शाहजहांपुर। पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा से उत्तराखंड व पश्चिमी यूपी के बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी जारी है। मंगलवार को लगातार चौथे दिन भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर आठ सेमी बढ़कर 143.08 मीटर हो गया। परौर क्षेत्र में रामगंगा उतार पर है लेकिन शहर के समीप गर्रा और खन्नौत में फिर पानी बढ़ने लगा है।
मिर्जापुर क्षेत्र के कई तटीय गांव चारों ओर पानी से घिरकर टापू में बदल चुके हैं और कई गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ से कट रहे हैं। गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर कम होने से कई प्रमुख सड़कों पर बाढ़ का पानी थोड़ा कम हो गया है। आजाद नगर के रास्ते में पानी अभी तक भरा है। हालांकि पानी कम होने से सिर्फ इतनी राहत मिली कि लोग नाव के बजाय घुटनों और कमर तक पानी में घुसकर पैदल निकलने लगे हैं। जलालाबाद-मैनपुरी, एटा वाया ढाईघाट स्टेट हाईवे पर चौंरा गांव के पास भरा पानी कम हुआ है लेकिन बाढ़ की मुश्किलें कम नहीं हुई। चौंरा-बसोला-नगला मार्ग पर भी बाढ़ का पानी भरा है। उधर, फर्रुखाबाद जिले की सीमा में गंगा इस्लामनगर-कमथरी संपर्क मार्ग को काट रही है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि नरौरा बैराज से मंगलवार सुबह तक पानी का बहाव 81336 क्यूसेक स्थिर रहा, लेकिन खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से निकल रहे पानी की मात्रा 52637 क्यूसेक से घटकर 15777 हो गई है। इसलिए रामगंगा में उतार शुरू हो गया है। बताया गया कि बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 28 सेमी घटकर 158.10 मीटर हो गया है। इसलिए परौर क्षेत्र में रामगंगा तेजी से सिमट रही है। पीलीभीत के पास ड्यूनी डैम से रविवार शाम भारी मात्रा में निकले पानी से गर्रा का जलस्तर 1.20 मीटर बढ़कर 146.40 मीटर हो गया। बारिश के असर से खन्नौत भी 40 सेमी बढ़कर 142.95 मीटर पर पहुंच गई है।