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खुटार क्षेत्र में पहुंची दो लोगों को मारने वाली बाघिन
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Mon, 29 Aug 2016 11:45 PM IST
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खुटार क्षेत्र में पहुंची दो लोगों को मारने वाली बाघिन
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खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र में आतंक का पर्याय बनी दो लोगों को मारने वाली बाघिन अब शाहजहांपुर की खुटार रेंज में आ गई है। बाघिन का पीछा करते हुए खीरी के वन अधिकारी भी मौके पर आ पहुंचे हैं, लेकिन बाघिन को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
गौरतलब है कि खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र में लगभग एक पखवाड़े से बाघिन का आतंक फैला हुआ है। बाघिन गांव छेदीपुर के दो लोगों को मार चुकी है। छेदीपुर और आसपास के क्षेत्र में जंगल और गन्ने के खेतों में दुधवा से हाथी आदि मंगाकर बाघिन को ट्रेंकुलाइज करने की व्यवस्था की गई, लेकिन उससे पहले ही बाघिन गन्ने के खेत से खिसक गई। गांव छेदीपुर से कुछ दूर बाघिन के दिखने और नाइट विजन कैमरे में उसकी तस्वीर आने से वन विभाग का तमाम अमला और ट्रेंकुलाइज विशेषज्ञों ने बाघिन की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
शनिवार रात खुटार के बाईपास गोला मार्ग पर बाघिन फिर देखी गई थी। सोमवार को बाघिन के खुटार रेंज के निहालपुर गांव के पास गन्ने के खेत और नदी किनारे झाड़ियों में होने की पुष्टि हो गई। खीरी के वन अधिकारियों ने बाघिन के बेहद नजदीक से फोटो भी लिए हैं, लेकिन बाघिन को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया गया। कठिना नदी के एक तरफ शाहजहांपुर और दूसरी तरफ खीरी के जंगल होने के कारण खीरी के डीएफओ संजय बिस्वाल, दुधवा की फील्ड डॉयरेक्टर सुनील चौधरी सहित तमाम अधिकारी मौके पर हैं। दो हथिनी भी जंगल में कांबिग कर रही हैं, इसके अलावा एक पिंजरा भी मौके पर मंगाया गया है, लेकिन वन अधिकारियों ने बाघिन को पकड़ने के स्थान पर पूरी ताकत इस बात में झोंक रखी है कि बाघिन अब शाहजहांपुर की सीमा में ही रहे और खीरी क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
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बाघिन के खुटार रेंज की ओर निकलने की सूचना मिली है। पगमार्क आदि के आधार पर बाघिन की तलाश की जा रही है। बाघिन कठिना नदी के किनारे झाड़ियों में होने का अनुमान है। लोगों को सतर्क कर दिया गया है।
- संजय विस्वाल डीएफओ खीरी
कोचर फार्म के प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए खतरा बनी बाघिन
खुटार। बाघिन के खुटार के गांव निहालपुर में आ जाने से लोग हलकान हैं। खुटार और निहालपुर की दूरी मात्र तीन किमी है। इससे कस्बे के लोग भी बाघिन के आने से खौफजदा हैं। सोमवार को कठिना नदी के किनारे बौर पुल पर तमाशबीनों की भीड़ रही। खीरी के वन अधिकारियों ने लोगों को तमाम बार हटाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ बाघिन की एक झलक पाने के लिए मौके पर डटी रही।
उधर, खुटार के रेंजर एसएन यादव सहित शाहजहांपुर के वन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी है। खीरी के अधिकारी बाघिन को शाहजहांपुर के जंगल और खेतों में खदेड़कर मुसीबत को दूर करने के अभियान में सफल रहे हैं, लेकिन शाहजहांपुर के अधिकारियों को इसकी कोई परवाह नहीं है।
जिस स्थान पर बाघिन को देखा गया है, उससे एक किमी की दूरी पर कोचर फार्म का प्राथमिक स्कूल हैं, जहां तमाम बच्चे शिक्षा ग्रहण करने दूरदराज के गांवों से आते हैं। सुनसान स्थान पर बने इस स्कूल के पास बाग और गन्ने के खेत भी हैं। बाघिन कभी भी इधर आ सकती है।
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गौरतलब है कि खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र में लगभग एक पखवाड़े से बाघिन का आतंक फैला हुआ है। बाघिन गांव छेदीपुर के दो लोगों को मार चुकी है। छेदीपुर और आसपास के क्षेत्र में जंगल और गन्ने के खेतों में दुधवा से हाथी आदि मंगाकर बाघिन को ट्रेंकुलाइज करने की व्यवस्था की गई, लेकिन उससे पहले ही बाघिन गन्ने के खेत से खिसक गई। गांव छेदीपुर से कुछ दूर बाघिन के दिखने और नाइट विजन कैमरे में उसकी तस्वीर आने से वन विभाग का तमाम अमला और ट्रेंकुलाइज विशेषज्ञों ने बाघिन की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
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शनिवार रात खुटार के बाईपास गोला मार्ग पर बाघिन फिर देखी गई थी। सोमवार को बाघिन के खुटार रेंज के निहालपुर गांव के पास गन्ने के खेत और नदी किनारे झाड़ियों में होने की पुष्टि हो गई। खीरी के वन अधिकारियों ने बाघिन के बेहद नजदीक से फोटो भी लिए हैं, लेकिन बाघिन को पकड़ने का कोई प्रयास नहीं किया गया। कठिना नदी के एक तरफ शाहजहांपुर और दूसरी तरफ खीरी के जंगल होने के कारण खीरी के डीएफओ संजय बिस्वाल, दुधवा की फील्ड डॉयरेक्टर सुनील चौधरी सहित तमाम अधिकारी मौके पर हैं। दो हथिनी भी जंगल में कांबिग कर रही हैं, इसके अलावा एक पिंजरा भी मौके पर मंगाया गया है, लेकिन वन अधिकारियों ने बाघिन को पकड़ने के स्थान पर पूरी ताकत इस बात में झोंक रखी है कि बाघिन अब शाहजहांपुर की सीमा में ही रहे और खीरी क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
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बाघिन के खुटार रेंज की ओर निकलने की सूचना मिली है। पगमार्क आदि के आधार पर बाघिन की तलाश की जा रही है। बाघिन कठिना नदी के किनारे झाड़ियों में होने का अनुमान है। लोगों को सतर्क कर दिया गया है।
- संजय विस्वाल डीएफओ खीरी
कोचर फार्म के प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए खतरा बनी बाघिन
खुटार। बाघिन के खुटार के गांव निहालपुर में आ जाने से लोग हलकान हैं। खुटार और निहालपुर की दूरी मात्र तीन किमी है। इससे कस्बे के लोग भी बाघिन के आने से खौफजदा हैं। सोमवार को कठिना नदी के किनारे बौर पुल पर तमाशबीनों की भीड़ रही। खीरी के वन अधिकारियों ने लोगों को तमाम बार हटाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ बाघिन की एक झलक पाने के लिए मौके पर डटी रही।
उधर, खुटार के रेंजर एसएन यादव सहित शाहजहांपुर के वन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने की जरूरत नहीं समझी है। खीरी के अधिकारी बाघिन को शाहजहांपुर के जंगल और खेतों में खदेड़कर मुसीबत को दूर करने के अभियान में सफल रहे हैं, लेकिन शाहजहांपुर के अधिकारियों को इसकी कोई परवाह नहीं है।
जिस स्थान पर बाघिन को देखा गया है, उससे एक किमी की दूरी पर कोचर फार्म का प्राथमिक स्कूल हैं, जहां तमाम बच्चे शिक्षा ग्रहण करने दूरदराज के गांवों से आते हैं। सुनसान स्थान पर बने इस स्कूल के पास बाग और गन्ने के खेत भी हैं। बाघिन कभी भी इधर आ सकती है।