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Shahjahanpur News: हादसे में दंपती की मौत के बाद स्टेट हाईवे नौ घंटे किया जाम
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गांव सुनारा बुजुर्ग में जाम के दौरान लगी भीड़। स्रोत वीडिया ग्रैब
पुवायां (शाहजहांपुर)। ईंट भट्ठे जाती ट्रैक्टर-ट्राॅली के गांव सुनारा में टिनशेड में घुसने से बुजुर्ग दंपती की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण दातागंज स्टेट हाईवे पर करीब नौ घंटे तक जाम लगाए रहे। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे पुलिस ने किसी तरह समझाकर सड़क खाली कराई तो आवागमन सुचारु हो सका।
बुधवार रात लगभग साढ़े दस बजे हुए इस हादसे में टिनशेड नुमा घर में सो रहीं तारा देवी (45) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पति रामशंकर (50) को सीएचसी ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया था। हादसे में घायल उनकी पौत्री वंदना देवी का राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। घायल पौत्र अरुण को इलाज के बाद घर भेज दिया गया था।
घटना के बाद जाम लगाते हुए भट्ठा स्वामी और ट्रैक्टर चालक को मौके पर लाने की मांग की गई। सूचना पर पुवायां, सिंधौली, बंडा, खुटार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पूरी रात अफसर परिजनों को समझाते रहे, लेकिन सुबह तक ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। इस दौरान कई बार नोकझोंक भी हुई और टकराव की स्थिति भी बनी। बृहस्पतिवार सुबह सीओ प्रवीण मालिक और नायब तहसीलदार पंकज कुमार ने परिजनों को फिर समझाकर नौ घंटे बाद जाम खुलवाया। फिर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाए जा सके।
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दोपहर बाद करीब चार बजे शव घर पहुंचे तो परिजनों ने उन्हें घर के दरवाजे पर रख दिया और अंतिम संस्कार से इन्कार करते हुए चालक को मौके पर बुलाने की फिर मांग की। लगभग एक घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
उधर, पूरी रात सीओ और पुवायां, खुटार, बंडा के थाना प्रभारी परिजनों को समझाते रहे, लेकिन सुबह तक ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। जाम लगने की सूचना पर पुलिस ने पुवायां और निगोही में ही वाहनों को रोक दिया। इसके बाद तमाम वाहन अन्य मार्गों से गंतव्य के लिए निकले। पुवायां से निगोही होकर बरेली जाने वाले वाहनों को नाहिल, सिंघापुर होते हुए और बंडा, बिलसंडा होते हुए बरेली भेजा गया। निगोही से भी वाहनों को शाहजहांपुर की ओर से आगे भेजा गया। इस कारण मौके पर वाहनों की लाइन नहीं लगी।
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रात भर जाम... पूरा दिन गुजरा फिर भी नहीं पकड़ सके चालक
पुवायां। बुधवार रात हादसे के बाद से बृहस्पतिवार सुबह तक पुवायां-निगोही रोड नौ घंटे जाम लगाए के बावजूद पुलिस ट्रैक्टर चालक के बारे में पता तक नहीं लगा पाई, गिरफ्तार करना तो दूर की बात रही। जबकि जाम लगाए लोगों की मांग चालक को पकड़ने की ही थी। बृहस्पतिवार का पूरा दिन बीतने पर भी पुलिस ट्रैक्टर चालक को नहीं पकड़ पाई।
रामशंकर के पुत्र ब्रजेश कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि ट्रैक्टर चालक शाहजहांपुर शहर के कटिया टोला और वर्तमान में सुनारा बुजर्ग निवासी शशिंद्र कुमार ओम ब्रिक फील्ड के लिए ट्रैक्टर ट्राॅली तेज रफ्तार में लेकर निकला और टिनशेड में टक्कर मार दी। हादसे में ब्रजेश की बोलेरो गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचने के साथ ही टिनशेड में सो रहे माता-पिता की मौत हो गई। पुलिस को जांच से पता चला कि शशिंद्र तो भट्ठा मालिक है। उसे ही चालक बताकर नामजद कर दिया गया। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि नामजद किए गए शशिंद्र को नोटिस देकर जानकारी ली जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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बाबा-दादी के पास रहती थी वंदना
रामशंकर के पुत्र ब्रजेश कुमार की पहली पत्नी की मौत के बाद उसकी दूसरी शादी हो गई। ब्रजेश की पहली पत्नी की मौत के समय पुत्री वंदना छोटी थी। बाबा-दादी ने ही वंदना का पालन पोषण किया। वंदना रात में बाबा-दादी के साथ ही सोती थी। इस कारण वह भी हादसे में घायल हुई। बाबा-दादी की मौत से वंदना का रो-रोकर बुरा हाल है।
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संयुक्त रूप से खेती करते हैं रामशंकर के बेटे
रामशंकर का परिवार संपन्न है। रामशंकर के चार पुत्र ब्रजेश, राहुल, अजीत, लालू में तीन की शादी हो चुकी है। ब्रजेश और उनके भाई संयुक्त रूप से खेती करते हैं। पुवायां निगोही रोड पर गांव में उनकी दुकानें हैं और ढाई एकड़ खेती भी है। परिवार के पास ट्रैक्टर भी है और अपनी खेती के साथ ही ठेके पर लेकर खेती भी करते हैं। 18 अक्तूबर 2025 को धनतेरस पर परिवार में पुरानी बोलेरो गाड़ी भी खरीदी गई थी।
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मई में भी हाईवे किनारे घर में घुस गई थी मिट्टी भरी ट्रैक्टर ट्राॅली
पुवायां। कृषि के लिए पंजीकरण कराने के बाद तमाम ट्रैक्टर-ट्राॅली चालक व्यावसायिक कार्य करते हैं। मिट्टी, ईंट ढोने से लेकर किराने का सामान, अनाज आदि ढोने में भी इनका उपयोग होता है। ज्यादा फेरे लगाकर रुपये कमाने के लालच में चालक ट्रैक्टर-ट्राॅली को तेज रफ्तार से दौड़ाते हैं।
13 मई को मिट्टी भरी तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली बिजली के खंभा और हाईवे पर बने सरकारी नाले को तोड़ते हुए गांव इटौली के धर्मेंद्र कुमार के मकान में जा घुसी थी। इससे धर्मेंद्र के मकान की एक दीवार ढह गई थी और एक पेड़ भी टूटकर गिर गया था। दीवार से टकराने के बाद ट्रैक्टर बंद हो जाने पर आगे की दीवार टूटने से बच गई थी, इससे बड़ा हादसा होने से बच गया था। पुलिस ईंट और मिट्टी ढोने वाले ट्रैक्टरों के चालान नहीं काटती है, परिवहन विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे रहते हैं। इस कारण हादसे होते रहते हैं। संवाद
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बुधवार रात लगभग साढ़े दस बजे हुए इस हादसे में टिनशेड नुमा घर में सो रहीं तारा देवी (45) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पति रामशंकर (50) को सीएचसी ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया था। हादसे में घायल उनकी पौत्री वंदना देवी का राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। घायल पौत्र अरुण को इलाज के बाद घर भेज दिया गया था।
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घटना के बाद जाम लगाते हुए भट्ठा स्वामी और ट्रैक्टर चालक को मौके पर लाने की मांग की गई। सूचना पर पुवायां, सिंधौली, बंडा, खुटार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पूरी रात अफसर परिजनों को समझाते रहे, लेकिन सुबह तक ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। इस दौरान कई बार नोकझोंक भी हुई और टकराव की स्थिति भी बनी। बृहस्पतिवार सुबह सीओ प्रवीण मालिक और नायब तहसीलदार पंकज कुमार ने परिजनों को फिर समझाकर नौ घंटे बाद जाम खुलवाया। फिर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाए जा सके।
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दोपहर बाद करीब चार बजे शव घर पहुंचे तो परिजनों ने उन्हें घर के दरवाजे पर रख दिया और अंतिम संस्कार से इन्कार करते हुए चालक को मौके पर बुलाने की फिर मांग की। लगभग एक घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
उधर, पूरी रात सीओ और पुवायां, खुटार, बंडा के थाना प्रभारी परिजनों को समझाते रहे, लेकिन सुबह तक ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। जाम लगने की सूचना पर पुलिस ने पुवायां और निगोही में ही वाहनों को रोक दिया। इसके बाद तमाम वाहन अन्य मार्गों से गंतव्य के लिए निकले। पुवायां से निगोही होकर बरेली जाने वाले वाहनों को नाहिल, सिंघापुर होते हुए और बंडा, बिलसंडा होते हुए बरेली भेजा गया। निगोही से भी वाहनों को शाहजहांपुर की ओर से आगे भेजा गया। इस कारण मौके पर वाहनों की लाइन नहीं लगी।
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रात भर जाम... पूरा दिन गुजरा फिर भी नहीं पकड़ सके चालक
पुवायां। बुधवार रात हादसे के बाद से बृहस्पतिवार सुबह तक पुवायां-निगोही रोड नौ घंटे जाम लगाए के बावजूद पुलिस ट्रैक्टर चालक के बारे में पता तक नहीं लगा पाई, गिरफ्तार करना तो दूर की बात रही। जबकि जाम लगाए लोगों की मांग चालक को पकड़ने की ही थी। बृहस्पतिवार का पूरा दिन बीतने पर भी पुलिस ट्रैक्टर चालक को नहीं पकड़ पाई।
रामशंकर के पुत्र ब्रजेश कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि ट्रैक्टर चालक शाहजहांपुर शहर के कटिया टोला और वर्तमान में सुनारा बुजर्ग निवासी शशिंद्र कुमार ओम ब्रिक फील्ड के लिए ट्रैक्टर ट्राॅली तेज रफ्तार में लेकर निकला और टिनशेड में टक्कर मार दी। हादसे में ब्रजेश की बोलेरो गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचने के साथ ही टिनशेड में सो रहे माता-पिता की मौत हो गई। पुलिस को जांच से पता चला कि शशिंद्र तो भट्ठा मालिक है। उसे ही चालक बताकर नामजद कर दिया गया। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि नामजद किए गए शशिंद्र को नोटिस देकर जानकारी ली जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
बाबा-दादी के पास रहती थी वंदना
रामशंकर के पुत्र ब्रजेश कुमार की पहली पत्नी की मौत के बाद उसकी दूसरी शादी हो गई। ब्रजेश की पहली पत्नी की मौत के समय पुत्री वंदना छोटी थी। बाबा-दादी ने ही वंदना का पालन पोषण किया। वंदना रात में बाबा-दादी के साथ ही सोती थी। इस कारण वह भी हादसे में घायल हुई। बाबा-दादी की मौत से वंदना का रो-रोकर बुरा हाल है।
संयुक्त रूप से खेती करते हैं रामशंकर के बेटे
रामशंकर का परिवार संपन्न है। रामशंकर के चार पुत्र ब्रजेश, राहुल, अजीत, लालू में तीन की शादी हो चुकी है। ब्रजेश और उनके भाई संयुक्त रूप से खेती करते हैं। पुवायां निगोही रोड पर गांव में उनकी दुकानें हैं और ढाई एकड़ खेती भी है। परिवार के पास ट्रैक्टर भी है और अपनी खेती के साथ ही ठेके पर लेकर खेती भी करते हैं। 18 अक्तूबर 2025 को धनतेरस पर परिवार में पुरानी बोलेरो गाड़ी भी खरीदी गई थी।
मई में भी हाईवे किनारे घर में घुस गई थी मिट्टी भरी ट्रैक्टर ट्राॅली
पुवायां। कृषि के लिए पंजीकरण कराने के बाद तमाम ट्रैक्टर-ट्राॅली चालक व्यावसायिक कार्य करते हैं। मिट्टी, ईंट ढोने से लेकर किराने का सामान, अनाज आदि ढोने में भी इनका उपयोग होता है। ज्यादा फेरे लगाकर रुपये कमाने के लालच में चालक ट्रैक्टर-ट्राॅली को तेज रफ्तार से दौड़ाते हैं।
13 मई को मिट्टी भरी तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली बिजली के खंभा और हाईवे पर बने सरकारी नाले को तोड़ते हुए गांव इटौली के धर्मेंद्र कुमार के मकान में जा घुसी थी। इससे धर्मेंद्र के मकान की एक दीवार ढह गई थी और एक पेड़ भी टूटकर गिर गया था। दीवार से टकराने के बाद ट्रैक्टर बंद हो जाने पर आगे की दीवार टूटने से बच गई थी, इससे बड़ा हादसा होने से बच गया था। पुलिस ईंट और मिट्टी ढोने वाले ट्रैक्टरों के चालान नहीं काटती है, परिवहन विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे रहते हैं। इस कारण हादसे होते रहते हैं। संवाद