{"_id":"5fa1a8468ebc3e9bd760d0a2","slug":"two-factories-on-the-down-line-between-shahjahanpur-roja-news-reached-delhi-shahjahanpur-news-bly425730347","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाहजहांपुर रोजा के बीच डाउन लाइन पर हुए दो फैक्चर, दिल्ली तक पहुंची खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहजहांपुर रोजा के बीच डाउन लाइन पर हुए दो फैक्चर, दिल्ली तक पहुंची खबर
विज्ञापन
शाहजहांपुर। शाहजहांपुर-रोजा के बीच डाउन लाइन पर सोमवार रात रेलवे ट्रैक पर दो जगह पटरी चटक गई। चटकी पटरी को ठीक करते समय काठगोदाम एक्सप्रेस, लखनऊ मेल, एसी सुपरफास्ट, बेगमपुरा एक्सप्रेस आदि ट्रेनें एक घंटे तक खड़ी रहीं। बताया जा रहा है कि इस बार पटरी चटकने की खबर दिल्ली के अफसरों तक पहुंच गई है।
अक्तूबर महीने में शुरू हुए ट्रैक फ्रैक्चर की घटनाओं पर विराम नहीं लग पा रहा है। सोमवार रात एक बार फिर दो जगह पटरी चटक गई। इसकी सूचना से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। डाउन लाइन पर रोजा-शाहजहांपुर के बीच सुबह 3:08 पर पहला ट्रैक फ्रैक्चर हुआ। इसकी जानकारी तब हुई जब 03020 बाघ एक्सप्रेस के लिए स्टेशन मास्टर ने सिग्नल डाउन करना चाहा, लेकिन कामयाब नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल को जानकारी दी। कंट्रोल के आदेश पर सिग्नल विभाग के कर्मचारी अंकित कुमार और दिगंबर प्रसाद मौके पर गए। इन्होंने देखा पटरी चटकी हुई थी। फिर कंट्रोल के आदेश पर बाघ एक्सप्रेस को होम सिग्नल पर ही रोक लिया गया। इसके बाद रेल पथ निरीक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और चटरी पटरी के बीच जॉगल प्लेट बांधी। इसके उपरांत 30 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। इस दौरान बाघ एक्सप्रेस 90, लखनऊ मेल 45, बेगमपुरा 20 मिनट खड़ी रहीं। ट्रेनों का संचालन शुरू ही हो पाया था, कुछ देर बाद 5:05 बजे दूसरा रेलवे ट्रैक फ्रैक्चर किमी संख्या 1232 पर हो गया। इसको ट्रैकमैन अजय कुमार ने देखा और इसकी सूचना पावर केबिन व कंट्रोल को दी। कंट्रोल के आदेश पर पीछे आने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया। इसके बाद जॉगल प्लेट को बंधवाया गया, तब ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ।
सुनसान जगह पर खड़ी रही काठगोदाम, यात्री घबराएं
रेल फ्रैक्चर मिलने पर काठगोदाम एक्सप्रेस को होम सिग्नल पर ही रोक दिया गया। जहां पर आसपास कोई आबादी नहीं थी। रात के समय सुनसान जगह पर 90 मिनट तक ट्रेन के खड़े होने से यात्रियों में चिंता बढ़ गई। दरवाजे खिड़की के पास बैठे लोगों ने खुद को बंद कर लिया।
विज्ञापन
अक्तूबर महीने में हुए आठ फ्रैक्चर
अक्तूबर महीने में 03, 04, 05, 08, 16, 19, 23 और 25 तारीख को ट्रैक फ्रैक्चर होने की घटनाएं हुईं। इस बीच रेलवे की ओर से पुरानी पटरी को बदलने के लिए टुकड़े लाए जाने का काम भी किया गया, लेकिन ब्लॉक लेकर पटरी को बदलवाने का काम नहीं कराया जा सका। इसकी वजह से एक बार फिर से दो जगह पटरी चटक गई।
रात के समय में रेलवे ट्रैक पर फ्रैक्चर होने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया था। चटकी पटरी पर जॉगल बांधकर ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया। पटरी को बदले जाने के लिए ब्लॉक लिया जाना है, जिसके लिए मांग की जा रही है। ब्लॉक मिलने पर पटरी बदलवाने का काम शुरू हो जाएगा। - जेपी सिंह, स्टेशन अधीक्षक रोजा
विज्ञापन
अक्तूबर महीने में शुरू हुए ट्रैक फ्रैक्चर की घटनाओं पर विराम नहीं लग पा रहा है। सोमवार रात एक बार फिर दो जगह पटरी चटक गई। इसकी सूचना से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। डाउन लाइन पर रोजा-शाहजहांपुर के बीच सुबह 3:08 पर पहला ट्रैक फ्रैक्चर हुआ। इसकी जानकारी तब हुई जब 03020 बाघ एक्सप्रेस के लिए स्टेशन मास्टर ने सिग्नल डाउन करना चाहा, लेकिन कामयाब नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल को जानकारी दी। कंट्रोल के आदेश पर सिग्नल विभाग के कर्मचारी अंकित कुमार और दिगंबर प्रसाद मौके पर गए। इन्होंने देखा पटरी चटकी हुई थी। फिर कंट्रोल के आदेश पर बाघ एक्सप्रेस को होम सिग्नल पर ही रोक लिया गया। इसके बाद रेल पथ निरीक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और चटरी पटरी के बीच जॉगल प्लेट बांधी। इसके उपरांत 30 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। इस दौरान बाघ एक्सप्रेस 90, लखनऊ मेल 45, बेगमपुरा 20 मिनट खड़ी रहीं। ट्रेनों का संचालन शुरू ही हो पाया था, कुछ देर बाद 5:05 बजे दूसरा रेलवे ट्रैक फ्रैक्चर किमी संख्या 1232 पर हो गया। इसको ट्रैकमैन अजय कुमार ने देखा और इसकी सूचना पावर केबिन व कंट्रोल को दी। कंट्रोल के आदेश पर पीछे आने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया। इसके बाद जॉगल प्लेट को बंधवाया गया, तब ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ।
विज्ञापन
सुनसान जगह पर खड़ी रही काठगोदाम, यात्री घबराएं
रेल फ्रैक्चर मिलने पर काठगोदाम एक्सप्रेस को होम सिग्नल पर ही रोक दिया गया। जहां पर आसपास कोई आबादी नहीं थी। रात के समय सुनसान जगह पर 90 मिनट तक ट्रेन के खड़े होने से यात्रियों में चिंता बढ़ गई। दरवाजे खिड़की के पास बैठे लोगों ने खुद को बंद कर लिया।
विज्ञापन
अक्तूबर महीने में हुए आठ फ्रैक्चर
अक्तूबर महीने में 03, 04, 05, 08, 16, 19, 23 और 25 तारीख को ट्रैक फ्रैक्चर होने की घटनाएं हुईं। इस बीच रेलवे की ओर से पुरानी पटरी को बदलने के लिए टुकड़े लाए जाने का काम भी किया गया, लेकिन ब्लॉक लेकर पटरी को बदलवाने का काम नहीं कराया जा सका। इसकी वजह से एक बार फिर से दो जगह पटरी चटक गई।
रात के समय में रेलवे ट्रैक पर फ्रैक्चर होने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया था। चटकी पटरी पर जॉगल बांधकर ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया। पटरी को बदले जाने के लिए ब्लॉक लिया जाना है, जिसके लिए मांग की जा रही है। ब्लॉक मिलने पर पटरी बदलवाने का काम शुरू हो जाएगा। - जेपी सिंह, स्टेशन अधीक्षक रोजा