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Shahjahanpur News: सात साल बाद साकार हुआ विश्वविद्यालय का सपना...जुलाई से नए कलेवर में दिखेगा मुमुक्षु आश्रम
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एसएस कॉलेज के विश्वविद्यालय बनने पर स्वामी चिन्मयानंद को बुकें देते एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य
शाहजहांपुर। राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद एसएस कॉलेज शुकदेवानंद विश्वविद्यालय बन गया है। यूनिवर्सिटी का विधिवत कार्य अगले सत्र यानी जुलाई में शुरू होगा। इससे पहले ही कुलपति समेत नई नियुक्तियां होंगी, साथ ही वेबसाइट डिजाइन कर नियमावली तैयार की जाएगी। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
वर्ष 1989 में स्वामी चिन्मयानंद ने शाहजहांपुर में शिक्षा को लेकर अपने संकल्प को एक यात्रा का रूप दिया था। उस समय सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में कॉलेज को आगे बढ़ाया। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर स्वामी चिन्मयानंद ने संकुल को विश्वविद्यालय के रूप में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव रखा।
इसके बाद यूनिवर्सिटी बनाने की प्रक्रिया को शुरू किया गया। कॉलेज की पांच शिक्षण संस्थानों की भूमि को मिलाकर विश्वविद्यालय की राह प्रशस्त हुई। कैबिनेट से मुहर लगने के बाद बुधवार को राजभवन से भी स्वीकृति मिल गई। इसके बाद रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से संबद्ध शाहजहांपुर के 57 डिग्री कॉलेजों को स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के अधीन कर दिया गया।
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विश्वविद्यालय में कुलपति समेत अन्य नियुक्तियां 45 दिन के अंदर होंगी। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय बन जाएगा। इसके बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से डाटा मांगकर स्वामी शुकदेवानंद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट डिजाइन की जाएगी। नियमावली बनाकर प्रवेश की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अधीन जिले के 57 कॉलेज संबद्ध किए गए हैं।
मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए बहुत से काम होने शेष हैं। कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त नियंत्रक, परीक्षा नियंत्रक समेत अलग-अलग विभागों में नियुक्तियां होंगी। महाविद्यालय से विश्वविद्यालय के उच्चीकरण के सारे मानक पूरे किए जाएंगे। बताया कि कोशिश थी कि इसी सत्र में विश्वविद्यालय विधिवत तरह से शुरू हो जाए। कम समय में तैयारियां पूरी होती दिख नहीं रहीं हैं। ऐसे में अगले सत्र से विधिवत यूनिवर्सिटी का शुभारंभ होगा।
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कॉलेज में जश्न का माहौल, चिन्मयानंद बोले-संकल्प का बीज अंकुरित हो चुका
राजभवन से विश्वविद्यालय के लिए मंजूरी मिलने पर खुशी का माहौल है। बृहस्पतिवार को मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद को प्रोफेसर व शिक्षकों ने पहुंचकर बधाई दी। इस बीच कार्यक्रम में चिन्मयानंद ने कहा कि प्रारंभ में स्थिति विपरीत होने के बावजूद सतत आगे बढ़ने का साहस व जनमानस की अपेक्षाएं बाधाओं को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ाने की प्रेरणा देतीं रहीं। संकल्प का जो बीज बोया था, वह सफलतापूर्वक अंकुरित हो चुका है।
कहा कि वर्ष 2018 में विश्वविद्यालय का प्रस्ताव रखने पर लेकर अब तक की यात्रा अनेक अनुकूल एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से होकर गुजरी है। ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद की साधना का प्रतिफल है कि परमार्थ के इस संकल्प को प्रत्येक कदम पर साहस एवं ऊर्जा प्राप्त होती गई।
प्रबंध समिति के सचिव प्रो. अवनीश मिश्र ने कहा कि भगवान भास्कर महाराज के उत्तरायण में आते ही संस्था का भी उच्चीकरण हो जाना निश्चित रूप से शाहजहांपुर के शैक्षिक भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है। प्राचार्य प्रो. आरके आजाद ने पुष्पगुच्छ भेंट किए। डॉ. विकास खुराना, डॉ. श्रीकांत मिश्रा, डॉ. आदर्श पांडेय ने स्वामी चिन्मयानंद को सिरोपा ओढ़ाकर सम्मानित किया। उप प्राचार्य प्रो. अनुराग अग्रवाल, प्रो. जयशंकर ओझा, प्रो. आदित्य कुमार सिंह, प्रो. प्रभात शुक्ला, प्रो. मीना शर्मा, प्रो. आलोक मिश्र, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. कमलेश गौतम, डॉ. शिशिर शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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वर्ष 1989 में स्वामी चिन्मयानंद ने शाहजहांपुर में शिक्षा को लेकर अपने संकल्प को एक यात्रा का रूप दिया था। उस समय सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में कॉलेज को आगे बढ़ाया। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर स्वामी चिन्मयानंद ने संकुल को विश्वविद्यालय के रूप में उच्चीकृत करने का प्रस्ताव रखा।
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इसके बाद यूनिवर्सिटी बनाने की प्रक्रिया को शुरू किया गया। कॉलेज की पांच शिक्षण संस्थानों की भूमि को मिलाकर विश्वविद्यालय की राह प्रशस्त हुई। कैबिनेट से मुहर लगने के बाद बुधवार को राजभवन से भी स्वीकृति मिल गई। इसके बाद रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से संबद्ध शाहजहांपुर के 57 डिग्री कॉलेजों को स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के अधीन कर दिया गया।
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विश्वविद्यालय में कुलपति समेत अन्य नियुक्तियां 45 दिन के अंदर होंगी। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय बन जाएगा। इसके बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से डाटा मांगकर स्वामी शुकदेवानंद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट डिजाइन की जाएगी। नियमावली बनाकर प्रवेश की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अधीन जिले के 57 कॉलेज संबद्ध किए गए हैं।
मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए बहुत से काम होने शेष हैं। कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त नियंत्रक, परीक्षा नियंत्रक समेत अलग-अलग विभागों में नियुक्तियां होंगी। महाविद्यालय से विश्वविद्यालय के उच्चीकरण के सारे मानक पूरे किए जाएंगे। बताया कि कोशिश थी कि इसी सत्र में विश्वविद्यालय विधिवत तरह से शुरू हो जाए। कम समय में तैयारियां पूरी होती दिख नहीं रहीं हैं। ऐसे में अगले सत्र से विधिवत यूनिवर्सिटी का शुभारंभ होगा।
कॉलेज में जश्न का माहौल, चिन्मयानंद बोले-संकल्प का बीज अंकुरित हो चुका
राजभवन से विश्वविद्यालय के लिए मंजूरी मिलने पर खुशी का माहौल है। बृहस्पतिवार को मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद को प्रोफेसर व शिक्षकों ने पहुंचकर बधाई दी। इस बीच कार्यक्रम में चिन्मयानंद ने कहा कि प्रारंभ में स्थिति विपरीत होने के बावजूद सतत आगे बढ़ने का साहस व जनमानस की अपेक्षाएं बाधाओं को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ाने की प्रेरणा देतीं रहीं। संकल्प का जो बीज बोया था, वह सफलतापूर्वक अंकुरित हो चुका है।
कहा कि वर्ष 2018 में विश्वविद्यालय का प्रस्ताव रखने पर लेकर अब तक की यात्रा अनेक अनुकूल एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से होकर गुजरी है। ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद की साधना का प्रतिफल है कि परमार्थ के इस संकल्प को प्रत्येक कदम पर साहस एवं ऊर्जा प्राप्त होती गई।
प्रबंध समिति के सचिव प्रो. अवनीश मिश्र ने कहा कि भगवान भास्कर महाराज के उत्तरायण में आते ही संस्था का भी उच्चीकरण हो जाना निश्चित रूप से शाहजहांपुर के शैक्षिक भविष्य के लिए एक शुभ संकेत है। प्राचार्य प्रो. आरके आजाद ने पुष्पगुच्छ भेंट किए। डॉ. विकास खुराना, डॉ. श्रीकांत मिश्रा, डॉ. आदर्श पांडेय ने स्वामी चिन्मयानंद को सिरोपा ओढ़ाकर सम्मानित किया। उप प्राचार्य प्रो. अनुराग अग्रवाल, प्रो. जयशंकर ओझा, प्रो. आदित्य कुमार सिंह, प्रो. प्रभात शुक्ला, प्रो. मीना शर्मा, प्रो. आलोक मिश्र, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. कमलेश गौतम, डॉ. शिशिर शुक्ला आदि मौजूद रहे।