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यूपी बोर्ड परीक्षा : कुछ उलझाऊ प्रश्न खा गए ज्यादा समय
Mon, 24 Feb 2025 11:43 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 24 Feb 2025 11:43 PM IST
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डॉ सुदामा प्रसाद इण्टर कॉलेज से यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा देकर पिता के साथ बाहर निकलती दिव
- फोटो : ramnagar
शाहजहांपुर। हिंदी विषय के पेपर के साथ यूपी बोर्ड की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई परीक्षा में बहुविकल्पीय व निबंध के कुछ मुश्किल प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को परेशान किया। केंद्र से निकले परीक्षार्थियों ने कहा कि यही प्रश्न उनका काफी समय खा गए।
परीक्षा में कोई भी परीक्षार्थी अनुचित सामग्री के साथ नहीं पकड़ा गया। दोनों पालियों में 5176 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। सुबह साढ़े आठ बजे से दसवीं की प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा जिले के 126 केंद्रों पर शुरू हुई। छात्र-छात्राओं की तलाशी लेकर प्रवेश दिया गया। पूर्वाह्न 11:45 बजे परीक्षा छूटने पर छात्र-छात्राएं बाहर निकले।
उन्होंने बताया कि निबंध जटिल आया था। साथ ही काव्य की व्याख्या करने में काफी समय निकल गया। शेष सारा पेपर सरल लगा, लेकिन कुछ प्रश्नाें में अधिक समय लग गया। पहली पाली में पंजीकृत 40888 में 37713 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। 3175 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे।
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दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम सवा पांच बजे तक रही। परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों ने बताया कि बारहवीं में संस्कृत और बहुविकल्पीय प्रश्न काफी कठिन थे। इसमें सही उत्तर तलाशना मुश्किल हो गया। प्रार्थना पत्र, गद्य और पद्य भी पढ़े हुए आए थे। दूसरी पाली में पंजीकृत 35891 में 33890 उपस्थित रहे। 2001 छात्र-छात्राएं गैरहाजिर रहे।
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श्रृति के जज्बे को सलाम, पिता की गोद में आई परीक्षा देने
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में दसवीं में पढ़ने वाली श्रुति के जज्बे को सलाम... रीढ़ की नसें ब्लॉक होने के चलते वह चल नहीं पाती है, लेकिन उसने परीक्षा नहीं छोड़ी। उनका सेंटर सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर कन्या इंटर कॉलेज में गया था। सोमवार को वह पिता के साथ स्कूटी पर आईं। वे गेट से उन्हें गोद में उठाकर कक्ष तक ले गए। बताया कि कक्षा आठ तक श्रुति सक्सेना बिल्कुल स्वस्थ थीं। बीमार होने के बाद भी उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी।
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सचल दलों ने मारा छापा, संयुक्त निदेशक ने देखे सेंटर
-बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए सरकारी मशीनरी ने पूरी ताकत झोंक दी है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी राजेश एस. ने जीआईसी व कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण, सीसीटीवी निगरानी, छात्रों के बैठने की व्यवस्था को देखा। डीएम ने सीसीटीवी कैमराें और उड़नदस्तों की सक्रियता भी जांची। डीएम ने फिर चेताया कि परीक्षा में कोई लापरवाही नहीं बरती जाए।
पहली पाली में संयुक्त शिक्षा निदेशक राकेश कुमार ने नेहरू इंटर कॉलेज कोरोकुइयां, इंडेन पब्लिक स्कूल समेत छह सेंटरों का भ्रमण कर व्यवस्था देखी। दूसरी पाली में आदर्श इंटर कॉलेज निगोही का जायजा लिया। उनके साथ पर्यवेक्षक महेंद्र पाल भी थे। इसी तरह डीआईओएस हरिवंश कुमार ने पहली पाली में और दूसरी पाली में छह सेंटरों का निरीक्षण किया। पर्यवेक्षक, स्टेस्टिक, जोनल मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए।
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पहले दिन कक्ष निरीक्षकों की रही कमी
-बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन कक्ष निरीक्षकों के समय से नहीं पहुंचने की शिकायतें कंट्रोल रूम में आईं। शिक्षकों को प्रधानाचार्य द्वारा कार्यमुक्त नहीं करने की वजह से वे नहीं पहुंच सके। जैसे-तैसे व्यवस्था कर परीक्षा को संपन्न कराया गया। सेंटरों पर कक्ष निरीक्षकों के नहीं पहुंचने पर डीआईओएस हरिवंश कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तत्काल आवंटित परीक्षा केंद्रों के लिए शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दें।
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दो पालियों में ड्यूटी करने से इन्कार
-माध्यमिक व बेसिक के कुछ शिक्षकों की दोनों पालियों में ड्यूटी लगा दी गई है। दोनों पालियों में शिक्षकों ने ड्यूटी करने से इन्कार कर दिया। प्रत्येक सेंटर पर एक या दो शिक्षकों ने केंद्र व्यवस्थापकों के सामने हाथ खड़े कर दिए। जानकारी डीआईओएस को दी गई तो उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी कि कोई शिक्षक बिना केंद्र व्यवस्थापक की अनुमति के अनुपस्थित रहता है या दो पालियों में ड्यूटी से मना करता है तो कार्रवाई होगी।
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बहुविकल्पीय प्रश्न काफी ज्यादा कठिन थे। काव्य खंड को करने में काफी समय लग गया। शेष प्रश्न काफी सरल थे। उसे आसानी से हल कर दिया।
-सना
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काव्य की व्याख्या ने काफी परेशान किया। यह समझ नहीं आया। इसके चलते इस प्रश्न को हल करने में दिक्कत आई है। निबंध भी कठिन आया था। बेरोजगारी पर हमने निबंध लिखा है।
-मिस्बा
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पेपर सामान्य था। बस निबंध में कुछ अटकना पड़ गया। इसमें समय अधिक लगा। प्रश्नपत्र को हल करने के लिए समय बांटा था।
-श्रुति कश्यप
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बाकी सब तो पढ़ा हुआ आया था। बहुविकल्पीय काफी घुमाकर पूछे गए थे। इस वजह से अधिकतर छात्र-छात्राएं परेशान रहे। शेष में दिक्कत नहीं आई।
शीतल
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परीक्षा में कोई भी परीक्षार्थी अनुचित सामग्री के साथ नहीं पकड़ा गया। दोनों पालियों में 5176 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। सुबह साढ़े आठ बजे से दसवीं की प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा जिले के 126 केंद्रों पर शुरू हुई। छात्र-छात्राओं की तलाशी लेकर प्रवेश दिया गया। पूर्वाह्न 11:45 बजे परीक्षा छूटने पर छात्र-छात्राएं बाहर निकले।
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उन्होंने बताया कि निबंध जटिल आया था। साथ ही काव्य की व्याख्या करने में काफी समय निकल गया। शेष सारा पेपर सरल लगा, लेकिन कुछ प्रश्नाें में अधिक समय लग गया। पहली पाली में पंजीकृत 40888 में 37713 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। 3175 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे।
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दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम सवा पांच बजे तक रही। परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों ने बताया कि बारहवीं में संस्कृत और बहुविकल्पीय प्रश्न काफी कठिन थे। इसमें सही उत्तर तलाशना मुश्किल हो गया। प्रार्थना पत्र, गद्य और पद्य भी पढ़े हुए आए थे। दूसरी पाली में पंजीकृत 35891 में 33890 उपस्थित रहे। 2001 छात्र-छात्राएं गैरहाजिर रहे।
श्रृति के जज्बे को सलाम, पिता की गोद में आई परीक्षा देने
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में दसवीं में पढ़ने वाली श्रुति के जज्बे को सलाम... रीढ़ की नसें ब्लॉक होने के चलते वह चल नहीं पाती है, लेकिन उसने परीक्षा नहीं छोड़ी। उनका सेंटर सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर कन्या इंटर कॉलेज में गया था। सोमवार को वह पिता के साथ स्कूटी पर आईं। वे गेट से उन्हें गोद में उठाकर कक्ष तक ले गए। बताया कि कक्षा आठ तक श्रुति सक्सेना बिल्कुल स्वस्थ थीं। बीमार होने के बाद भी उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी।
सचल दलों ने मारा छापा, संयुक्त निदेशक ने देखे सेंटर
-बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए सरकारी मशीनरी ने पूरी ताकत झोंक दी है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी राजेश एस. ने जीआईसी व कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्न पत्र वितरण, सीसीटीवी निगरानी, छात्रों के बैठने की व्यवस्था को देखा। डीएम ने सीसीटीवी कैमराें और उड़नदस्तों की सक्रियता भी जांची। डीएम ने फिर चेताया कि परीक्षा में कोई लापरवाही नहीं बरती जाए।
पहली पाली में संयुक्त शिक्षा निदेशक राकेश कुमार ने नेहरू इंटर कॉलेज कोरोकुइयां, इंडेन पब्लिक स्कूल समेत छह सेंटरों का भ्रमण कर व्यवस्था देखी। दूसरी पाली में आदर्श इंटर कॉलेज निगोही का जायजा लिया। उनके साथ पर्यवेक्षक महेंद्र पाल भी थे। इसी तरह डीआईओएस हरिवंश कुमार ने पहली पाली में और दूसरी पाली में छह सेंटरों का निरीक्षण किया। पर्यवेक्षक, स्टेस्टिक, जोनल मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए।
पहले दिन कक्ष निरीक्षकों की रही कमी
-बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन कक्ष निरीक्षकों के समय से नहीं पहुंचने की शिकायतें कंट्रोल रूम में आईं। शिक्षकों को प्रधानाचार्य द्वारा कार्यमुक्त नहीं करने की वजह से वे नहीं पहुंच सके। जैसे-तैसे व्यवस्था कर परीक्षा को संपन्न कराया गया। सेंटरों पर कक्ष निरीक्षकों के नहीं पहुंचने पर डीआईओएस हरिवंश कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तत्काल आवंटित परीक्षा केंद्रों के लिए शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दें।
दो पालियों में ड्यूटी करने से इन्कार
-माध्यमिक व बेसिक के कुछ शिक्षकों की दोनों पालियों में ड्यूटी लगा दी गई है। दोनों पालियों में शिक्षकों ने ड्यूटी करने से इन्कार कर दिया। प्रत्येक सेंटर पर एक या दो शिक्षकों ने केंद्र व्यवस्थापकों के सामने हाथ खड़े कर दिए। जानकारी डीआईओएस को दी गई तो उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी कि कोई शिक्षक बिना केंद्र व्यवस्थापक की अनुमति के अनुपस्थित रहता है या दो पालियों में ड्यूटी से मना करता है तो कार्रवाई होगी।
बहुविकल्पीय प्रश्न काफी ज्यादा कठिन थे। काव्य खंड को करने में काफी समय लग गया। शेष प्रश्न काफी सरल थे। उसे आसानी से हल कर दिया।
-सना
काव्य की व्याख्या ने काफी परेशान किया। यह समझ नहीं आया। इसके चलते इस प्रश्न को हल करने में दिक्कत आई है। निबंध भी कठिन आया था। बेरोजगारी पर हमने निबंध लिखा है।
-मिस्बा
पेपर सामान्य था। बस निबंध में कुछ अटकना पड़ गया। इसमें समय अधिक लगा। प्रश्नपत्र को हल करने के लिए समय बांटा था।
-श्रुति कश्यप
बाकी सब तो पढ़ा हुआ आया था। बहुविकल्पीय काफी घुमाकर पूछे गए थे। इस वजह से अधिकतर छात्र-छात्राएं परेशान रहे। शेष में दिक्कत नहीं आई।
शीतल

डॉ सुदामा प्रसाद इण्टर कॉलेज से यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा देकर पिता के साथ बाहर निकलती दिव- फोटो : ramnagar

डॉ सुदामा प्रसाद इण्टर कॉलेज से यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा देकर पिता के साथ बाहर निकलती दिव- फोटो : ramnagar

डॉ सुदामा प्रसाद इण्टर कॉलेज से यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा देकर पिता के साथ बाहर निकलती दिव- फोटो : ramnagar

डॉ सुदामा प्रसाद इण्टर कॉलेज से यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा देकर पिता के साथ बाहर निकलती दिव- फोटो : ramnagar

डॉ सुदामा प्रसाद इण्टर कॉलेज से यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा देकर पिता के साथ बाहर निकलती दिव- फोटो : ramnagar

डॉ सुदामा प्रसाद इण्टर कॉलेज से यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा देकर पिता के साथ बाहर निकलती दिव- फोटो : ramnagar