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निगोही के सीडीपीओ निलंबित
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:55 PM IST
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राज्य पोषण मिशन के अंर्तगत शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला पोषण समिति की मासिक बैठक लेते हुए डीएम राम गणेश ने बिंदुवार समीक्षा की तो कई कमियां सामने आईं। बैठक में अनुपस्थित निगोही के सीडीपीओ को तत्काल निलंबित करने की संस्तुति शासन को भेज दी गई। हौसला पोषण मिशन के तहत रिपोर्ट न देने वाले बंडा, खुदागंज और मिर्जापुर के सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्ट दी गई। दो टूक लहजे में स्पष्ट किया कि यदि आंगनबाड़ी कार्यकत्री अपने कार्यों या दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं करती है तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाए। जिला अस्पताल में अतिकुपोषित बच्चों के लिये खुले 10 बेड वाले एनआरसी में सिर्फ चार बच्चों के ही भरती होने पर गंभीर संज्ञान लेते हुए सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि अपने - अपने इलाकों के अति कुपोषित बच्चों को सामान्य दशा में लाने के लिए तत्परता के साथ उन्हें यहां उपचार के लिए उसके अभिभावक संग भरती कराएं।
समीक्षा करते हुए डीएम ने पाया कि जिला स्तरीय कई नोडल अधिकारियों ने अपने गोद लिए गांवों की प्रगति रिपोर्ट नहीं दी है। उन्हें तत्काल अपनी रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि हर माह की 10 तारीख को गतमाह की निरीक्षण रिपोर्ट प्रत्येक दशा में दें। जो अधिकारी समय से रिपोर्ट नहीं देंगे, उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुये उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही होगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि उनका दायित्व है कि वह हर हाल में 10 तारीख तक रिपोर्ट मंगवाकर प्रस्तुत करें। नोडल अधिकारियों ने इस दौरान कई केंद्रों पर वजन मशीन न होने, आंगनबाड़ी या सुपरवाईजर के न मिलने आदि की समस्या बताई गई। इस पर डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबंधित सीडीपीओ से स्पष्टीकरण मांगने को कहा। नवजात शिशुओं संबंधी मसलों की समीक्षा में डीएम ने पाया कि जिले में जन्म के एक घंटे के अंदर 4682 बच्चों में से 129 को स्तनपान नहीं कराया गया। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित जिम्मेदार कर्मचारी यह सुनिश्चित कराए कि नवजात शिशु जन्म को एक घंटे अंदर स्तनपान शतप्रतिशत कराया जाए। पाया कि जिले में गर्भवती 5535 महिलाओं में 2525 रक्ताल्पता (एनीमिया) की शिका हैं। उन्हें आइरन की गोली देने के निर्देश दिये। किशोरियों को दी जाने वाली नीली आईरन की गोली की कमी होने पर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि वह उसकी आपूर्ति तत्काल करें। बैठक में सीडीओ टीके शिबु, जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय श्री आदि मौजूद थीं।
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समीक्षा करते हुए डीएम ने पाया कि जिला स्तरीय कई नोडल अधिकारियों ने अपने गोद लिए गांवों की प्रगति रिपोर्ट नहीं दी है। उन्हें तत्काल अपनी रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि हर माह की 10 तारीख को गतमाह की निरीक्षण रिपोर्ट प्रत्येक दशा में दें। जो अधिकारी समय से रिपोर्ट नहीं देंगे, उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुये उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही होगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि उनका दायित्व है कि वह हर हाल में 10 तारीख तक रिपोर्ट मंगवाकर प्रस्तुत करें। नोडल अधिकारियों ने इस दौरान कई केंद्रों पर वजन मशीन न होने, आंगनबाड़ी या सुपरवाईजर के न मिलने आदि की समस्या बताई गई। इस पर डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को संबंधित सीडीपीओ से स्पष्टीकरण मांगने को कहा। नवजात शिशुओं संबंधी मसलों की समीक्षा में डीएम ने पाया कि जिले में जन्म के एक घंटे के अंदर 4682 बच्चों में से 129 को स्तनपान नहीं कराया गया। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित जिम्मेदार कर्मचारी यह सुनिश्चित कराए कि नवजात शिशु जन्म को एक घंटे अंदर स्तनपान शतप्रतिशत कराया जाए। पाया कि जिले में गर्भवती 5535 महिलाओं में 2525 रक्ताल्पता (एनीमिया) की शिका हैं। उन्हें आइरन की गोली देने के निर्देश दिये। किशोरियों को दी जाने वाली नीली आईरन की गोली की कमी होने पर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि वह उसकी आपूर्ति तत्काल करें। बैठक में सीडीओ टीके शिबु, जिला कार्यक्रम अधिकारी विजय श्री आदि मौजूद थीं।
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