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होल्डिंग एरिया और ओपीडी में भीड़ से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के होल्डिंग एरिया में लगी भीड़।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों को होल्डिंग एरिया में रखने के बाद वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। लोग न दो गज की दूरी का पालन कर रहे हैं और न ही मास्क लगा रहे हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है।
कोरोना संक्रमण के केस पिछले दस दिन में तेजी से बढ़े हैं। कोरोना की पिछली दो लहरों के बाद अब तीसरी लहर में रोजाना बढ़कर मरीज सामने आ रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड बनाया है, लेकिन अभी किसी मरीज को भर्ती नहीं किया है। अभी तक जितने मरीज आए हैं, सभी होम आइसोलेट किए हैं। इसके बावजूद लगातार मॉक ड्रिल कर तैयारियों को पुख्ता किया जा रहा है। अभी राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोविड गाइडलाइन को लेकर सख्ती नहीं की जा रही है।
ओपीडी में आने वाले मरीज और उनके तीमारदार दो गज की दूरी के नियम का पालन नहीं कर रहे। पर्चा बनवाने की लाइन हो या फिर दवा वितरण काउंटर के बाहर लगी लाइन, सभी सटकर खड़े होते हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। स्टाफ के बीच कोरोना संक्रमण फैलने से बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। वार्डों में भी एक मरीज के पास कई तीमारदार रहते हैं। मास्क का इस्तेमाल न करने और दूरी न बनाने के कारण कोरोना संक्रमण फैल सकता है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में 38 बेड के होल्डिंग एरिया का निर्माण किया है। भर्ती होने वाले मरीजों को पहले होल्डिंग एरिया में रखा जाता है। कोरोना रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। होल्डिंग एरिया में कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद एक मरीज के साथ कई तीमारदार बने रहते हैं। ट्रॉमा सेंटर में भी यही हाल है। एक मरीज के साथ कई तीमारदार आने से स्टाफ असुरक्षित महसूस करता है।
प्रतिदिन वार्डों में जाकर निरीक्षण किया जाता है। जिन मरीजों के पास एक से अधिक तीमारदार होते हैं उनको बाहर किया जाता है। मास्क लगाने के भी निर्देश दिया जा रहा है।
- डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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कोरोना संक्रमण के केस पिछले दस दिन में तेजी से बढ़े हैं। कोरोना की पिछली दो लहरों के बाद अब तीसरी लहर में रोजाना बढ़कर मरीज सामने आ रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड बनाया है, लेकिन अभी किसी मरीज को भर्ती नहीं किया है। अभी तक जितने मरीज आए हैं, सभी होम आइसोलेट किए हैं। इसके बावजूद लगातार मॉक ड्रिल कर तैयारियों को पुख्ता किया जा रहा है। अभी राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोविड गाइडलाइन को लेकर सख्ती नहीं की जा रही है।
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ओपीडी में आने वाले मरीज और उनके तीमारदार दो गज की दूरी के नियम का पालन नहीं कर रहे। पर्चा बनवाने की लाइन हो या फिर दवा वितरण काउंटर के बाहर लगी लाइन, सभी सटकर खड़े होते हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। स्टाफ के बीच कोरोना संक्रमण फैलने से बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। वार्डों में भी एक मरीज के पास कई तीमारदार रहते हैं। मास्क का इस्तेमाल न करने और दूरी न बनाने के कारण कोरोना संक्रमण फैल सकता है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में 38 बेड के होल्डिंग एरिया का निर्माण किया है। भर्ती होने वाले मरीजों को पहले होल्डिंग एरिया में रखा जाता है। कोरोना रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। होल्डिंग एरिया में कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद एक मरीज के साथ कई तीमारदार बने रहते हैं। ट्रॉमा सेंटर में भी यही हाल है। एक मरीज के साथ कई तीमारदार आने से स्टाफ असुरक्षित महसूस करता है।
प्रतिदिन वार्डों में जाकर निरीक्षण किया जाता है। जिन मरीजों के पास एक से अधिक तीमारदार होते हैं उनको बाहर किया जाता है। मास्क लगाने के भी निर्देश दिया जा रहा है।
- डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज

राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन।- फोटो : SHAHJAHANPUR