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तीन-तीन जांच अधिकारी बदले, फिर नहीं पकड़े जा सके चोर
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पुवायां तहसील का फाइल फोटो
- फोटो : POWAYAN
पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां तहसील स्थित कार्यालय के ताले तोड़कर पांच खतौनियां चोरी कर ली गई थीं। इस मामले में तीन विवेचक भी बदले गए, लेकिन चोरों का कोई पता नहीं लगा सके। पूरे मामले में बड़ा षड्यंत्र सामने आया था, लेकिन फिर भी पुलिस आरोपियों का पता लगाने में नाकाम रही और फाइनल रिपोर्ट लगाकर मामले को बंद कर दिया, लेकिन सीओ ने फाइनल रिपोर्ट को स्वीकार नहीं कर मामले की फिर से जांच करने के लिए लौटा दिया है।
वर्ष 2020 में दिवाली की छुट्टियों के बीच तहसील कार्यालय से ताले तोड़कर पांच खतौनियां चोरी कर ली गई थी। चोरों का निशाना खुटार क्षेत्र की खतौनियां थी, लेकिन एक खतौनी सिंधौली क्षेत्र की भी चोरी हुई थी। दिवाली की छुट्टी के बाद 16 नवंबर, 2020 को कार्यालय खुले तब खतौनी चोरी का खुलासा हो सका था। 17 नवंबर को खतौनी चोरी के मामले में लेखपाल इंद्रपाल सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना दरोगा ब्रह्मप्रकाश को सौंपी गई थी।
दरोगा चोरों का कोई पता नहीं लगा सके। इसके बाद 21 जनवरी को थाना प्रभारी रवि कुमार ने विवेचना एसएसआई धनंजय सिंह को दी। तीन मार्च को एसएसआई वीके मौर्या को विवेचना का जिम्मा मिला। कई माह का समय गुजारने और तीन विवेचक होने के बाद भी चोरों का कोई पता नहीं लगा सका और 22 मई को फाइनल रिपोर्ट लगाकर विवेचना बंद कर दी गई।
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योजना बनाकर हुई थी चोरी... पहले ही बंद कर दिए थे कैमरे
खतौनी चोरी की घटना को योजना बनाकर अंजाम दिया गया था। तहसील कार्यालयों में कई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सीसीटीवी कैमरों को शुरू करने और बंद करने का सिस्टम एसडीएम कक्ष के पास में था। चोरी की जांच शुरू हुई तो पाया गया कि खतौनी चोरी के दिन सीसीटीवी बंद थे। अब एसडीएम कक्ष तक किसकी पहुंच थी और कैमरों के बारे में कौन जानकारी रखता था, पुलिस इस बात का पता नहीं लगा सकी।
खतौनी चोरी के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई थी। रिपोर्ट मेरे पास आई तो मैंने उसे वापस करते हुए पुनर्विवेचना के आदेश दिए हैं। खतौनी चोरी के मामले में विवेचना अभी चल रही है।
बीएस वीरकुमार, सीओ पुवायां
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वर्ष 2020 में दिवाली की छुट्टियों के बीच तहसील कार्यालय से ताले तोड़कर पांच खतौनियां चोरी कर ली गई थी। चोरों का निशाना खुटार क्षेत्र की खतौनियां थी, लेकिन एक खतौनी सिंधौली क्षेत्र की भी चोरी हुई थी। दिवाली की छुट्टी के बाद 16 नवंबर, 2020 को कार्यालय खुले तब खतौनी चोरी का खुलासा हो सका था। 17 नवंबर को खतौनी चोरी के मामले में लेखपाल इंद्रपाल सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना दरोगा ब्रह्मप्रकाश को सौंपी गई थी।
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दरोगा चोरों का कोई पता नहीं लगा सके। इसके बाद 21 जनवरी को थाना प्रभारी रवि कुमार ने विवेचना एसएसआई धनंजय सिंह को दी। तीन मार्च को एसएसआई वीके मौर्या को विवेचना का जिम्मा मिला। कई माह का समय गुजारने और तीन विवेचक होने के बाद भी चोरों का कोई पता नहीं लगा सका और 22 मई को फाइनल रिपोर्ट लगाकर विवेचना बंद कर दी गई।
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योजना बनाकर हुई थी चोरी... पहले ही बंद कर दिए थे कैमरे
खतौनी चोरी की घटना को योजना बनाकर अंजाम दिया गया था। तहसील कार्यालयों में कई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सीसीटीवी कैमरों को शुरू करने और बंद करने का सिस्टम एसडीएम कक्ष के पास में था। चोरी की जांच शुरू हुई तो पाया गया कि खतौनी चोरी के दिन सीसीटीवी बंद थे। अब एसडीएम कक्ष तक किसकी पहुंच थी और कैमरों के बारे में कौन जानकारी रखता था, पुलिस इस बात का पता नहीं लगा सकी।
खतौनी चोरी के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई थी। रिपोर्ट मेरे पास आई तो मैंने उसे वापस करते हुए पुनर्विवेचना के आदेश दिए हैं। खतौनी चोरी के मामले में विवेचना अभी चल रही है।
बीएस वीरकुमार, सीओ पुवायां