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किसान राजनीति के शिकार न हों : वीएम सिंह
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खुटार में पत्रकारों से बात करते किसान नेता वीएम सिंह
- फोटो : POWAYAN
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पुवायां (शाहजहांपुर)। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि किसान राजनीति के शिकार न हों। वार्ता से ही किसान समस्याओं का हल संभव है। लखीमपुर की घटना में सरकार को मृतकों को और अधिक राशि देनी चाहिए थी। किसानों के खिलाफ गलत बयानबाजी करने वाले नेताओें पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लखीमपुर से वापस पीलीभीत जाते समय खुटार में अमरदीप सिंह के आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए किसान नेता ने कहा कि वह लखीमपुर के तिकुनिया में हुई घटना में पीड़ित किसान परिवारों को सांत्वना देकर लौट रहे हैं। उन्होंने सचेत किया कि किसान किसी भी प्रकार से राजनीति का शिकार न हों।
राजनेताओं की किसानों के प्रति गलत बयानबाजी पर सरकार को कड़ा रुख अख्तियार करना चाहिए। तिकुनिया में मारे गए लवप्रीत सिंह के परिवार से निजी संबंध बताते हुए उन्होंने कहा कि लवप्रीत के परिवार में अब कोई सहारा नहीं बचा। उनके इकलौते बेटे के साथ दुखद घटना हुई है। वह परिवार की हर संभव मदद में हमेशा खड़े रहेंगे।
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कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन पर भी उन्होंने कहा कि न्यायालय की ओर से दो वर्षों तक कृषि कानूनों में रोक लगा दी गई है। लिहाजा किसान सरकार से लिखित आदेश लेकर धरने को समाप्त करें। उन्होंने कहा कि धान क्रय केंद्रों पर खरीद में विलंब होना किसानों के प्रति सरकार की मंशा को दर्शाता है। अन्नदाता आखिर कब तक सत्ता की कठपुतली बना रहेगा। अब वक्त आ चुका है किसान अपनी सरकार बनाएं।
वीएम सिंह ने दस अक्तूबर को अमरोहा में होने वाली किसान पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह, राम शंकर मिश्रा, मनदीप सिंह, चमकौर सिंह, मनु दीक्षित, इंद्रजीत सिंह, प्रदीप शुक्ला आदि किसान मौजूद रहे।
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लखीमपुर से वापस पीलीभीत जाते समय खुटार में अमरदीप सिंह के आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए किसान नेता ने कहा कि वह लखीमपुर के तिकुनिया में हुई घटना में पीड़ित किसान परिवारों को सांत्वना देकर लौट रहे हैं। उन्होंने सचेत किया कि किसान किसी भी प्रकार से राजनीति का शिकार न हों।
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राजनेताओं की किसानों के प्रति गलत बयानबाजी पर सरकार को कड़ा रुख अख्तियार करना चाहिए। तिकुनिया में मारे गए लवप्रीत सिंह के परिवार से निजी संबंध बताते हुए उन्होंने कहा कि लवप्रीत के परिवार में अब कोई सहारा नहीं बचा। उनके इकलौते बेटे के साथ दुखद घटना हुई है। वह परिवार की हर संभव मदद में हमेशा खड़े रहेंगे।
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कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन पर भी उन्होंने कहा कि न्यायालय की ओर से दो वर्षों तक कृषि कानूनों में रोक लगा दी गई है। लिहाजा किसान सरकार से लिखित आदेश लेकर धरने को समाप्त करें। उन्होंने कहा कि धान क्रय केंद्रों पर खरीद में विलंब होना किसानों के प्रति सरकार की मंशा को दर्शाता है। अन्नदाता आखिर कब तक सत्ता की कठपुतली बना रहेगा। अब वक्त आ चुका है किसान अपनी सरकार बनाएं।
वीएम सिंह ने दस अक्तूबर को अमरोहा में होने वाली किसान पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह, राम शंकर मिश्रा, मनदीप सिंह, चमकौर सिंह, मनु दीक्षित, इंद्रजीत सिंह, प्रदीप शुक्ला आदि किसान मौजूद रहे।