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Shahjahanpur News: आकस्मिक गेट तक पर बैठा लेते हैं सवारी...नियमों की परवाह नहीं
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तिलहर में हाईवे से गुजरती स्लीपर बस। संवाद
शाहजहांपुर। मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे की तरह यहां भी दुर्घटना हो सकती है। जिले से चलने वालीं व गुजरने वालीं निजी बसें नियमों को दरकिनार कर दौड़ रहीं हैं। बसों में क्षमता से ज्यादा सवारी तो आकस्मिक गेट तक पर सवारी बैठाई जाती हैं।
परिवहन विभाग के आंकड़ों में लगभग 20 बसें पंजीकृत हैं। नियम के अनुसार, ये बसें पर्यटकों, शादी-विवाह में एक स्थान से दूसरे स्थान पर लोगों को ले जा सकती हैं। इनके लिए जगह-जगह रोककर सवारी भरने का नियम नहीं है। लेकिन, निजी बस के संचालक नियमाें को दरकिनार कर बसों का संचालन कर रहे हैं।
40 सीटर, 52 व 54 सीटर पंजीकृत बसों में क्षमता से ज्यादा तो कम किराये पर गैलरी तक में सवारी बैठाई जाती हैं। खतरे के समय उपयोग होने वाला आकस्मिक द्वार तक पर सवारी बैठा दी जाती हैं। निजी बसों के संचालकों की पहुंच के सामने अफसर भी चुप्पी साध लेते हैं।
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रोडवेज बस अड्डे के पास मोहनगंज रेलवे क्राॅसिंग वाले मार्ग पर नौ बजे से स्लीपर बसें खड़ी होकर सवारी भरतीं हैं, लेकिन इनके ऊपर पुलिस कार्रवाई नहीं करती।
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लगेज से हो रही मोटी आमदनी
इन बसों से दिल्ली से सामान की ढुलाई भी की जाती है। निजी बसों से कपड़े, इलेक्ट्रानिक समेत कई तरह का सामान दिल्ली से लाया जाता है। बसों में लगेज बाक्स के अलावा छत पर सामान रखा जाता है। बरेली मोड़, पुवायां रोड स्थित कैंट के पास सुबह सामान उतारा जाता है। जीएसटी विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं देता है।
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दूसरे जिलाें की बसों का हाईवे पर कब्जा
हरदोई, सीतापुर, लखनऊ समेत कई जिलों की निजी बसें लखनऊ-दिल्ली हाईवे से होकर गुजरती हैं। ये बसें रास्ते में रुककर सवारियों को सवार करती हैं। कई थानों से होकर गुजरने वाली बसों पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती। ऐसे में चालक मनमाने तरीके से सवारियों को भरकर चलते हैं।
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निजी बसों के मानक पूर्ण नहीं करने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को स्लीपर बस और ओवरलोड वाहन पर कार्रवाई की गई। नियम विरुद्ध चलने वाली बसों पर निरंतर कार्रवाई करते हैं।
- सर्वेश सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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निजी बस व ईको वैनों का संचालन अवैध स्टैंडों से होता है। अवैध स्टैंड को खत्म करने के लिए मंडलायुक्त से मुलाकात की थी। उन्होंने समाधान का आश्वासन दिया था। जल्द ही दोबारा से फिर मिलकर बात रखेंगे।
- निर्निमेष शर्मा, अध्यक्ष-अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन
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परिवहन विभाग के आंकड़ों में लगभग 20 बसें पंजीकृत हैं। नियम के अनुसार, ये बसें पर्यटकों, शादी-विवाह में एक स्थान से दूसरे स्थान पर लोगों को ले जा सकती हैं। इनके लिए जगह-जगह रोककर सवारी भरने का नियम नहीं है। लेकिन, निजी बस के संचालक नियमाें को दरकिनार कर बसों का संचालन कर रहे हैं।
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40 सीटर, 52 व 54 सीटर पंजीकृत बसों में क्षमता से ज्यादा तो कम किराये पर गैलरी तक में सवारी बैठाई जाती हैं। खतरे के समय उपयोग होने वाला आकस्मिक द्वार तक पर सवारी बैठा दी जाती हैं। निजी बसों के संचालकों की पहुंच के सामने अफसर भी चुप्पी साध लेते हैं।
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रोडवेज बस अड्डे के पास मोहनगंज रेलवे क्राॅसिंग वाले मार्ग पर नौ बजे से स्लीपर बसें खड़ी होकर सवारी भरतीं हैं, लेकिन इनके ऊपर पुलिस कार्रवाई नहीं करती।
लगेज से हो रही मोटी आमदनी
इन बसों से दिल्ली से सामान की ढुलाई भी की जाती है। निजी बसों से कपड़े, इलेक्ट्रानिक समेत कई तरह का सामान दिल्ली से लाया जाता है। बसों में लगेज बाक्स के अलावा छत पर सामान रखा जाता है। बरेली मोड़, पुवायां रोड स्थित कैंट के पास सुबह सामान उतारा जाता है। जीएसटी विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं देता है।
दूसरे जिलाें की बसों का हाईवे पर कब्जा
हरदोई, सीतापुर, लखनऊ समेत कई जिलों की निजी बसें लखनऊ-दिल्ली हाईवे से होकर गुजरती हैं। ये बसें रास्ते में रुककर सवारियों को सवार करती हैं। कई थानों से होकर गुजरने वाली बसों पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती। ऐसे में चालक मनमाने तरीके से सवारियों को भरकर चलते हैं।
निजी बसों के मानक पूर्ण नहीं करने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को स्लीपर बस और ओवरलोड वाहन पर कार्रवाई की गई। नियम विरुद्ध चलने वाली बसों पर निरंतर कार्रवाई करते हैं।
- सर्वेश सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
निजी बस व ईको वैनों का संचालन अवैध स्टैंडों से होता है। अवैध स्टैंड को खत्म करने के लिए मंडलायुक्त से मुलाकात की थी। उन्होंने समाधान का आश्वासन दिया था। जल्द ही दोबारा से फिर मिलकर बात रखेंगे।
- निर्निमेष शर्मा, अध्यक्ष-अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन

तिलहर में हाईवे से गुजरती स्लीपर बस। संवाद