{"_id":"c6eb0a5a81d9907bc2738b1c8c2080dc","slug":"the-ragistrary-case-will-raise-in-vidhan-sabha-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा में उठेगा संपत्ति रजिस्टर गुमशुदगी प्रकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधानसभा में उठेगा संपत्ति रजिस्टर गुमशुदगी प्रकरण
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Mon, 04 Jan 2016 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरटीआई के तहत मांगी गई थी पालिका संपत्ति की जानकारी
जवाब में अधिशासी अधिकारी ने दी रजिस्टर गायब होने की सूचना
बता दें कि दो माह पहले जनमोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने आरटीआई के तहत आवेदन करके नगरपालिका परिषद सीमा क्षेत्र की अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा था और उत्तर में पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि पालिका कार्यालय से संपत्ति रजिस्टर गायब है और इस बारे में थाना सदर बाजार पुलिस को अवगत कराने के साथ उपलब्ध अभिलेखों से दूसरा संपत्ति रजिस्टर तैयार कराया जा रहा है। चूंकि, इस बारे में शासन को अधिकृत तौर पर कोई सूचना दिए बगैर दूसरा संपत्ति रजिस्टर तैयार कराया जाने लगा। इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुसूचित जनमोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने गत माह लखनऊ उच्च न्यायालय के कई वकीलों को साथ लेकर राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन देकर इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करने का अनुरोध किया था। उसी क्रम में नेता विरोधी दल को ज्ञापन सौंपा था। लखनऊ भेंट करने गए शिष्टमंडल में हाईकोर्ट के अधिवक्ता राकेश कुमार मणिकांत, मोर्चा की बरेली इकाई के उपाध्यक्ष अनूप वर्मा, सुनील वाजपेयी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
जवाब में अधिशासी अधिकारी ने दी रजिस्टर गायब होने की सूचना
बता दें कि दो माह पहले जनमोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने आरटीआई के तहत आवेदन करके नगरपालिका परिषद सीमा क्षेत्र की अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा था और उत्तर में पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि पालिका कार्यालय से संपत्ति रजिस्टर गायब है और इस बारे में थाना सदर बाजार पुलिस को अवगत कराने के साथ उपलब्ध अभिलेखों से दूसरा संपत्ति रजिस्टर तैयार कराया जा रहा है। चूंकि, इस बारे में शासन को अधिकृत तौर पर कोई सूचना दिए बगैर दूसरा संपत्ति रजिस्टर तैयार कराया जाने लगा। इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुसूचित जनमोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने गत माह लखनऊ उच्च न्यायालय के कई वकीलों को साथ लेकर राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन देकर इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करने का अनुरोध किया था। उसी क्रम में नेता विरोधी दल को ज्ञापन सौंपा था। लखनऊ भेंट करने गए शिष्टमंडल में हाईकोर्ट के अधिवक्ता राकेश कुमार मणिकांत, मोर्चा की बरेली इकाई के उपाध्यक्ष अनूप वर्मा, सुनील वाजपेयी आदि शामिल रहे।