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Shahjahanpur News: पहला महापौर बनने के लिए आठ प्रत्याशियों के बीच होगा घमासान

Fri, 28 Apr 2023 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 28 Apr 2023 01:18 AM IST
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There will be a fight between eight candidates to become the first mayor
शाहजहांपुर। नाम वापसी के साथ ही बृहस्पतिवार को नगर निगम चुनावी मैदान का परिदृश्य साफ हो गया है। पहली बार होने जा रहे महापौर चुनाव में अब आठ प्रत्याशी एक-दूसरे के मुकाबिल होंगे। ओबीसी महिला के लिए आरक्षित महापौर पद के लिए भाजपा से अर्चना वर्मा, सपा से माला राठौर, बसपा से शगुफ्ता इकबाल, कांग्रेस से निकहत इकबाल, आप से सुमन वर्मा, रासपा से मीरा, निर्दलीय जोहा इकबाल और सुनीता यादव चुनाव मैदान में हैं। 11 मई को मतदान के बाद 13 मई को मतगणना के साथ इन्हीं में से कोई एक महापौर की कुर्सी पर बैठेंगी।
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ये हैं प्रमुख दलों के प्रत्याशी
अर्चना वर्मा-भाजपा
शिक्षा : पोस्ट ग्रेजुएट
राजनीतिक कॅरियर : 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। ससुर स्व. राममूर्ति सिंह वर्मा कई बार सांसद-मंत्री रहे।
मजबूती : लंबे समय से राजनीतिक जीवन में हैं। भाजपा के कोर वोट के साथ लोधी बिरादरी के वोट पर भरोसा।
कमजोरी : हाल में ही दलबदल से जनता में भरोसा कायम करने की चुनौती रहेगी। टिकट के दावेदारों की असंतुष्टि से नुकसान।
प्रत्याशी के मुताबिक शहर की समस्याएं : सड़कों का चौड़ा न होना, अतिक्रमण।
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माला राठौर-सपा
शिक्षा : पोस्ट ग्रेजुएट
राजनीतिक कॅरियर : पहली बार चुनावी मैदान में हैं। ससुर सर्वेश राठौर सपा के विभिन्न पदों पर रह चुके हैं।
मजबूती : सपा के मुस्लिम-यादव वोट के साथ ही अपनी बिरादरी के समर्थन की उम्मीद है। पूर्व प्रत्याशी के दलबदल से सहानुभूति की आशा।
कमजोरी : सपा के संगठन का बिखरा होना। प्रत्याशी में राजनीतिक अनुभव का अभाव।
प्रत्याशी के मुताबिक शहर की समस्या : शहर में लगने वाला जाम।
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शगुफ्ता अंजुम-बसपा
शिक्षा : पोस्ट ग्रेजुएट
राजनीतिक कॅरियर : पहली बार चुनावी लड़ रही हैं। पति राशिद कुरैशी बसपा के विभिन्न पदों पर रहे हैं।
मजबूती : बसपा का कोर वोट बैंक। मुस्लिम वोटों में सेंध लगाने की उम्मीद।
कमजोरी : राजनीतिक अनुभव नहीं हैं। बसपा का गत चुनावों में प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा।
प्रत्याशी के मुताबिक शहर की समस्या : सीवर लाइन का बेतरतीब काम, जाम, छुट्टा पशु, नगर निगम की सफाई के नाम पर अवैध वसूली।
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निकहत इकबाल-कांग्रेस
शिक्षा : स्नातक
राजनीतिक कॅरियर : 1995 में नगर पालिका चुनाव अध्यक्ष का चुनाव बसपा से लड़ीं थीं। दूसरे नंबर पर रहीं थीं।
मजबूती : लंबा राजनीतिक अनुभव, मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण की अपेक्षा।
कमजोरी : दो मुस्लिम प्रत्याशी होने से वोट बंटने की आशंका।
प्रत्याशी के मुताबिक शहर की समस्या : गंदगी, खराब सड़कें, टैक्स में भ्रष्टाचार।
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जातिगत आंकड़े (अनुमानित)
कुल वोट--3,27,497
मुस्लिम - 1, 30000
वैश्य : 40000
ब्राह्मण : 25000 क्षत्रिय : 10000 लोधी : 20000
यादव : 10000
अन्य पिछड़ा : 50000
अनुसूचित जाति : 60000
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