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सिंघापुर भी बना मिसाल, 92 फीसदी लोग लगवा चुके वैक्सीन
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पुवायां। कोरोना की वैक्सीन लगाने को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जो लोग तमाम तरह की अफवाहें फैलाकर लोगों को भ्रमित करने का काम कर रहे है उनको पुवायां के गांव सिंघापुर खास के लोगों से सबक लेना चाहिए। यहां 45 वर्ष से अधिक उम्र के 92 प्रतिशत और 18 वर्ष से 44 वर्ष के लगभग 50 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है।
पुवायां ब्लॉक मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर बसे गांव सिंघापुर खास की आबादी 939 है। यहां 480 मतदाता और 207 मकान हैं। यहां 45 वर्ष से ऊपर के 130 लोगों में 120 लोग कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं तो 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के 350 में लगभग 180 लोगों ने अब तक टीका लगवाया है। 45 वर्ष से ऊपर के 110 लोगों ने तो दूसरी डोज भी लगवा ली है।
खास बात है कि गांव में 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीकाकरण के लिए गांव के ही स्वास्थ्य उपकेंद्र पर सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन 18 से 44 वर्ष के लोगों ने पास के ही तीन किमी दूर गांव नाहिल की पीएचसी, 13 किमी दूर पुवायां सीएचसी, 18 किमी दूर बंडा सीएचसी और 28 किमी दूर सिंधौली सीएचसी पर जाकर वैक्सीन लगवाई।
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आशा ने कहा-काफी संख्या में लोगों के शिक्षित होने का दिखा असर
पुवायां। गांव सिंघापुर के आसपास 13 किलोमीटर दूर तक कोई बेहतर स्कूल नहीं है। इसके बावजूद गांव में आठ डॉक्टर, एक होम्योपैथिक डॉक्टर, तीन लोग बीफार्मा, पांच लोग अधिवक्ता हैं। इसके अलावा भी तमाम शिक्षित लोग अन्य स्थानों पर काम कर रहे हैं। गांव की आशा बहू आरती मिश्रा ने भी जागरूक करने के लिए कड़ी मेहनत की। आरती का कहना है कि काफी संख्या में लोगों के शिक्षित होने से भी अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
मैंने गांव के कुल 207 मकानों में लगातार तीन माह तक भ्रमण किया। गांव के लोगों को समझाते हुए वैक्सीन लगवाने की अपील की। गांव में शिक्षित परिवारों ने आगे आकर पहले वैक्सीन लगवाई तो अन्य लोगों ने भी मेरी अपील पर ध्यान देकर वैक्सीन लगवाई। इसी कारण टीकाकरण ज्यादा हो सका। -आरती मिश्रा, आशा वर्कर गांव सिंघापुर खास, पुवायां
सरकार लोगों के वैक्सीन लगवाकर जीवन को बचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन लोग अफवाहें फैलाकर अपनी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। मेरी उम्र 70 वर्ष है और मैंने वैक्सीन लगवाई। दो दिन तक हल्का बुखार आया और कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई। सरकार इतना पैसा सिर्फ जनता की जान बचाने के लिए खर्च कर रही है। लोगों को बढ़ चढ़ कर वैक्सीन लगवानी चाहिए। - बृज बिहारी लाल वाजपेयी, निवासी गांव सिंघापुर खास, पुवायां
मैंने पुवायां जाकर कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। मुझे एक बार मामूली बुखार आया, इसके अलावा कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई है। हमारे गांव के लोगों ने अफवाहों पर ध्यान न देकर अपने आप वैक्सीन लगवाने का काम किया। कोरोना काल में भी हमारे गांव के लोगों ने बेहतर बचाव किया, इससे गांव के लोगों को कोरोना संक्रमण नहीं हुआ। -विकास पांडेय, निवासी गांव सिंघापुर खास, पुवायां
गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र के पास ही आरोग्य केंद्र बना हुआ है। उसी में वैक्सीन सेंटर शुरू किया गया था। गांव के लोग शिक्षित होने के कारण समझाने पर ही मान गए और आगे आकर वैक्सीन लगवा ली। जब ज्यादा लोगों ने आगे आकर इस अभियान में हिस्सा लिया तो अन्य लोगों ने भी उन्हें देखकर वैक्सीन लगवाई। इसी कारण यह सफलता मिल सकी। -वरुणदीप सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अरोग्य केंद्र गांव सिंघापुर खास, पुवायां
गांव सिंघापुर खास की आशा बहू का सहयोग रहा और गांव के लोगों ने किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण लोगों ने आगे आकर वैक्सीन लगवाने में काफी रुचि दिखाई है। अन्य लोगों को ऐसे गांवों से सीख लेनी चाहिए। आगे आकर खुद वैक्सीन लगवाएं और लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। -डॉ. मोहम्मद आसिफ, सीएचसी प्रभारी पुवायां
हमें बताएं
आपके गांव में टीकाकरण की स्थिति क्या है। मेल आईडी shahjahanpur@samvadnews.in अथवा मोबाइल नंबर पर 9580673124 व्हाट्सएप कर सूचना दे सकते हैं।
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पुवायां ब्लॉक मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर बसे गांव सिंघापुर खास की आबादी 939 है। यहां 480 मतदाता और 207 मकान हैं। यहां 45 वर्ष से ऊपर के 130 लोगों में 120 लोग कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं तो 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के 350 में लगभग 180 लोगों ने अब तक टीका लगवाया है। 45 वर्ष से ऊपर के 110 लोगों ने तो दूसरी डोज भी लगवा ली है।
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खास बात है कि गांव में 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीकाकरण के लिए गांव के ही स्वास्थ्य उपकेंद्र पर सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन 18 से 44 वर्ष के लोगों ने पास के ही तीन किमी दूर गांव नाहिल की पीएचसी, 13 किमी दूर पुवायां सीएचसी, 18 किमी दूर बंडा सीएचसी और 28 किमी दूर सिंधौली सीएचसी पर जाकर वैक्सीन लगवाई।
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आशा ने कहा-काफी संख्या में लोगों के शिक्षित होने का दिखा असर
पुवायां। गांव सिंघापुर के आसपास 13 किलोमीटर दूर तक कोई बेहतर स्कूल नहीं है। इसके बावजूद गांव में आठ डॉक्टर, एक होम्योपैथिक डॉक्टर, तीन लोग बीफार्मा, पांच लोग अधिवक्ता हैं। इसके अलावा भी तमाम शिक्षित लोग अन्य स्थानों पर काम कर रहे हैं। गांव की आशा बहू आरती मिश्रा ने भी जागरूक करने के लिए कड़ी मेहनत की। आरती का कहना है कि काफी संख्या में लोगों के शिक्षित होने से भी अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
मैंने गांव के कुल 207 मकानों में लगातार तीन माह तक भ्रमण किया। गांव के लोगों को समझाते हुए वैक्सीन लगवाने की अपील की। गांव में शिक्षित परिवारों ने आगे आकर पहले वैक्सीन लगवाई तो अन्य लोगों ने भी मेरी अपील पर ध्यान देकर वैक्सीन लगवाई। इसी कारण टीकाकरण ज्यादा हो सका। -आरती मिश्रा, आशा वर्कर गांव सिंघापुर खास, पुवायां
सरकार लोगों के वैक्सीन लगवाकर जीवन को बचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन लोग अफवाहें फैलाकर अपनी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। मेरी उम्र 70 वर्ष है और मैंने वैक्सीन लगवाई। दो दिन तक हल्का बुखार आया और कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई। सरकार इतना पैसा सिर्फ जनता की जान बचाने के लिए खर्च कर रही है। लोगों को बढ़ चढ़ कर वैक्सीन लगवानी चाहिए। - बृज बिहारी लाल वाजपेयी, निवासी गांव सिंघापुर खास, पुवायां
मैंने पुवायां जाकर कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। मुझे एक बार मामूली बुखार आया, इसके अलावा कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई है। हमारे गांव के लोगों ने अफवाहों पर ध्यान न देकर अपने आप वैक्सीन लगवाने का काम किया। कोरोना काल में भी हमारे गांव के लोगों ने बेहतर बचाव किया, इससे गांव के लोगों को कोरोना संक्रमण नहीं हुआ। -विकास पांडेय, निवासी गांव सिंघापुर खास, पुवायां
गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र के पास ही आरोग्य केंद्र बना हुआ है। उसी में वैक्सीन सेंटर शुरू किया गया था। गांव के लोग शिक्षित होने के कारण समझाने पर ही मान गए और आगे आकर वैक्सीन लगवा ली। जब ज्यादा लोगों ने आगे आकर इस अभियान में हिस्सा लिया तो अन्य लोगों ने भी उन्हें देखकर वैक्सीन लगवाई। इसी कारण यह सफलता मिल सकी। -वरुणदीप सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अरोग्य केंद्र गांव सिंघापुर खास, पुवायां
गांव सिंघापुर खास की आशा बहू का सहयोग रहा और गांव के लोगों ने किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण लोगों ने आगे आकर वैक्सीन लगवाने में काफी रुचि दिखाई है। अन्य लोगों को ऐसे गांवों से सीख लेनी चाहिए। आगे आकर खुद वैक्सीन लगवाएं और लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। -डॉ. मोहम्मद आसिफ, सीएचसी प्रभारी पुवायां
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