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Shahjahanpur News: बंदरों के हमले में वृद्धा समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों की लगी कतार।
- फोटो : मेडिकल कॉलेज में मरीजों की लगी कतार।
शाहजहांपुर। निगोही कस्बा और क्षेत्र के गांवों में बंदरों के उत्पात से लोग बेहद आतंकित हैं। सुबह होते ही बंदरों के झुंड घरों की छतों पर आकर उत्पात मचाना शुरू कर देते हैं। रविवार को बंदरों के हमले में वृद्धा समेत दो लोग गंभीर रूप स घायल हो गए। उन्हें सीएचसी पर भर्ती कराया गया है।
जिंदपुरा गांव में मंगलवार को सुबह छत पर मिर्च सुखा रहीं बुजुर्ग मेहरुन्निसा को झुंड में आए बंदरों ने हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनके चीखने पर परिजन लाठी-डंडे लेकर छत पर पहुंचे और बंदरों को भगाया। घरवाले उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां उनका उपचार हो रहा है।
उनके बेटे भूरे अंसारी ने बताया कि मां को बंदरों ने हाथ व शरीर में अन्य कई जगह काट कर घायल कर दिया है। इसके अलावा नबीपुर गांव में बुजुर्ग तेजराम को रविवार को सुबह छत पर सफाई करते समय अचानक आए बंदरों ने घेर लिया। तेजराम ने उन्हें भगाने की कोशिश की तो बंदरों ने उन्हें कई जगह काटकर घायल कर दिया।
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बाद में आसपास के लोगों ने उन्हें बंदरों से बचाया। दो दिन तक घरवाले गांव में ही उनका इलाज कराते रहे, लेकिन ठीक नहीं होने पर उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे।
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पहले भी बंदर कर चुके हैं जानलेवा हमले
चार माह पूर्व कस्बा निवासी कल्लू खां और हमीदा खां को बंदर काट कर घायल कर चुके हैं। तीन माह पूर्व डेलखेड़ा गांव के बुजुर्ग अयूब खां बंदरों के हमले से बचने के लिए भागे तो छत से नीचे गिर जाने से उनकी मौत हो गई थी। एक माह पूर्व कस्बे के मोहल्ला रामबाग निवासी गुल्ले की बंदरों के हमले से भागने के कारण छत से गिर कर जान जा चुकी है तो कस्बे के ही मोहल्ला अब्दुल कलाम नगर निवासी छत्रपाल की पुत्री की भी बंदरों के हमले से भागने के कारण छत से गिर कर मौत हो चुकी है।
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17 दिन में 532 लोगोंं को लग चुकी एंटी रैबीज वैक्सीन
निगोही सीएचसी पर गत एक से 17 जून तक 532 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जा चुकी है। निगोही सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी के अनुसार, इनमें कुुत्तों की तुलना में बंदरों के काटने से घायल होने वाले मरीज कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना करीब 20 लोगों को एआरवी के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
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वन विभाग से बंदर पकड़ने का दायित्व ले लिया गया है। अब यह काम कराने की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान और नगरीय क्षेत्र में नगर निकायों को दी गई है।
-संजीव जौहरी, वन क्षेत्राधिकारी, तिलहर
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बंदरों के हमले के मामले में पहले भी कई बार शिकायतें मिल चुकी हैं। इस बारे में चेयरमैन से वार्ता कर बंदरों को पकड़कर जंगल में छुड़वाने का काम जल्द कराया जाएगा।
-प्रवेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी ईओ, निगोही नगर पंचायत
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जिंदपुरा गांव में मंगलवार को सुबह छत पर मिर्च सुखा रहीं बुजुर्ग मेहरुन्निसा को झुंड में आए बंदरों ने हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनके चीखने पर परिजन लाठी-डंडे लेकर छत पर पहुंचे और बंदरों को भगाया। घरवाले उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां उनका उपचार हो रहा है।
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उनके बेटे भूरे अंसारी ने बताया कि मां को बंदरों ने हाथ व शरीर में अन्य कई जगह काट कर घायल कर दिया है। इसके अलावा नबीपुर गांव में बुजुर्ग तेजराम को रविवार को सुबह छत पर सफाई करते समय अचानक आए बंदरों ने घेर लिया। तेजराम ने उन्हें भगाने की कोशिश की तो बंदरों ने उन्हें कई जगह काटकर घायल कर दिया।
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बाद में आसपास के लोगों ने उन्हें बंदरों से बचाया। दो दिन तक घरवाले गांव में ही उनका इलाज कराते रहे, लेकिन ठीक नहीं होने पर उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे।
पहले भी बंदर कर चुके हैं जानलेवा हमले
चार माह पूर्व कस्बा निवासी कल्लू खां और हमीदा खां को बंदर काट कर घायल कर चुके हैं। तीन माह पूर्व डेलखेड़ा गांव के बुजुर्ग अयूब खां बंदरों के हमले से बचने के लिए भागे तो छत से नीचे गिर जाने से उनकी मौत हो गई थी। एक माह पूर्व कस्बे के मोहल्ला रामबाग निवासी गुल्ले की बंदरों के हमले से भागने के कारण छत से गिर कर जान जा चुकी है तो कस्बे के ही मोहल्ला अब्दुल कलाम नगर निवासी छत्रपाल की पुत्री की भी बंदरों के हमले से भागने के कारण छत से गिर कर मौत हो चुकी है।
17 दिन में 532 लोगोंं को लग चुकी एंटी रैबीज वैक्सीन
निगोही सीएचसी पर गत एक से 17 जून तक 532 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जा चुकी है। निगोही सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी के अनुसार, इनमें कुुत्तों की तुलना में बंदरों के काटने से घायल होने वाले मरीज कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना करीब 20 लोगों को एआरवी के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
वन विभाग से बंदर पकड़ने का दायित्व ले लिया गया है। अब यह काम कराने की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान और नगरीय क्षेत्र में नगर निकायों को दी गई है।
-संजीव जौहरी, वन क्षेत्राधिकारी, तिलहर
बंदरों के हमले के मामले में पहले भी कई बार शिकायतें मिल चुकी हैं। इस बारे में चेयरमैन से वार्ता कर बंदरों को पकड़कर जंगल में छुड़वाने का काम जल्द कराया जाएगा।
-प्रवेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी ईओ, निगोही नगर पंचायत