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Shahjahanpur News: ‘मेरे भाई-मेरे दोस्त’ नाटक से दिया भाईचारे का संदेश
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अंटा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ऑडोटोरियम में नाटक मेरे भाई-मेरे दोस्त का मंचन करते रंगकर्मी। सं
शाहजहांपुर। टैलेंट मेकर नाट्य कला समिति की ओर से इंजीनियर डे के मौके पर बिजलीपुरा स्थित अटल विहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह सभागार में मेरे भाई-मेरे दोस्त नाटक का मंचन किया गया। इसमें बदलते माहौल में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का संदेश दिया गया।
लेखक दया प्रकाश सिन्हा के लिखित नाटक का निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी हंसराज विकल ने किया। नाटक के कथानक में तहजीब और नजाकत के शहर लखनऊ के डॉ. मिर्जा और उनके दोस्त किशन लाल के आपसी प्रेम एवं भाईचारे को दर्शाया गया है, दिखाया गया कि इस भाईचारे को कुछ नफरती लोग दंगे करवाकर मिटाना चाहते हैं।
इसमें मोहरे का काम यासीन से लिया जाता है। यासीन डॉ.मिर्जा के अजीज दोस्त शहीद अनवर का बेटा है, जो डॉ. मिर्जा के घर पनाह पाकर उनकी बेटी से झूठी मोहब्बत का नाटक कर दंगे करवाने की साजिश रचता है। भारत में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और आपसी प्रेम देख उसका मन धीरे-धीरे बदलने लगता है।
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नाटक से पहले लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार पाल व विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र कुमार, वरिष्ठ लेखाधिकारी सुरेंद्र राठौर, महेश सिंह, इंद्रेश ध्यानी, आर्यन मिश्रा ने दीप जलाकर किया।
नाटक में डॉ. मिर्जा के किरदार में पैट्रिक दास, यासीन की भूमिका में हंसराज विकल, गेसू के चरित्र में इशिका श्रीवास्तव ने प्रभावित किया। कलाकार विजय राज, अमोद कुमार, अरविंद कुमार, जुल्फिकार अली खान का अभिनय भी सराहा गया। कार्यक्रम में भावना राज विकल, सोनू सक्सेना, संदीप आर्य, सुमित सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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लेखक दया प्रकाश सिन्हा के लिखित नाटक का निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी हंसराज विकल ने किया। नाटक के कथानक में तहजीब और नजाकत के शहर लखनऊ के डॉ. मिर्जा और उनके दोस्त किशन लाल के आपसी प्रेम एवं भाईचारे को दर्शाया गया है, दिखाया गया कि इस भाईचारे को कुछ नफरती लोग दंगे करवाकर मिटाना चाहते हैं।
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इसमें मोहरे का काम यासीन से लिया जाता है। यासीन डॉ.मिर्जा के अजीज दोस्त शहीद अनवर का बेटा है, जो डॉ. मिर्जा के घर पनाह पाकर उनकी बेटी से झूठी मोहब्बत का नाटक कर दंगे करवाने की साजिश रचता है। भारत में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और आपसी प्रेम देख उसका मन धीरे-धीरे बदलने लगता है।
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नाटक से पहले लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार पाल व विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र कुमार, वरिष्ठ लेखाधिकारी सुरेंद्र राठौर, महेश सिंह, इंद्रेश ध्यानी, आर्यन मिश्रा ने दीप जलाकर किया।
नाटक में डॉ. मिर्जा के किरदार में पैट्रिक दास, यासीन की भूमिका में हंसराज विकल, गेसू के चरित्र में इशिका श्रीवास्तव ने प्रभावित किया। कलाकार विजय राज, अमोद कुमार, अरविंद कुमार, जुल्फिकार अली खान का अभिनय भी सराहा गया। कार्यक्रम में भावना राज विकल, सोनू सक्सेना, संदीप आर्य, सुमित सक्सेना आदि मौजूद रहे।