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अफसरों की चुप्पी बनी निशाना
शाहजहांपुर
Updated Thu, 18 Jun 2015 11:29 PM IST
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चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के मुद्दे को लेकर प्रशासन और चीनी मिल अधिकारियों की चुप्पी को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को निशाने पर लिया। कलक्ट्रेट पर बेमियादी धरना के दूसरे दिन भाकियू नेताओं ने सरकार पर किसानों से सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों का हक मारने वालों को संगठन के कार्यकर्ता चैन नहीं लेने देंगे।
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं से मुखातिब होकर मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि जिले में किसानों का चीनी मिलों पर गन्ना भुगतान मद में करोड़ों रुपये बकाया है। कोर्ट ने भी गन्ना भुगतान जल्द करने के आदेश दिए, लेकिन प्रदेश सरकार से लेकर मिलों के अधिकारी तक इस मामले में खामोशी ओढ़े हैं। प्रदेश सरकार ने मिलों को करोड़ों रुपये का ब्याज माफ कर दिया, लेकिन किसानों की किसी को परवाह नहीं है।
भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव ने बेमौसम की बरसात जैसी प्राकृतिक आपदा में फसली नुकसान उठाने वाले किसानों को राहत धनराशि के चेक देने में लेखपालों के स्तर से की गई मनमानी पर नाराजगी जाहिर की। महासचिव राशिराम वर्मा और शिवकुमार चौहान ने सदर तहसील के पंथी नौसिया, कुर्रिया ढोढों, सिसौआ, सरसवां, रामापुर, तुर्की खेड़ा, नगला हाजी, रामनगर आदि गांवों का उल्लेख करते हुए कहा कि फसली नुकसान से प्रभावित किसानों को न तो आर्थिक सहायता मिली और न ही उन्हें गन्ना का बकाया भुगतान दिया जा रहा है।
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इसी मौके पर मंडल महासचिव रमेश गुप्ता के बेटे पर हुए हमले और लूटपाट के मामले में थाना सदर बाजार में दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। तय हुआ कि इस संबंध में भाकियू का शिष्टमंडल बरेली जाकर डीआईजी से अपनी बात कहेगा। धरना-प्रदर्शन में धनपाल सिंह, श्रीकृष्ण, संतराम, नवाब सिंह, बुधपाल सिंह, वीरपाल सिंह, सर्वेश कुमार, शिव कुमार चौहान आदि शामिल रहे।
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धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं से मुखातिब होकर मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि जिले में किसानों का चीनी मिलों पर गन्ना भुगतान मद में करोड़ों रुपये बकाया है। कोर्ट ने भी गन्ना भुगतान जल्द करने के आदेश दिए, लेकिन प्रदेश सरकार से लेकर मिलों के अधिकारी तक इस मामले में खामोशी ओढ़े हैं। प्रदेश सरकार ने मिलों को करोड़ों रुपये का ब्याज माफ कर दिया, लेकिन किसानों की किसी को परवाह नहीं है।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव ने बेमौसम की बरसात जैसी प्राकृतिक आपदा में फसली नुकसान उठाने वाले किसानों को राहत धनराशि के चेक देने में लेखपालों के स्तर से की गई मनमानी पर नाराजगी जाहिर की। महासचिव राशिराम वर्मा और शिवकुमार चौहान ने सदर तहसील के पंथी नौसिया, कुर्रिया ढोढों, सिसौआ, सरसवां, रामापुर, तुर्की खेड़ा, नगला हाजी, रामनगर आदि गांवों का उल्लेख करते हुए कहा कि फसली नुकसान से प्रभावित किसानों को न तो आर्थिक सहायता मिली और न ही उन्हें गन्ना का बकाया भुगतान दिया जा रहा है।
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इसी मौके पर मंडल महासचिव रमेश गुप्ता के बेटे पर हुए हमले और लूटपाट के मामले में थाना सदर बाजार में दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। तय हुआ कि इस संबंध में भाकियू का शिष्टमंडल बरेली जाकर डीआईजी से अपनी बात कहेगा। धरना-प्रदर्शन में धनपाल सिंह, श्रीकृष्ण, संतराम, नवाब सिंह, बुधपाल सिंह, वीरपाल सिंह, सर्वेश कुमार, शिव कुमार चौहान आदि शामिल रहे।