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ट्रेंच विधि से दी गन्ना बुवाई की जानकारी
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:40 PM IST
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ट्रेंच विधि से दी गन्ना बुवाई की जानकारी
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किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां की ओर से बृहस्पतिवार को गांव कटका में किसानों को ट्रेंच विधि से शरदकालीन गन्ना बुवाई की जानकारी दी गई।
मिल के प्रधान प्रबंधक डीके सक्सेना ने किसानों को बताया कि ट्रेंच विधि से शरदकालीन गन्ना बोकर ज्यादा लाभ उठाया जा सकता है। ट्रेंच विधि से गन्ना बोने से गन्ने का जमाव 60 से 70 प्रतिशत तक होता है। किल्लों की मृत्युदर काफी कम होती है और सिंचाई में पानी की 60 प्रतिशत तक बचत की जा सकती है। इसके अलावा गन्ने के साथ आलू, मटर, चना, मसूर, गेहूं आदि पैदा कर अधिक लाभ उठाया जा सकता है, गन्ना गिरने की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। गन्ने का उत्पादन 40 से 50 प्रतिशत अधिक होता है।
इस मौके पर गांव कटका के किसान रामप्रकाश के खेत में ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई का शुभारंभ किया गया। डीके सक्सेना ने किसान को वस्त्र भेंट कर मिष्ठान वितरित किया। इस मौके पर मुख्य गन्ना अधिकारी, गन्ना विकास निरीक्षक और पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
दिया प्रशिक्षण
शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषदपुर में चल रहे प्रशिक्षण के तीसरे दिन प्रशिक्षणार्थियों को शोध प्रक्षेत्र पर ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई का प्रशिक्षण दिया गया।
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इस मौके पर प्रशिक्षणार्थियों को ट्रैक्टर से ट्रेंच बनाकर उसमें खाद एवं उर्वरक तथा कीटनाशक डालकर गन्ने की बुवाई करके बताया गया। डा. सुभाष चंद्र सिंह व वीसी जादौन ने ट्रेंच विधि के संबंध प्रशिक्षणार्थियों को विस्तार से बताया। गन्ना शोध परिषद के निदेशक डा. बीएल शर्मा ने प्रशिक्षण को बहुआयामी बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। प्रसार अधिकारी संजीव पाठक ने बताया कि प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य प्रयोगशाला अथवा शोध की तकनीकी खेत तक पहुंचे। इस अवसर पर डा. प्रताप सिंह, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. केपी पांडेय, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. बृजराज सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
गन्ना बुवाई का हुआ शुभारंभ
निगोही। डालमिया चीनी मिल यूनिट ने बुधवार को हवन पूजन के साथ ट्रेंच विधि से शरदकालीन गन्ना बुवाई का शुभारंभ किया। डालमिया चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक रणधीर सिंह, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक देव दत्त शर्मा, एके शुक्ला, एके श्रीवास्तव, योगेश शुक्ला और किसान क्षेत्र के गांव पराझरसा निवासी किसान विमल कुमार के खेत पर बुधवार को सुबह दस बजे पहुंच गए। यहां पंडित यदुन्नदन ने हवन पूजा कर विमल कुमार के खेत में ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई की।
इस मौके पर डालमिया चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक रणधीर सिंह ने किसानों से कहा कि शरदकालीन गन्ना बुवाई किए जाने से जमाव अच्छा होता है और बसंत कालीन गन्ना बुवाई की तुलना में 25 प्रतिशत पैदा वार अधिक होती है। रोग और कीट का प्रकोप कम होता है। गन्ना सहायक आशीष त्रिपाठी ने मिल से दी जा रही सुविधाओं को बताया। गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिक बीआरएस चौहान ने गन्ना बुवाई की तकनीकी जानकारी दी। शरद कालीन गन्ना बुवाई से सहफसल लेकर आर्थिक लाभ लिया जा सकता है।
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मिल के प्रधान प्रबंधक डीके सक्सेना ने किसानों को बताया कि ट्रेंच विधि से शरदकालीन गन्ना बोकर ज्यादा लाभ उठाया जा सकता है। ट्रेंच विधि से गन्ना बोने से गन्ने का जमाव 60 से 70 प्रतिशत तक होता है। किल्लों की मृत्युदर काफी कम होती है और सिंचाई में पानी की 60 प्रतिशत तक बचत की जा सकती है। इसके अलावा गन्ने के साथ आलू, मटर, चना, मसूर, गेहूं आदि पैदा कर अधिक लाभ उठाया जा सकता है, गन्ना गिरने की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। गन्ने का उत्पादन 40 से 50 प्रतिशत अधिक होता है।
इस मौके पर गांव कटका के किसान रामप्रकाश के खेत में ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई का शुभारंभ किया गया। डीके सक्सेना ने किसान को वस्त्र भेंट कर मिष्ठान वितरित किया। इस मौके पर मुख्य गन्ना अधिकारी, गन्ना विकास निरीक्षक और पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
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दिया प्रशिक्षण
शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषदपुर में चल रहे प्रशिक्षण के तीसरे दिन प्रशिक्षणार्थियों को शोध प्रक्षेत्र पर ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई का प्रशिक्षण दिया गया।
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इस मौके पर प्रशिक्षणार्थियों को ट्रैक्टर से ट्रेंच बनाकर उसमें खाद एवं उर्वरक तथा कीटनाशक डालकर गन्ने की बुवाई करके बताया गया। डा. सुभाष चंद्र सिंह व वीसी जादौन ने ट्रेंच विधि के संबंध प्रशिक्षणार्थियों को विस्तार से बताया। गन्ना शोध परिषद के निदेशक डा. बीएल शर्मा ने प्रशिक्षण को बहुआयामी बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। प्रसार अधिकारी संजीव पाठक ने बताया कि प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य प्रयोगशाला अथवा शोध की तकनीकी खेत तक पहुंचे। इस अवसर पर डा. प्रताप सिंह, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. केपी पांडेय, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. बृजराज सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
गन्ना बुवाई का हुआ शुभारंभ
निगोही। डालमिया चीनी मिल यूनिट ने बुधवार को हवन पूजन के साथ ट्रेंच विधि से शरदकालीन गन्ना बुवाई का शुभारंभ किया। डालमिया चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक रणधीर सिंह, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक देव दत्त शर्मा, एके शुक्ला, एके श्रीवास्तव, योगेश शुक्ला और किसान क्षेत्र के गांव पराझरसा निवासी किसान विमल कुमार के खेत पर बुधवार को सुबह दस बजे पहुंच गए। यहां पंडित यदुन्नदन ने हवन पूजा कर विमल कुमार के खेत में ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई की।
इस मौके पर डालमिया चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक रणधीर सिंह ने किसानों से कहा कि शरदकालीन गन्ना बुवाई किए जाने से जमाव अच्छा होता है और बसंत कालीन गन्ना बुवाई की तुलना में 25 प्रतिशत पैदा वार अधिक होती है। रोग और कीट का प्रकोप कम होता है। गन्ना सहायक आशीष त्रिपाठी ने मिल से दी जा रही सुविधाओं को बताया। गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिक बीआरएस चौहान ने गन्ना बुवाई की तकनीकी जानकारी दी। शरद कालीन गन्ना बुवाई से सहफसल लेकर आर्थिक लाभ लिया जा सकता है।