{"_id":"66a566bb6fc9b557cd0c6e84","slug":"vacant-posts-of-lecturers-in-53-government-secondary-schools-of-the-district-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1040-123697-2024-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: जिले के 53 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ताओं के पद रिक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: जिले के 53 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ताओं के पद रिक्त
Sun, 28 Jul 2024 02:59 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 28 Jul 2024 02:59 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जिले में 53 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 86 प्रवक्ताओं व 50 अध्यापकों व 100 सहायक अध्यापकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। गणित, विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की भी नियुक्ति नहीं हो रही है।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 12 इंटर कॉलेज तथा 41 राजकीय हाईस्कूल शामिल हैं। शहर में स्थित जीआईसी में गणित, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, इतिहास विषयों के प्रवक्ता ही नहीं है। बताया जाता है कि विद्यालय में 11 पद स्वीकृत हैं। इनमें से दो पदों पर ही प्रवक्ता कार्यरत हैं।
जीजीआईसी में प्रवक्ता के 15 पद हैं, लेकिन कार्यरत सात ही हैं। यहां पर सहायक अध्यापक के 23 पदों में 11 पर ही नियुक्ति है। जीआईसी कांट में एक भी प्रवक्ता कार्यरत नहीं है। जबकि स्वीकृत पद नौ हैं। यही हाल जीआईसी चांदापुर का है। छह स्वीकृत पद होने के बावजूद एक भी प्रवक्ता कार्यरत नहीं है।
विज्ञापन
जीआईसी कलान में प्रवक्ता के नौ पद हैं। अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता ही मौजूद हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज बिलंदपुर गद्दीपुर में दस पदों के सापेक्ष छह प्रवक्ता कार्यरत हैं। भूगोल, संस्कृत, गणित विषयों को पढ़ाने के लिए प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं हो रही है।
जीआईसी, संगेडी दस पद के सापेक्ष तीन, जीआईसी टिकरी में दस में तीन, जीजीआईसी पुवायां में नौ में एक, जीजीआईसी तिलहर में छह में एक, जीआईसी अहमदनगर दस में तीन, जीजीआईसी खेड़ा नवादा खुदागंज में दस में दो प्रवक्ता ही कार्यरत हैं।
-- -- -
हाईस्कूल विद्यालयों में भी आधे पद खाली
- जिले में राजकीय हाईस्कूल की संख्या 41 है। इनमें अपेक्षानुसार अध्यापकों की नियुक्तियां भी नहीं हो रही। इसकी वजह से विद्यालयों में आधे पद खाली पड़े हैं। अधिकांश राजकीय हाईस्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 400 से 600 तक होगी।
-- -- -
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ताओं की स्थिति से शासन को अवगत कराया जाता है। विद्यालयों में प्रवक्ताओं की नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल सहायक अध्यापकों के माध्यम से अध्यापन कार्य करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही नियुक्तियां होंगी। - हरिवंश कुमार, डीआईओएस
विज्ञापन
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 12 इंटर कॉलेज तथा 41 राजकीय हाईस्कूल शामिल हैं। शहर में स्थित जीआईसी में गणित, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, इतिहास विषयों के प्रवक्ता ही नहीं है। बताया जाता है कि विद्यालय में 11 पद स्वीकृत हैं। इनमें से दो पदों पर ही प्रवक्ता कार्यरत हैं।
विज्ञापन
जीजीआईसी में प्रवक्ता के 15 पद हैं, लेकिन कार्यरत सात ही हैं। यहां पर सहायक अध्यापक के 23 पदों में 11 पर ही नियुक्ति है। जीआईसी कांट में एक भी प्रवक्ता कार्यरत नहीं है। जबकि स्वीकृत पद नौ हैं। यही हाल जीआईसी चांदापुर का है। छह स्वीकृत पद होने के बावजूद एक भी प्रवक्ता कार्यरत नहीं है।
विज्ञापन
जीआईसी कलान में प्रवक्ता के नौ पद हैं। अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता ही मौजूद हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज बिलंदपुर गद्दीपुर में दस पदों के सापेक्ष छह प्रवक्ता कार्यरत हैं। भूगोल, संस्कृत, गणित विषयों को पढ़ाने के लिए प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं हो रही है।
जीआईसी, संगेडी दस पद के सापेक्ष तीन, जीआईसी टिकरी में दस में तीन, जीजीआईसी पुवायां में नौ में एक, जीजीआईसी तिलहर में छह में एक, जीआईसी अहमदनगर दस में तीन, जीजीआईसी खेड़ा नवादा खुदागंज में दस में दो प्रवक्ता ही कार्यरत हैं।
हाईस्कूल विद्यालयों में भी आधे पद खाली
- जिले में राजकीय हाईस्कूल की संख्या 41 है। इनमें अपेक्षानुसार अध्यापकों की नियुक्तियां भी नहीं हो रही। इसकी वजह से विद्यालयों में आधे पद खाली पड़े हैं। अधिकांश राजकीय हाईस्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 400 से 600 तक होगी।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ताओं की स्थिति से शासन को अवगत कराया जाता है। विद्यालयों में प्रवक्ताओं की नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल सहायक अध्यापकों के माध्यम से अध्यापन कार्य करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही नियुक्तियां होंगी। - हरिवंश कुमार, डीआईओएस