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ओवरलोडिंग से फिर खराब हुआ ट्रांसफार्मर, हयातपुरा में बंच केबल हुई शॉर्ट
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शाहजहांपुर में गुरुद्वारा सिंह सभा के समाने खराब हुए बिजली ट्रांसफार्मर ठीक करते कर्मचारी । संव
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही ओवरलोडिंग से हाईटेंशन लाइनें और ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या बुधवार को भी बनी रही। मंगलवार रात करीब 11 बजे हयातपुरा में 11 केवी की एक बंच लाइन इतनी गर्म हो गई कि उसके अंदर पड़े इंसुलेटर (कुचालक) पिघल जाने से लाइन के तार आपस में चिपककर शार्ट सर्किट होने लगी। आसपास के करीब 200 घरों में सुबह तक बिजली संकट बना रहा। रात में फॉल्ट पकड़ में नहीं आने पर सुबह लाइन के खराब हिस्से को बदला जा सका।
यह खराबी जैसे-तैसे दूर हो सकी कि दोपहर करीब 12 बजे कचहरी के पीछे गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा के पास डबल पोल पर लगे 250 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर की दोनों केबल गर्म होकर जल गईं। इस वजह से कलक्ट्रेट के पिछले हिस्से, सिविल लाइंस साउथ, इंदिरानगर कॉलोनी आदि क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि, यह खराबी लाइन स्टाफ के कर्मचारियों ने करीब एक घंटे बाद दूर कर ट्रांसफार्मर चालू करा दिया।
उधर, मंगलवार शाम गोविंदगंज उपकेंद्र के कंट्रोल रूम में टाउनहाल फीडर का पैनल खराब हो गया। इस वजह से रात 12 बजे तक गोविंदगंज, टाउनहाल, खिरनीबाग आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्त-व्यस्त रही। हालांकि, प्रभारी क्षेत्रीय अवर अभियंता जयंत गोस्वामी ने दूसरे फीडर से प्रभावित क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति कराने की व्यवस्था की, लेकिन इससे लाइनों पर ट्रिपिंग बढ़ गई। यही नहीं, बीती शाम बाड़ूजई प्रथम में मंगल सिंह बग्गा वाली गली केेे मुहाने पर रखे ट्रांसफार्मर की लीड में आई खराबी ठीक करने के लिए लाल इमली चौराहा से मल्हार मोड़ जाने वाली लाइन बुधवार को दोपहर दो बजे से करीब ढाई घंटे तक बंद रखी गई।
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जलालाबाद में 10-12 घंटे ही आपूर्ति
जलालाबाद। कस्बे में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल मजाक बनकर रह गया है। कभी लाइन फॉल्ट तो कभी आपात कटौती के कारण अक्सर बत्ती गुल रहती है। बिजली जाने पर लोगों को यह पता करना कठिन हो जाता है कि नेटवर्क खराब हुआ अथवा कटौती लागू की गई। आपात कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं होने से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। नगर क्षेत्र में 10-12 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन तमाम गांवों में सिर्फ सात-आठ घंटे बिजली मिल रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन किसानों को हो रही है जो धान की नर्सरी तैयार करने को अपने खेतों में पानी भरना चाह रहे हैं। पूरी रात बिजली गायब रहने से अधिकांश खेत सूखे पड़े हैं। संवाद
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यह खराबी जैसे-तैसे दूर हो सकी कि दोपहर करीब 12 बजे कचहरी के पीछे गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा के पास डबल पोल पर लगे 250 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर की दोनों केबल गर्म होकर जल गईं। इस वजह से कलक्ट्रेट के पिछले हिस्से, सिविल लाइंस साउथ, इंदिरानगर कॉलोनी आदि क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि, यह खराबी लाइन स्टाफ के कर्मचारियों ने करीब एक घंटे बाद दूर कर ट्रांसफार्मर चालू करा दिया।
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उधर, मंगलवार शाम गोविंदगंज उपकेंद्र के कंट्रोल रूम में टाउनहाल फीडर का पैनल खराब हो गया। इस वजह से रात 12 बजे तक गोविंदगंज, टाउनहाल, खिरनीबाग आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्त-व्यस्त रही। हालांकि, प्रभारी क्षेत्रीय अवर अभियंता जयंत गोस्वामी ने दूसरे फीडर से प्रभावित क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति कराने की व्यवस्था की, लेकिन इससे लाइनों पर ट्रिपिंग बढ़ गई। यही नहीं, बीती शाम बाड़ूजई प्रथम में मंगल सिंह बग्गा वाली गली केेे मुहाने पर रखे ट्रांसफार्मर की लीड में आई खराबी ठीक करने के लिए लाल इमली चौराहा से मल्हार मोड़ जाने वाली लाइन बुधवार को दोपहर दो बजे से करीब ढाई घंटे तक बंद रखी गई।
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जलालाबाद में 10-12 घंटे ही आपूर्ति
जलालाबाद। कस्बे में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल मजाक बनकर रह गया है। कभी लाइन फॉल्ट तो कभी आपात कटौती के कारण अक्सर बत्ती गुल रहती है। बिजली जाने पर लोगों को यह पता करना कठिन हो जाता है कि नेटवर्क खराब हुआ अथवा कटौती लागू की गई। आपात कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं होने से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। नगर क्षेत्र में 10-12 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन तमाम गांवों में सिर्फ सात-आठ घंटे बिजली मिल रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन किसानों को हो रही है जो धान की नर्सरी तैयार करने को अपने खेतों में पानी भरना चाह रहे हैं। पूरी रात बिजली गायब रहने से अधिकांश खेत सूखे पड़े हैं। संवाद