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टोकन सिस्टम से और बिगड़े हालात
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पुवायां (शाहजहांपुर)। एसडीएम के लागू किए टोकन सिस्टम से किसानों को राहत मिलने के बजाय समस्या बढ़ गई है। शनिवार को ट्रैक्टर ट्रालियों में धान लेकर पहुंचे किसान मंडी गेट पर लाइन लगाए खड़े रहे। बगैर टोकन के किसानों को धान मंडी के अंदर ले जाने नहीं दिया गया। किसानों का कहना है कि पहले ही दलालों ने पंजीकरण कर टोकन ले लिया है। अब उन्हें टोकन नहीं मिल रहा है। साथ ही जिसका पंजीकरण है, साइट न चलने से टोकन भी नहीं मिल पा रहा है।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धान खरीद नहीं किए जाने पर मंडी में जमकर हंगामा किया था। एसडीएम दशरथ कुमार और तहसीलदार तृप्ति गुप्ता मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान सामने आया था कि नमी मानक के अनुरूप होने के बाद भी धान नहीं खरीदा जा रहा है। इस पर एसडीएम ने शनिवार से मंडी गेट पर ही पंजीकरण, धान की नमी चेक करने और टोकन जारी करने की व्यवस्था के निर्देश दिए थे।
शनिवार को किसान धान लेकर पहुंचे तो उनके लिए मंडी के गेट नहीं खोले गए। पहले टोकन लाने को कहा गया। पंजीकरण के बाद किसानों ने टोकन लेने का प्रयास किया तो पता चला कि दलालों ने पहले ही तमाम पंजीकरण करा रखे हैं, जिस कारण अब टोकन नवंबर के मिल रहे हैं। किसानों से कहा जा रहा है कि टोकन ले लो और नवंबर में धान लेकर आना। परेशान किसानों ने मामले की सूचना भाकियू नेताओं को दी। भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर मंडी के गेट बंद करने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए किसानों से मंडी का गेट खुलवा दिया और सभी किसानों का धान मंडी के अंदर भिजवाया।
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किसानों के लिए गेट बंद, दलालों के लिए कोई पाबंदी नहीं
पुवायां। शनिवार को किसानों के लिए मंडी के गेट बंद कर दिए गए, लेकिन सेंटर इंचार्जों की मिलीभगत से धान लेकर पहुंचे दलालों की धान भरी ट्रालियां आराम से अंदर जाती रहीं। शुक्रवार को एसडीएम के निरीक्षण के समय जितना धान मंडी में पड़ा था, शनिवार को उससे ज्यादा धान मंडी में पड़ा हुआ है। शुक्रवार को दिन भर तोल के बाद भी मंडी में धान के बड़े ढेर आखिर कहां से आ गए। खास बात यह है कि धान के इन ढेरों के पास कोई किसान मौजूद नहीं हैं। किसानों ने मांग की है कि सभी ढेरों की जांच की जाए और जो किसान ढेर को अपना बताए, उसके कागजात चेक होने चाहिए। लावारिस ढेर को प्रशासन अपने कब्जे में ले।
पुवायां मंडी में भाकियू भानु गुट का हंगामा
जबरदस्ती गेट खुलवाकर मंडी के अंदर कराई धान भरी ट्रालियां, एसडीएम के फरमान को बताया तानाशाही
पुवायां। बिना टोकन धान भरी ट्रालियों को मंडी में नहीं जाने देने के एसडीएम के फरमान को भाकियू ने तानाशाहीपूर्ण बताते हुए जमकर हंगामा किया और मंडी का गेट खोल कर धान भरी ट्रालियों को अंदर करा दिया।
किसानों ने भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव को सूचना दी कि मंडी कर्मचारी बिना टोकन के धान को मंडी में नहीं ले जाने दे रहे हैं और टोकन नवंबर का मिल रहा है, ऐसे में वह लोग धान को कहां ले जाएं। कुछ ही देर में महेंद्रपाल यादव तमाम किसानों के साथ मौके पर जा पहुंचे और मंडी का गेट जबरिया खुलवाकर धान भरी ट्रालियों को मंडी परिसर भिजवा दिया। इस दौरान उनकी मंडी निरीक्षक से जमकर नोकझोंक भी हुई। भाकियू कार्यकर्ताओं के हंगामें की जानकारी पाकर एसडीएम दशरथ कुमार भी मंडी पहुंचे और किसानों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि जल्द ही व्यवस्थाओं को सही करा दिया जाएगा।
सिस्टम पर भारी, सेंटर प्रभारी
पुवायां। शुक्रवार को एसडीएम के सामने यह बात साबित हो गई थी कि 12 से 14 प्रतिशत नमी का धान भी सेंटर इंचार्ज नहीं खरीद रहे हैं। इसके बाद भी किसी सेंटर इंचर्ज पर कार्रवाई नहीं किया जाना यह साबित करता है कि सेंटर प्रभारी सिस्टम पर भारी पड़ रहे हैं। शुक्रवार शाम एसडीएम की सेंटर इंचार्जों के साथ हुई बैठक में एसडीएम ने निर्देश दिए थे कि मंडी में लगी धान की ढेरी में किसान के नाम और पते की पर्ची लगाई जाए। सेंटर प्रभारियों ने इसकी हामी भी भरी थी, लेकिन शनिवार को एक भी ढेरी पर किसान का नाम, पता लिखी पर्ची नहीं लगाई गई।
आंखे सूज गईं साहब, अब तो करा दो तोल
पुवायां। भाकियू के हंगामे की खबर पाकर मौके पर पहुचे एसडीएम दशरथ कुमार से गांव आंवा निवासी क्रांति कुमार मिले। बताया साहब, चार दिन से मंडी में धान लेकर पड़े हैं। नमी भी 14 प्रतिशत ही है। इसके बाद भी धान नहीं तोला जा रहा है। चार रातों से जागते जागते उसकी आंखें सूज गई हैं। एसडीएम ने किसान की बात को अनसुना कर दिया और आगे बढ़ गए।
धान खरीद की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है। सेंटरों पर लगी भीड़ एक दो दिन में समाप्त हो जाएगी और धान खरीद सुचारु हो जाएगी। धान खरीद में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
- दशरथ कुमार, एसडीएम पुवायां
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भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धान खरीद नहीं किए जाने पर मंडी में जमकर हंगामा किया था। एसडीएम दशरथ कुमार और तहसीलदार तृप्ति गुप्ता मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान सामने आया था कि नमी मानक के अनुरूप होने के बाद भी धान नहीं खरीदा जा रहा है। इस पर एसडीएम ने शनिवार से मंडी गेट पर ही पंजीकरण, धान की नमी चेक करने और टोकन जारी करने की व्यवस्था के निर्देश दिए थे।
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शनिवार को किसान धान लेकर पहुंचे तो उनके लिए मंडी के गेट नहीं खोले गए। पहले टोकन लाने को कहा गया। पंजीकरण के बाद किसानों ने टोकन लेने का प्रयास किया तो पता चला कि दलालों ने पहले ही तमाम पंजीकरण करा रखे हैं, जिस कारण अब टोकन नवंबर के मिल रहे हैं। किसानों से कहा जा रहा है कि टोकन ले लो और नवंबर में धान लेकर आना। परेशान किसानों ने मामले की सूचना भाकियू नेताओं को दी। भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर मंडी के गेट बंद करने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए किसानों से मंडी का गेट खुलवा दिया और सभी किसानों का धान मंडी के अंदर भिजवाया।
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किसानों के लिए गेट बंद, दलालों के लिए कोई पाबंदी नहीं
पुवायां। शनिवार को किसानों के लिए मंडी के गेट बंद कर दिए गए, लेकिन सेंटर इंचार्जों की मिलीभगत से धान लेकर पहुंचे दलालों की धान भरी ट्रालियां आराम से अंदर जाती रहीं। शुक्रवार को एसडीएम के निरीक्षण के समय जितना धान मंडी में पड़ा था, शनिवार को उससे ज्यादा धान मंडी में पड़ा हुआ है। शुक्रवार को दिन भर तोल के बाद भी मंडी में धान के बड़े ढेर आखिर कहां से आ गए। खास बात यह है कि धान के इन ढेरों के पास कोई किसान मौजूद नहीं हैं। किसानों ने मांग की है कि सभी ढेरों की जांच की जाए और जो किसान ढेर को अपना बताए, उसके कागजात चेक होने चाहिए। लावारिस ढेर को प्रशासन अपने कब्जे में ले।
पुवायां मंडी में भाकियू भानु गुट का हंगामा
जबरदस्ती गेट खुलवाकर मंडी के अंदर कराई धान भरी ट्रालियां, एसडीएम के फरमान को बताया तानाशाही
पुवायां। बिना टोकन धान भरी ट्रालियों को मंडी में नहीं जाने देने के एसडीएम के फरमान को भाकियू ने तानाशाहीपूर्ण बताते हुए जमकर हंगामा किया और मंडी का गेट खोल कर धान भरी ट्रालियों को अंदर करा दिया।
किसानों ने भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव को सूचना दी कि मंडी कर्मचारी बिना टोकन के धान को मंडी में नहीं ले जाने दे रहे हैं और टोकन नवंबर का मिल रहा है, ऐसे में वह लोग धान को कहां ले जाएं। कुछ ही देर में महेंद्रपाल यादव तमाम किसानों के साथ मौके पर जा पहुंचे और मंडी का गेट जबरिया खुलवाकर धान भरी ट्रालियों को मंडी परिसर भिजवा दिया। इस दौरान उनकी मंडी निरीक्षक से जमकर नोकझोंक भी हुई। भाकियू कार्यकर्ताओं के हंगामें की जानकारी पाकर एसडीएम दशरथ कुमार भी मंडी पहुंचे और किसानों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि जल्द ही व्यवस्थाओं को सही करा दिया जाएगा।
सिस्टम पर भारी, सेंटर प्रभारी
पुवायां। शुक्रवार को एसडीएम के सामने यह बात साबित हो गई थी कि 12 से 14 प्रतिशत नमी का धान भी सेंटर इंचार्ज नहीं खरीद रहे हैं। इसके बाद भी किसी सेंटर इंचर्ज पर कार्रवाई नहीं किया जाना यह साबित करता है कि सेंटर प्रभारी सिस्टम पर भारी पड़ रहे हैं। शुक्रवार शाम एसडीएम की सेंटर इंचार्जों के साथ हुई बैठक में एसडीएम ने निर्देश दिए थे कि मंडी में लगी धान की ढेरी में किसान के नाम और पते की पर्ची लगाई जाए। सेंटर प्रभारियों ने इसकी हामी भी भरी थी, लेकिन शनिवार को एक भी ढेरी पर किसान का नाम, पता लिखी पर्ची नहीं लगाई गई।
आंखे सूज गईं साहब, अब तो करा दो तोल
पुवायां। भाकियू के हंगामे की खबर पाकर मौके पर पहुचे एसडीएम दशरथ कुमार से गांव आंवा निवासी क्रांति कुमार मिले। बताया साहब, चार दिन से मंडी में धान लेकर पड़े हैं। नमी भी 14 प्रतिशत ही है। इसके बाद भी धान नहीं तोला जा रहा है। चार रातों से जागते जागते उसकी आंखें सूज गई हैं। एसडीएम ने किसान की बात को अनसुना कर दिया और आगे बढ़ गए।
धान खरीद की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है। सेंटरों पर लगी भीड़ एक दो दिन में समाप्त हो जाएगी और धान खरीद सुचारु हो जाएगी। धान खरीद में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
- दशरथ कुमार, एसडीएम पुवायां