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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Two more children died due to fever, number 12

बुखार से दो और बच्चों की मौत, संख्या 12 हुई

Sat, 26 Aug 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर Updated Sat, 26 Aug 2017 12:05 AM IST
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गांव मनोरथपुर सहसोबारी मे रहस्यमयी बुखार से जूझ रहे दो और बच्चो ने दम तोड़ दिया करीब एक माह के अंदर इस गांव में बुखार की चपेट में आकर मरने वाले बच्चों की तादाद अब 12 हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बाद भी गांव में मौतो का लगातार बढ़ता जा रहा आंकड़ा जहां विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है वहीं गांव के लोगों के बीच बीमारी को लेकर दहशत बढ़ती जा रही है।
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गांव के खुशीराम का तीन साल का बेटा रामलड़ैते को करीब आठ दिन से बुखार आ रहा था परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन फायदा न होने पर घरवाले उसे फर्रुखाबाद के निजी अस्पताल ले गए। फिर भी हालत में सुधार न होने से परेशान खुशीराम ने बीते बुधवार को उसे कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया। दूसरे दिन डॉक्टरों के जबाव देने पर बीमार रामलड़ैते को गांव ले आया। बृहस्पतिवार रात में उसकी मौत हो गई। इधर,गांव के मिश्रीलाल की नौ माह की बेटी को भी छह सात दिन से बुखार आ रहा था और सीएचसी से उसकी दवा चल रही थी बृहस्पतिवार देर रात उसने बी दम तोड़ दिया।
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दोनो ही घटनाओं से परिजनों का कोहराम मच गया।
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नगर से करीब दस किलोमीटर दूर बसे गांव मनोरथपुर सहसोबारी में 31 जुलाई से तीन अगस्त के बीच गांव में फैले रहस्यमयी बुखार ने चार बच्चों की जान ले ली इसके बाद सक्र्तिय हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में लगातार कैंप लगाकर दवा का वितरण कराया साथ ही पीड़ितों के सैंपल लेकर उन्हे जांच हेतु भेजा लेकिन न ही अभी तक उन जांच रिपोर्ट का पता लगा और न ही पीड़ित बच्चों के मरने का सिलसिला रुका। 20 अगस्त तक इस गांव में रहस्यमयी बीमारी से मरने वाले बच्चों की तादाद 10 हो गई थी। इस दौरान गांव में जनपद के प्रभारी मंत्री से लेकर डीएम, एसपी व सीएमओ तक नजर लगाए रहे। बीते पांच दिन गांव मे कोई अप्रिय घटना सामने न आने पर अभी लोग राहत की सांस भी न ले पाए थे कि बृहस्पतिवार रात बुखार से जूझ रहे दो बच्चों की हुई मौत ने लोगो को झकझोर डाला।
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गांव खलसा में भी हालात गंभीर
गांव खलसा में अचानक फैले बुखार से दर्जनों बच्चे पीड़ित होने की खबर प्रकाशित होने के बाद अगले दिन पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद व सीएमओ समेत कई अधिकारियों ने गांव पहुंचकर दवा का वितरण कराया। इस दौरान एसडीएम के निर्देश पर हल्का की लेखपाल ज्योति मिश्रा द्वारा डोर टू डोर किए गए सर्वे में गांव में 40 बच्चे बुखार से पीड़ित मिले थे। लगातार दवा बांटे जाने के बाद भी गांव की हालात अभी सुधरे नहीं हैं। मौजूदा समय हाल यह है कि कई घरों में बच्चे बुखार से जूझ रहे है इस गांव के सोने लाल तथा बागीश कुशवाहा के घरों के सभी बच्चे बुखार में तप रहे है। गांव के प्रधान राजेश ने बताया कि पहले से बीमार बच्चों की हालत में भी कोई खास सुधार अभी तक नही आया है।

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कटेली के पीएचसी में डॉक्टर हुए नियुक्त
गांव कटेली की पीएचसी में कोई डॉक्टर न होने के कारण सालों से बंद पड़े अस्पताल को लेकर गांव वालों ने स्वामी चिन्मयानंद से की गई शिकायत की थी। इस पर मौजूद सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने वहां तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने का भरोसा दिया था इसके बाद वहां दो डॉक्टर तैनात कर दिए हैं शुक्रवार को भी वहां डॉक्टरो ने मरीजों का चेकअप कर उन्हे दवाइयां बांटी।
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