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मतदान आज, बेखौफ होकर करें डालें वोट
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Tue, 14 Feb 2017 11:55 PM IST
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बूथ पर जाती मतदान कमऱ्चारी
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लोकतंत्र के जिस महापर्व का बेसब्री से इंतजार हो रहा था, वह घड़ी आखिर आ ही गई। विधानसभा चुनाव के लिए जिले में दूसरे चरण में बुधवार को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। मतदान के लिए सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए बूथों पर मंगलवार दोपहर तक सभी 2325 पोलिंग पार्टियों को पुलिस फोर्स के साथ वाहनों से पहुंचा दिया गया। लोग निष्पक्ष और निर्भीक होकर मतदान कर सकें, इसके लिए अति संवेदनशील और संवेदनशील बूथों पर पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स तैनात रहेगा। बता दें कि जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 71 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सर्वाधिक 14 उम्मीदवार तिलहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। तिलहर में 3.30 लाख मतदाता वोट डालेंगे। इसी तरह कटरा सीट से 13 प्रत्याशियों के लिए 3.13 लाख मतदाता, शाहजहांपुर शहर सीट से 13 प्रत्याशियों के लिए 3.58 लाख, जलालाबाद सीट से दस उम्मीदवारों के लिए 3.41 लाख, पुवायां से 11 उम्मीदवारों के लिए 3.61 लाख और ददरौल सीट से दस प्रत्याशियों के लिए 3.30 लाख मतदाता मतदान करेंगे।
मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। पूरे जिले को 25 जोन और 196 सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनके अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्रवार छह सुपर जोनल मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम कर्ण सिंह चौहान ने बताया कि अधिकारियों को इस तरह लगातार मूवमेंट में रहने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पांच-दस मिनट के अंतराल पर उनके स्तर से बूथ की निगरानी सुनिश्चित हो सके।
बता दें कि इस बार प्रशासन ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में 287 ऐसे बूथ चिन्हित किए हैं, जहां वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में विभिन्न कारणों से 50 फीसदी और इससे कम वोट पड़ सके थे। इन बूथों पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए संबंधित अफसरों को लगातार चौकसी करने के निर्देश दिए हैं। मतदान में व्यवधान उत्पन्न करने वालोें से सख्ती से निपटने के लिए सशस्त्र पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के 11 हजार जवान तैनात किए गए हैं।
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डीएम श्री चौहान ने कहा कि मतदाता बेखौफ होकर वोट डालने के लिए बूथों पर जाएं। किसी ने उन्हें वोट डालने से रोकने अथवा बूथ पर मतदान में रुकावट डालने की चेष्टा की तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में 196 बूथोें की वेब कास्टिंग कराने के लिए वहां वेब कैमरे लगा दिए गए हैं। बूथों पर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति के लिए जिम्मेदार लोग निश्चित रूप से वहां तैनात सुरक्षा बलों की गिरफ्त में ले लिए जाएंगे, इसलिए मतदाताओं को किसी भी दशा में डरने की कतई जरूरत नहीं है। इधर, ओसीएफ ग्राउंड पर मतदान केंद्रों को भेजी जाने वाली पोलिंग पार्टियों का सुबह आठ बजे से मैदान जुटने लगा। खास यह रहा कि इस बार विधानसभा क्षेत्रवार पोलिंग पार्टियों के पंडाल छावनी स्कूल के बजाय मुख्य मैदान में बनाए गए। उन्हें ले जाने को अधिग्रहीत किए गए वाहनों को सड़क के दूसरी ओर मैदान में कतारबद्ध खड़े किए गए। दिन में दस बजे तक वहां खासा गहमागहमी का माहौल हो गया। सभी पंडालों से लाउडस्पीकर के जरिए पोलिंग पार्टियों में शामिल पीठासीन और मतदान अधिकारियों के नाम पुकारे जाने से खुले मैदान में ईको साउंड जैसी गूंज का शोर कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक को परेशान करता रहा। इस बीच, डीएम कर्ण सिंह चौहान, एसपी केबी सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम सर्वेश कुमार व जितेंद्र कुमार शर्मा आदि ने पोलिंग पार्टियों की रवानगी का निरीक्षण किया। डीएम ने कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वे भयमुक्त होकर बिना किसी दबाव में मतदान कराएं क्योंकि बूथों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। खास यह रहा कि चुनाव ड्यूटी को लेकर वे सभी शिक्षिकाएं और अन्य महिला कर्मचारी बेहद परेशान दिखीं, जिनकी गोद में दुधमुंहे बच्चे थे। कई महिलाएं अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए बच्चों को साथ लेकर प्रभारी अधिकारी कार्मिक से लेकर आरओ तक के चक्कर काटकर उनसे गुहार करती दिखीं। ऐसी कई महिला कर्मचारियों को आरओ स्तर से रिजर्व टीम में शामिल करके राहत दी गई।
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मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। पूरे जिले को 25 जोन और 196 सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनके अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्रवार छह सुपर जोनल मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम कर्ण सिंह चौहान ने बताया कि अधिकारियों को इस तरह लगातार मूवमेंट में रहने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पांच-दस मिनट के अंतराल पर उनके स्तर से बूथ की निगरानी सुनिश्चित हो सके।
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बता दें कि इस बार प्रशासन ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में 287 ऐसे बूथ चिन्हित किए हैं, जहां वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में विभिन्न कारणों से 50 फीसदी और इससे कम वोट पड़ सके थे। इन बूथों पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए संबंधित अफसरों को लगातार चौकसी करने के निर्देश दिए हैं। मतदान में व्यवधान उत्पन्न करने वालोें से सख्ती से निपटने के लिए सशस्त्र पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के 11 हजार जवान तैनात किए गए हैं।
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डीएम श्री चौहान ने कहा कि मतदाता बेखौफ होकर वोट डालने के लिए बूथों पर जाएं। किसी ने उन्हें वोट डालने से रोकने अथवा बूथ पर मतदान में रुकावट डालने की चेष्टा की तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में 196 बूथोें की वेब कास्टिंग कराने के लिए वहां वेब कैमरे लगा दिए गए हैं। बूथों पर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति के लिए जिम्मेदार लोग निश्चित रूप से वहां तैनात सुरक्षा बलों की गिरफ्त में ले लिए जाएंगे, इसलिए मतदाताओं को किसी भी दशा में डरने की कतई जरूरत नहीं है। इधर, ओसीएफ ग्राउंड पर मतदान केंद्रों को भेजी जाने वाली पोलिंग पार्टियों का सुबह आठ बजे से मैदान जुटने लगा। खास यह रहा कि इस बार विधानसभा क्षेत्रवार पोलिंग पार्टियों के पंडाल छावनी स्कूल के बजाय मुख्य मैदान में बनाए गए। उन्हें ले जाने को अधिग्रहीत किए गए वाहनों को सड़क के दूसरी ओर मैदान में कतारबद्ध खड़े किए गए। दिन में दस बजे तक वहां खासा गहमागहमी का माहौल हो गया। सभी पंडालों से लाउडस्पीकर के जरिए पोलिंग पार्टियों में शामिल पीठासीन और मतदान अधिकारियों के नाम पुकारे जाने से खुले मैदान में ईको साउंड जैसी गूंज का शोर कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक को परेशान करता रहा। इस बीच, डीएम कर्ण सिंह चौहान, एसपी केबी सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम सर्वेश कुमार व जितेंद्र कुमार शर्मा आदि ने पोलिंग पार्टियों की रवानगी का निरीक्षण किया। डीएम ने कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वे भयमुक्त होकर बिना किसी दबाव में मतदान कराएं क्योंकि बूथों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। खास यह रहा कि चुनाव ड्यूटी को लेकर वे सभी शिक्षिकाएं और अन्य महिला कर्मचारी बेहद परेशान दिखीं, जिनकी गोद में दुधमुंहे बच्चे थे। कई महिलाएं अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए बच्चों को साथ लेकर प्रभारी अधिकारी कार्मिक से लेकर आरओ तक के चक्कर काटकर उनसे गुहार करती दिखीं। ऐसी कई महिला कर्मचारियों को आरओ स्तर से रिजर्व टीम में शामिल करके राहत दी गई।