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यूक्रेन लौटी जया, बोली- शब्दों में बयां नहीं किए जा सकते हालात

Wed, 02 Mar 2022 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2022 12:42 AM IST
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Ukraine Latti Jaya, said - the situation cannot be described in words
यूक्रेन से लौटी तिलहर के बहिल्लागंज निवासी जया मां राधारानी और अन्य रिश्तेदारों के साथ लखनऊ में? - फोटो : SHAHJAHANPUR
तिलहर। यूक्रेन में भयंकर युद्धग्रस्त हालात से निकलकर मंगलवार को भारत लौटने वाली मोहल्ला बहिदुल्लागंज निवासी जया ने मुंबई एयरपोर्ट पर कदम रखने के बाद माटी को माथे पर लगाकर नमन किया। उसने भारत सरकार का धन्यवाद अदा किया। बोलीं-प्रधानमंत्री मोदी थैंक यू, जिन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया। उनका जितना शुक्रिया अदा किया जाए, कम है। मुंबई से जया फ्लाइट के जरिये लखनऊ पहुंची और वहां से वह सड़क मार्ग से शाहजहांपुर के लिए रवाना हो गई।
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डॉ. चूड़ामणि और राधारानी की इकलौती बेटी जया 2019 में यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गई थी। मंगलवार शाम को हवाई जहाज से लौटी जया ने फोन पर यूक्रेन के हालात बया किए तो उसकी आवाज में दहशत सी लगी। एक लंबी सांस खींचकर बोलीं कि वहां के हालात को शब्दों में बयान नहीं कर सकते हैं। एक तो ठंड बहुत ज्यादा थी तो दूसरा खाने-पीने की दिक्कत थी। दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति को देखकर कर्फ्यू लगने की बात बताई गई थी। इसके बाद 15 से 20 दिन के खाने-पीने का सामान खरीदकर रख लिया था। अलर्ट आने के अगले ही दिन फायरिंग शुरू हो गईं। लड़ाकू विमान की आवाज, बम के धमाके और गरजती बंदूकों की आवाजें सुनकर बंकर की ओर भागना पड़ता था। कई दिन तक बंकर में रहकर समय गुजारा।
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40 किमी पैदल चलकर बॉर्डर पार किया
-जया ने बताया कि शुक्रवार को यूक्रेन से अपने साथियों के साथ चले थे। बस ने यूक्रेन बॉर्डर से 40 किमी पहले ही उतार दिया था। वहां से इतनी दूर पैदल ही तय करना पड़ी। चलते-चलते पस्त पड़ गए। एक-एक कदम चलना दूभर हो रहा था। सर्दी में सारा शरीर सुन्न पड़ गया था। फिर भी हिम्मत नहीं हारी और सफर को तय किया। देर रात तक रोमानिया बॉर्डर पहुंचे। मेडिकल और जांच के बाद शनिवार को रोमानिया में प्रवेश मिल गया। वहां होटल में ठहराया गया।
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मां को देखकर रो पड़ी जया, राधारानी के भी नहीं रुके आंसू
-शाम को लखनऊ पहुंची जया ने बताया कि बॉर्डर के उस पार यूक्रेन में जितनी दुश्वारियां थी, सरहद के इस तरफ उतनी सुविधाएं मिलीं। जया ने बताया कि सोमवार को एयरपोर्ट से रोमानिया से मुंबई के लिए पहुंचे। मुश्किल हालात से जूझकर अपने देश लौटने की खुशी कुछ ज्यादा थी। हवाई जहाज से उतरते ही सारे दुख भूल गईं। तीन घंटे के बाद दूसरी फ्लाइट से लखनऊ पहुंचीं। यहां पर मां राधा रानी, तहेरे भाई डॉ. राहुल के साथ पहले ही एयरपोर्ट पर इंतजार कर रही थी। बेटी को देखकर जया के आंसू निकल आए। उन्होंने उसे गले लगा लिया। जया भी मां के गले लगकर रो पड़ी।
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