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बसंतकाल में कई कार्यक्रम करेगी गन्ना शोध परिषद
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:12 PM IST
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गन्ना शोध परिषद की बैठक निदेशक डा. बीएल शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें बसंतकालीन शोध कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। इस मौके पर निदेशक डा. शर्मा ने कहा कि गन्ना में प्रदेश की औसत उपज तथा चीनी परते में सकारात्मक वृद्धि हो रही है, लेकिन शोध कार्यों में और नए आयामों पर शोध की आवश्यकता है। इससे गन्ना किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन तथा चीनी उद्योग को अधिक से अधिक चीनी परता प्राप्त हो सके। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि नवीन प्रजातियों का विकास एवं उनका लंबे समय तक कीट एवं रोगों से बचाव करते हुए स्थायित्व की नितांत आवश्यकता है ताकि भविष्य में आने वाली किसी भी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना किया जा सके। बैठक में आनुवंशिकी, प्रजनन, बीज उत्पादन तथा प्रक्षेत्र प्रबंधन में चल रहे शोध कार्यों तथा भावी शोध कार्यों को संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा स्लाइड के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। बैठक को डा. अशोक कुमार, डा. पंकज श्रीवास्तव, डा. एके सिंह, डा. केएम सिंह, प्रगतिशील किसान अनिल साहनी आदि ने भी संबोधित किया। निदेशक डा. शर्मा ने परिषद के मुजफ्फर नगर केंद्र की औसत उपज 1000 क्विंटल/हेक्टेयर, शाहजहांपुर केंद्र की 920 क्विंटल/हेक्टेयर तथा गोला केंद्र की औसत उपज 910 क्विंटल/हेक्टेयर पर संबंधित केंद्र प्रभारी तथा उनकी टीम को बधाई दी। बैठक में प्रगतिशील किसान हरजिंदर सिंह, डा. अतुल सिंह, डा. इंद्रसेन सिंह, डा. सुचिता सिंह के साथ-साथ परिषद के वैज्ञानिक एवं स्टाफ ने भाग लिया। डा. वीरेश सिंह ने सभी का आभार प्रकट किया।
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