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वोटर लिस्टों में आधार कार्ड नंबर जोड़ने का अभियान शुरू
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:44 PM IST
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भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मंगलवार से मतदाता सूचियों के नाम व फोटो में संशोधन के साथ आधार नंबर लिंक अप करने का अभियान शुरू कर दिया गया। डीएम शुभ्रा सक्सेना के निर्देश पर बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर कुंडी खटकाई और मतदाताओं से वांछित सूचनाएं जुटाईं। इस बीच, एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव ने पत्रकारों को अभियान में शामिल पांच प्रमुख बिंदुओं का हवाला देते हुए कहा कि आधार नंबर लिंक अप होने से मतदाता सूचियों में नामों को लेकर फर्जीवाड़े की शिकायतें थमेंगी और एक जैसे नाम वाले कई मतदाताओें को लेकर अब भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होगी।
एडीएम ने बताया कि आयोग के नेशनल इलेक्टोरल रोल प्यूरीफिकेशन एंड अथेंटिकेशन प्रोग्राम (एनईआरपीएपी) के तहत मतदाता सूचियों की तथ्यात्मक खामियां दूर की जाएंगी। गलत नाम हटाए और नए नाम जोड़े जाएंगे। इसी तरह किसी मतदाता का नाम दो जगह की वोटर लिस्टों में होने पर ऐसे लोग स्वयं बीएलओ को फॉर्म-7 भरकर उपलब्ध कराएंगे तो भविष्य में उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
यह पूछे जाने पर कि जिन्हें आधार कार्ड नहीं मिल पाए हैं, उनके आधार नंबर लिंक अप कैसे होंगे, एडीएम ने माना कि जनवरी के अंत तक 9.26 लाख आधार कार्ड बन पाए हैं जबकि जिले में 24 लाख कार्ड बनाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आधार कार्ड बनाने वाली कार्यदायी संस्था को बायोमैट्री ब्योरा देने के बाद आधार कार्ड मिलने के बजाय केवल एसएमएस मिले हैं, वे इंटरनेट से अपना आधार कार्ड डाउन लोड करके बीएलओ को दे सकेंगे। एडीएम श्रीवास्तव के अनुसार आधार कार्ड बनाने वाली फर्जी एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कटरा में ऐसी एक एजेंसी पकड़े जाने पर एफआईआर भी कराई जा चुकी है।
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एडीएम ने बताया कि आयोग के नेशनल इलेक्टोरल रोल प्यूरीफिकेशन एंड अथेंटिकेशन प्रोग्राम (एनईआरपीएपी) के तहत मतदाता सूचियों की तथ्यात्मक खामियां दूर की जाएंगी। गलत नाम हटाए और नए नाम जोड़े जाएंगे। इसी तरह किसी मतदाता का नाम दो जगह की वोटर लिस्टों में होने पर ऐसे लोग स्वयं बीएलओ को फॉर्म-7 भरकर उपलब्ध कराएंगे तो भविष्य में उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
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यह पूछे जाने पर कि जिन्हें आधार कार्ड नहीं मिल पाए हैं, उनके आधार नंबर लिंक अप कैसे होंगे, एडीएम ने माना कि जनवरी के अंत तक 9.26 लाख आधार कार्ड बन पाए हैं जबकि जिले में 24 लाख कार्ड बनाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आधार कार्ड बनाने वाली कार्यदायी संस्था को बायोमैट्री ब्योरा देने के बाद आधार कार्ड मिलने के बजाय केवल एसएमएस मिले हैं, वे इंटरनेट से अपना आधार कार्ड डाउन लोड करके बीएलओ को दे सकेंगे। एडीएम श्रीवास्तव के अनुसार आधार कार्ड बनाने वाली फर्जी एजेंसियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कटरा में ऐसी एक एजेंसी पकड़े जाने पर एफआईआर भी कराई जा चुकी है।
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