फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Three, including those convicted of capital punishment, passed the examination

मृत्युदंड की सजा के कैदी ने पास किया यूपी बोर्ड का इम्तिहान

Sun, 19 Jun 2022 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
Three, including those convicted of capital punishment, passed the examination
शाहजहांपुर का जिला कारागार - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। अपराध की सजा पाकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे तीन दोषियों ने यूपी बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर प्रथम और द्वितीय स्थान पाया है। कलान के निकुर्रा गांव निवासी रामवीर के पुत्र अनमोल की गोली मारकर हत्या के दोष में फांसी की सजा पाए मनोज यादव ने हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है। उसे 24 नवंबर 2021 को अपर सत्र न्यायाधीश ने फांसी की सजा सुनाई थी। जेल की बैरक में रहकर उसने परीक्षा पास की है।
विज्ञापन

जिला कारागार से हाईस्कूल की परीक्षा के लिए कलान के गांव जल्लापुर निवासी मनोज यादव व जिला मेरठ के थाना रोहटा के ग्राम किनौनी निवासी नीरज ने फार्म डाला था। मनोज पर 28 जनवरी 2015 की सुबह कलान के निकुर्रा गांव निवासी रामवीर के पुत्र अनमोल की स्कूल में पढ़ने जाते समय रंजिशन गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा था। 24 नवंबर 2021 को केस का फैसला आया था।
विज्ञापन

न्यायालय ने आरोपी मनोज व उसके साथी सुनील को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने बताया कि मृत्युदंड की सजा के दोषी मनोज यादव ने दसवीं में 386 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की है। इसी तरह जिला कारागार में हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नीरज पुत्र चरन सिंह ने 64.66 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमानत पर छूटने के बाद दी परीक्षा
हत्या के आरोप में विचाराधीन थाना सिंधौली के गांव आलमपुर निवासी बंदी अमन सिंह पुत्र दिनेश सिंह ने इंटरमीडिएट की परीक्षा का फार्म भरा था। अमन ने 50.4 प्रतिशत अंक हासिल कर द्वितीय श्रेणी में परीक्षा पास कर ली है। जेल अधीक्षक ने बताया कि 29 दिसंबर 2020 को जेल में निरुद्ध अमन को 18 दिसम्बर 2021 को जमानत होने पर रिहा किया गया था। रिहाई के बाद उसने केंद्रीय कारागार बरेली में जाकर परीक्षा दी थी।

उत्तीर्ण हुए बंदियों को उनके परीक्षा परिणाम से अवगत करा दिया गया। बंदियों के द्वारा कारागार में रहते हुए प्रथम और द्वितीय श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण करना काफी प्रसन्नता और उत्साह प्रदर्शित करता है। -डॉ. बीडी पांडेय, जेल अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed