{"_id":"6918cc28a6aac4b7c90c0bc4","slug":"token-dated-november-11-paddy-not-weighed-till-15-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1038-157788-2025-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: 11 नवंबर का टोकन, 15 तक नहीं तौला गया धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: 11 नवंबर का टोकन, 15 तक नहीं तौला गया धान
विज्ञापन
पुवायां मंडी में धान क्रय केंद्र पर बंद तौल, खाली पड़ीं कुर्सियां। संवाद
- फोटो : सिंहपुर डेरा बंजारा में आग लगने से जले घर। संवाद
पुवायां। टोकन मिलने के बाद भी मंडी में लगे क्रय केंद्रों पर धान की तौल नहीं हो पाने से किसान परेशान हैं और किसान संगठनों की मदद लेकर बड़ा आंदोलन कर सकते हैं। हालत यह है कि 11 नवंबर का टोकन मिलने के बाद 15 नवंबर तक किसान का धान नहीं तौला गया है।
पुवायां मंडी में लगे कई धान क्रय केंद्रों के प्रभारी मंडी में जगह न होने की बात कहकर तौल में आनाकानी करने लगे हैं। उधर किसानों का कहना है कि अधिकारी तौले गए धान को मंडी से हटवाकर तौल सुचारू कराएं, लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
किसान रात-दिन धान की रखवाली कर रहे हैं। वहीं क्रय केंद्रों पर कई धान भरी ट्राॅली ऐसी खड़ी हैं, जिनके पास कोई किसान मौजूद नहीं है। किसानों का कहना है कि इस बात की जांच भी होनी चाहिए कि केंद्र पर खड़ी ट्राली और लगे धान के ढेर किसके हैं। किसानों का आरोप है कि कुछ केंद्रों के प्रभारी मिलीभगत कर धान के ढेर केंद्र पर लगवाए गए हैं।
विज्ञापन
शनिवार को किसानों ने किसान संगठनों के नेताओं को मंडी बुलाकर समस्या बताई। किसानों ने कहा कि वे लोग आंदोलन में हिस्सा लेंगे। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामकैलाश सोनकर ने कहा कि तौल चल रही है। किसानों को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी।
-- -
गांवों के केंद्रों पर हो रही है तौल, लेकिन धान नदारद
भटिउरिया मंडी स्थल पर लगे क्रय केंद्रों सहित गांवों में कई केंद्रों पर तौल होती दिख रही है, लेकिन धान का कहीं पता नहीं है। किसानाें का आरोप है कि केंद्रों पर फर्जी तौल चढ़ाई जा रही है। अधिकारी मौके पर पहुंचकर खरीदे गए धान का सत्यापन करें तो सच सामने आ जाएगा।
--
केंद्र प्रभारियों ने अधिकारियों को लिखा पत्र
पुवायां मंडी में लगे कुछ धान खरीद केंद्र के प्रभारियों ने अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि मंडी में धान खरीद शुरू होने के बाद टिनशेड अक्तूबर में ही भर गए थे। इसके बाद खुले में धान लगाया गया था, लेकिन वह भी भर गई है। धान भंडारण के लिए जगह न होने से समस्या आ रही है और तौल संभव नहीं हो पा रही है। धान का समय से उठान न होने से गुणवत्ता भी प्रभावित होने की आशंका है। केंद्र प्रभारियों ने डीएम, डिप्टी आरएमओ, एडीएम, एसडीएम से खरीद के संबंध में निर्देश देने की मांग की है।
--
मुझे 11 नवंबर को टोकन जारी हुआ था। 15 नवंबर तक धान नहीं तुल सका है। ट्राॅली में ही भरा हुआ है। कोई सुनने वाला नहीं है। बहुत परेशान हैं। कोई अधिकारी भी मुआयना करने नहीं आता है जिसे अपनी समस्या बता सकें।
- शिवकुमार, निवासी ग्राम चठिया बहादुरपुर, पुवायां
-- -
तिलहर में भी सरकारी खरीद की रफ्तार सुस्त
तिलहर। मंडी समिति में धान की कुल आवक 1,88,000 क्विंटल पहुंच चुकी है, जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक मात्र 59,000 क्विंटल खरीद दर्ज की गई है। खरीद की सुस्ती से किसानों में नाराजगी है।
किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद की रफ्तार बेहद धीमी है। धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को कई-कई दिनों तक तौल के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। मजबूरी में कई किसान अपना धान सरकारी मूल्य से कम दाम पर प्राइवेट में बेचने को विवश हो रहे हैं। मंडी सचिव शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मानक के अनुरूप खरीद की जा रही है। धान का उठान न होने से खरीद में दिक्कतें आ रही थीं। शनिवार से कुछ क्रय केंद्रों पर उठान शुरू करा दिया गया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
--
किसी केंद्र से प्रभारी गायब नहीं होता है। प्रभारी काम करने गए होंगे। किसानों का धान तौलने का काम चल रहा है। जो समस्याएं आ रही हैं, जल्द ही दूर हो जाएंगी।
-राकेश मोहन पांडे, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
पुवायां मंडी में लगे कई धान क्रय केंद्रों के प्रभारी मंडी में जगह न होने की बात कहकर तौल में आनाकानी करने लगे हैं। उधर किसानों का कहना है कि अधिकारी तौले गए धान को मंडी से हटवाकर तौल सुचारू कराएं, लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
विज्ञापन
किसान रात-दिन धान की रखवाली कर रहे हैं। वहीं क्रय केंद्रों पर कई धान भरी ट्राॅली ऐसी खड़ी हैं, जिनके पास कोई किसान मौजूद नहीं है। किसानों का कहना है कि इस बात की जांच भी होनी चाहिए कि केंद्र पर खड़ी ट्राली और लगे धान के ढेर किसके हैं। किसानों का आरोप है कि कुछ केंद्रों के प्रभारी मिलीभगत कर धान के ढेर केंद्र पर लगवाए गए हैं।
विज्ञापन
शनिवार को किसानों ने किसान संगठनों के नेताओं को मंडी बुलाकर समस्या बताई। किसानों ने कहा कि वे लोग आंदोलन में हिस्सा लेंगे। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामकैलाश सोनकर ने कहा कि तौल चल रही है। किसानों को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी।
गांवों के केंद्रों पर हो रही है तौल, लेकिन धान नदारद
भटिउरिया मंडी स्थल पर लगे क्रय केंद्रों सहित गांवों में कई केंद्रों पर तौल होती दिख रही है, लेकिन धान का कहीं पता नहीं है। किसानाें का आरोप है कि केंद्रों पर फर्जी तौल चढ़ाई जा रही है। अधिकारी मौके पर पहुंचकर खरीदे गए धान का सत्यापन करें तो सच सामने आ जाएगा।
केंद्र प्रभारियों ने अधिकारियों को लिखा पत्र
पुवायां मंडी में लगे कुछ धान खरीद केंद्र के प्रभारियों ने अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि मंडी में धान खरीद शुरू होने के बाद टिनशेड अक्तूबर में ही भर गए थे। इसके बाद खुले में धान लगाया गया था, लेकिन वह भी भर गई है। धान भंडारण के लिए जगह न होने से समस्या आ रही है और तौल संभव नहीं हो पा रही है। धान का समय से उठान न होने से गुणवत्ता भी प्रभावित होने की आशंका है। केंद्र प्रभारियों ने डीएम, डिप्टी आरएमओ, एडीएम, एसडीएम से खरीद के संबंध में निर्देश देने की मांग की है।
मुझे 11 नवंबर को टोकन जारी हुआ था। 15 नवंबर तक धान नहीं तुल सका है। ट्राॅली में ही भरा हुआ है। कोई सुनने वाला नहीं है। बहुत परेशान हैं। कोई अधिकारी भी मुआयना करने नहीं आता है जिसे अपनी समस्या बता सकें।
- शिवकुमार, निवासी ग्राम चठिया बहादुरपुर, पुवायां
तिलहर में भी सरकारी खरीद की रफ्तार सुस्त
तिलहर। मंडी समिति में धान की कुल आवक 1,88,000 क्विंटल पहुंच चुकी है, जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक मात्र 59,000 क्विंटल खरीद दर्ज की गई है। खरीद की सुस्ती से किसानों में नाराजगी है।
किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद की रफ्तार बेहद धीमी है। धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को कई-कई दिनों तक तौल के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। मजबूरी में कई किसान अपना धान सरकारी मूल्य से कम दाम पर प्राइवेट में बेचने को विवश हो रहे हैं। मंडी सचिव शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मानक के अनुरूप खरीद की जा रही है। धान का उठान न होने से खरीद में दिक्कतें आ रही थीं। शनिवार से कुछ क्रय केंद्रों पर उठान शुरू करा दिया गया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
किसी केंद्र से प्रभारी गायब नहीं होता है। प्रभारी काम करने गए होंगे। किसानों का धान तौलने का काम चल रहा है। जो समस्याएं आ रही हैं, जल्द ही दूर हो जाएंगी।
-राकेश मोहन पांडे, डिप्टी आरएमओ

पुवायां मंडी में धान क्रय केंद्र पर बंद तौल, खाली पड़ीं कुर्सियां। संवाद- फोटो : सिंहपुर डेरा बंजारा में आग लगने से जले घर। संवाद