फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   There are no arrangements to protect the coastal villages of Ramganga from floods

Shahjahanpur News: रामगंगा के तटीय गांवों को बाढ़ से बचाने के इंतजाम नहीं

Tue, 15 Jul 2025 12:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
There are no arrangements to protect the coastal villages of Ramganga from floods
परौर क्षेत्र के गावों में कटान करती रामगंगा। स्रोत: जागरूक पाठक - फोटो : बाघ के मिले पगचिह्न।
परौर। मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन मोहनपुर गांव को रामगंगा के कटान से बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने अभी तक कोई ठोस इंतजाम नहीं किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांधों और बैराजों से पानी की निकासी बढ़ी तो रामगंगा में उफान बढ़ने पर गांव को बाढ़ से बचाना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन

हर साल बाढ़ आने पर मोहनपुर और नारायण नगर गांव कटान से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। इन गांवों के लोग गत 25 वर्ष से बाढ़ की विपदा का सामना कर रहे हैं। वर्ष 2010 और 2011 में आई भयंकर बाढ़ में नारायणनगर पूर्वी गांव का अस्तित्व ही मिट गया था। वहां से विस्थापित हुए परिवारों को अभी तक स्थायी ठिकाना नहीं मिल सका। सौ-सौ बीघा खेतों के मालिक उपजाऊ जमीनें बाढ़ में कट जाने से परिवार सहित अन्य शहरों में मेहनत-मजदूरी करके जीवन यापन कर रहे हैं।
विज्ञापन

हालांकि, बाढ़ से सबक लेकर सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए इन दोनों गांवों के आसपास 15 कच्ची ठोकरें बनवाईं, लेकिन जहां ठोकरें बनीं, उनके नीचे भी कटान होने लगा। गत वर्ष बालू से भरे कई जिओ ट्यूब भी लगाए गए, लेकिन बाढ़ के तेज बहाव में बहने से उनकी दिशा भी बदल गई। कई जिओ ट्यूब क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, लेकिन उनकी मरम्मत भी नहीं कराई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


000
ग्रामीणों की बात
रामगंगा हमारे गांव के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गई है। हर साल बाढ़ में कटान करके नदी गांव की ओर बढ़ रही है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-शिवराम सिंह, मोहनपुर
---
बाढ़ से कई गांवों के तमाम लोग बर्बाद हो चुके हैं। हर साल रामगंगा से कटान होता है, लेकिन सिंचाई विभाग कटान से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं करता है।
-राजीव सिंह चौहान, मोहनपुर
---
मोहनपुर और नारायण नगर पश्चिमी को रामगंगा के कटान से बचाने के लिए तत्काल ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। अन्यथा गांव नहीं बचेंगे।
-राजीव प्रजापति, मोहनपुर
---
बाढ़ से पिछले 25 साल में रामगंगा हजारों एकड़ उपजाऊ दोमट जमीन को रेत में बदल चुकी है। इसके बावजूद सरकार से कोई राहत नहीं मिलने से लोग परेशान हैं।
-सुखपाल गुर्जर, मंझा
-----------------------------------------

नदियों के जलस्तर की निरंतर निगरानी हो रही है। अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं बने हैं। फिर भी रामगंगा के किनारे बसे गांवों में सर्वे कराकर कटान के ठिकाने चिह्नित किए जाएंगे। ऐसे सभी स्थानों पर बैंबू क्रैट लगाने या फिर अस्थायी ठोकरें बनाने का काम कराया जाएगा।
-नेहा वर्मा, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग, शारदा नहर खंड

परौर क्षेत्र के गावों में कटान करती रामगंगा। स्रोत: जागरूक पाठक

परौर क्षेत्र के गावों में कटान करती रामगंगा। स्रोत: जागरूक पाठक- फोटो : बाघ के मिले पगचिह्न।

परौर क्षेत्र के गावों में कटान करती रामगंगा। स्रोत: जागरूक पाठक

परौर क्षेत्र के गावों में कटान करती रामगंगा। स्रोत: जागरूक पाठक- फोटो : बाघ के मिले पगचिह्न।

परौर क्षेत्र के गावों में कटान करती रामगंगा। स्रोत: जागरूक पाठक

परौर क्षेत्र के गावों में कटान करती रामगंगा। स्रोत: जागरूक पाठक- फोटो : बाघ के मिले पगचिह्न।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed