधवार को गंगा में जलस्तर दस सेमी. घट गया, लेकिन कलान के कई गांव अब भी चौतरफा बाढ़ से घिरे हुए हैं।
उधर, फर्रुखाबाद जिले की सीमा में शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे का करीब दो किमी हिस्सा चौथे दिन भी गंगा की बाढ़ में जलमग्न रहा। इससे हल्के वाहनों का आवागमन बाधित है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, कलान के भैंसार बांध पर सुबह गंगा का जलस्तर घटकर 143.30 मीटर हो गया है। नरौरा बैराज से पानी की निकासी भी अब कम हो रही है। बुधवार की सुबह नरौरा से 37 हजार 945 क्यूसेक पानी कम निकाला गया। बताया गया कि अब वहां से सिर्फ 77 हजार 233 क्यूसेक पानी निकल रहा है। इसलिए अगले 24 घंटे तक गंगा के जलस्तर में गिरावट बने रहने के आसार हैं, लेकिन तटीय इलाकों में बाढ़ से कोई राहत नही मिल रही।
शमशाबाद हाईवे पर फर्रुखाबाद जिले में चौरा ढाई गांव के पास पानी ज्यादा होने से लोगों का दुपहिया वाहनों और कारों से निकलना बंद है। शमशाबाद के कई लोग तांगा-बुग्गियों पर बाइकें रखकर निकल रहे हैं। हालांकि, बुधवार दोपहर से हाईवे पर पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो जाने से खतरा बरकरार है।
विज्ञापन
मिर्जापुर क्षेत्र के गांव पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, नगला बसोला, कमथरी और चितार के चारों ओर पानी नजर आ रहा है। इस्लामनगर के संपर्क मार्ग की पुलिया के ऊपर से पानी चल रहा है। इसी जगह गत जुलाई में आई बाढ़ में डूबकर एक किशोर की मौत हो चुकी है, लेकिन ग्रामीण जरूरी कामों के लिए मजबूरी में जलमग्न पुलिया के पास से निकल रहे हैं। नगला बसोला के संपर्क मार्ग पर भी दो जगह बाढ़ का पानी चल रहा है। इन सभी गांवों में दोबारा रोपे गए धान समेत तिल, गन्ना, शकरकंद आदि फसलों के खेतों में भी फिर से पानी भरा हुआ है।
विज्ञापन
उधर, फर्रुखाबाद जिले की सीमा में शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे का करीब दो किमी हिस्सा चौथे दिन भी गंगा की बाढ़ में जलमग्न रहा। इससे हल्के वाहनों का आवागमन बाधित है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, कलान के भैंसार बांध पर सुबह गंगा का जलस्तर घटकर 143.30 मीटर हो गया है। नरौरा बैराज से पानी की निकासी भी अब कम हो रही है। बुधवार की सुबह नरौरा से 37 हजार 945 क्यूसेक पानी कम निकाला गया। बताया गया कि अब वहां से सिर्फ 77 हजार 233 क्यूसेक पानी निकल रहा है। इसलिए अगले 24 घंटे तक गंगा के जलस्तर में गिरावट बने रहने के आसार हैं, लेकिन तटीय इलाकों में बाढ़ से कोई राहत नही मिल रही।
विज्ञापन
शमशाबाद हाईवे पर फर्रुखाबाद जिले में चौरा ढाई गांव के पास पानी ज्यादा होने से लोगों का दुपहिया वाहनों और कारों से निकलना बंद है। शमशाबाद के कई लोग तांगा-बुग्गियों पर बाइकें रखकर निकल रहे हैं। हालांकि, बुधवार दोपहर से हाईवे पर पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो जाने से खतरा बरकरार है।
विज्ञापन
मिर्जापुर क्षेत्र के गांव पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, नगला बसोला, कमथरी और चितार के चारों ओर पानी नजर आ रहा है। इस्लामनगर के संपर्क मार्ग की पुलिया के ऊपर से पानी चल रहा है। इसी जगह गत जुलाई में आई बाढ़ में डूबकर एक किशोर की मौत हो चुकी है, लेकिन ग्रामीण जरूरी कामों के लिए मजबूरी में जलमग्न पुलिया के पास से निकल रहे हैं। नगला बसोला के संपर्क मार्ग पर भी दो जगह बाढ़ का पानी चल रहा है। इन सभी गांवों में दोबारा रोपे गए धान समेत तिल, गन्ना, शकरकंद आदि फसलों के खेतों में भी फिर से पानी भरा हुआ है।