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सरकारी अस्पताल को खुद इलाज की दरकार

Sat, 29 Aug 2015 12:18 AM IST
पुवायां।
पुवायां। Updated Sat, 29 Aug 2015 12:18 AM IST
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Treat yourself to a government hospital needs
 दाई से प्रसव कराने का आरोप और बाद में विवाहिता की मौत के मामले में मृतका के पति का दाई से प्रसव कराने का आरोप पुवायां के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ भले ही नकार रहे हों, लेकिन सही बात तो यह है कि अस्पताल को खुद इलाज की दरकार है। ऐसे में रोगियों का इलाज तो राम भरोसे ही है।
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बता दें कि नियमानुसार सीएचसी पर कुल सात डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। इसके सापेक्ष प्रभारी और महिला डॉक्टर सहित तीन डॉक्टरों की ही तैनाती है। जिसमें से डॉ. रामकुमार वर्मा अधीक्षक का कार्यभार देखते है। डॉ. अभिषेक गुप्ता का गत माह तबादला हो चुका है, लेकिन अन्य डॉक्टर की तैनाती नहीं होने के कारण रिलीव नहीं किया गया, क्योंकि उन्हें रिलीव करने से मरीजों का इलाज करने का संकट खड़ा हो जाएगा। इसके अलावा सीएचसी क्षेत्र में स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर 22 की जगह 13 एएनएम से काम लिया जा रहा है। अस्पताल में दो हेल्थ विजिटर की जगह पर एक और सहायक शोध अधिकारी का पद भी रिक्त चल रहा है। अधिकारियों ने इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी कि सीएचसी क्षेत्र में आने वाले 179 गांवों के (स्वास्थ्य विभाग के अनुसार) एक लाख 83 हजार 510 लोगों का इलाज एक डॉक्टर किन हालातों में कर सकेगा।
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एक डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स कराएंगी 24 घंटे प्रसव?
पुवायां। सीएचसी पर एक महिला डॉक्टर के साथ चार स्टाफ नर्स होनी चाहिए, लेकिन अस्पताल में दो स्टाफ नर्स से ही काम चल रहा है। ऐसे में एकमात्र महिला चिकित्सक डॉ. रेनू मीणा और एक स्टाफ नर्स 24 घंटे महिलाओं का इलाज और प्रसव कराने की ड्यूटी किस तरह से निभाएंगी? शत प्रतिशत प्रसव अस्पताल में होने पर जोर देने वाले अधिकारी भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझते हैं। यही कारण है कि प्रसव के लिए दाई का सहारा लिया जाता है और यह हालत पुवायां के अलावा खुटार और बंडा के सरकारी अस्पताल की भी है।
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चार माह से नहीं हो रहा एक्सरे
पुवायां। चार माह पूर्व एक्सरे टेक्नीशियन का सीएचसी से तबादला हो गया था। उसके जाने के बाद किसी की भी तैनाती नहीं की गई है। सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वालों को हल्की चोट में भी एक्सरे कराने के लिए जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।

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अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारियों की तैनाती अधिकारियों के स्तर का मामला है। जो भी स्टाफ है, उससे बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। सभी रोगियों का पूरा ध्यान रखा जाता है। - डॉ. रामकुमार वर्मा, प्रभारी सीएचसी पुवायां
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