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Shahjahanpur News: जेल में बनाई थी योजना, कार लूटकर घूमेंगे कश्मीर
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कार चालक की हत्या और लूट का आरोपी कांट के कमलनैनपुर का दानिश। स्रोत पुलिस
- फोटो : samvad
पुवायां (शाहजहांपुर)। कार बुक करने के बाद पुवायां के चालक अवनीश दीक्षित की हत्या करने के आरोपी दानिश ने मुठभेड़ के बाद पूछताछ में पुलिस को तमाम जानकारियां दी हैं। कार लूटकर कश्मीर घूमने की योजना जेल में रहने के दौरान ही रची गई थी।
गांव पटई निवासी गुरुसेवक सिंह छह अक्तूबर को पुवायां से रिंकू की कार को उत्तराखंड जाने की बात कहकर बुकिंग पर ले गया था। रोजा थाना क्षेत्र में चालक अवनीश दीक्षित की हत्या करने के बाद शव को रेलवे मैदान की झाड़ियों में फेंकने के बाद गुरुसेवक और उसके साथी कार को लूटकर भाग गए थे।
बदमाशों ने 29 सितंबर को भी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र से एक कार लूटकर चालक की हत्या कर दी। दस अक्तूबर को पारा पुलिस ने एक बदमाश अजय के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। 12 अक्तूबर की रात लखनऊ पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी गुरुसेवक सिंह को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
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घटना में शामिल तीसरे बदमाश कांट के गांव कमलनैनपुर के दानिश को नेपाल भागते समय 16 अक्तूबर की रात पुवायां पुलिस ने बड़ागांव के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दानिश के दाहिने पैर में घुटने के पास गोली लगी है।
सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि दानिश ने पूछताछ मेें बताया कि अजय उर्फ अमरजीत सिंह, गुरुसेवक और दानिश अलग-अलग अपराधों के मामले में शाहजहांपुर की जेल में बंद थे। जेल में ही तीनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। जेल में बंद रहने के कारण तीनों की इच्छा कहीं बाहर जाकर घूमने और मौजमस्ती करने की थी। इस कारण लखनऊ और पुवायां के कार चालकों की हत्या कर दो कारें लूटी गईं थीं। एक कार बेचकर मिलने वाली राशि से दूसरी कार से कश्मीर घूमने की तैयारी थी।
दानिश ने पुलिस को बताया कि अजय और गुरुसेवक के साथ मिलकर चालक अवनीश की हत्या कर कार लूटने के बाद वह घर चला गया था तो अजय और गुरुसेवक कार लेकर चले गए थे। अजय के मुठभेड़ में घायल होने और गुरुसेवक के मुठभेड़ में मारे जाने से वह डर गया और नेपाल भागकर पुलिस से बचने की फिराक में था।
दानिश शातिर अपराधी है और उस पर पुवायां, कांट, कटरा, मदनापुर, बरेली के बारादरी थानों में चोरी, लूट, अपहरण, गोवध अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, हत्या की कोशिश, छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी आदि की धाराओं में 20 मुकदमे दर्ज हैं। शाहजहांपुर पुलिस ने दानिश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण ने बताया कि दानिश नेपाल भागने की फिराक में था। मुखबिर की सूचना पर पुवायां पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। पैर में गोली लगने के बाद दानिश को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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एसपी ने किया मौका मुआयना
16 अक्तूबर की रात मुठभेड़ के बाद एसपी राजेश द्विवेदी ने शुक्रवार को घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने सीओ प्रवीण मलिक और थाना प्रभारी रवि करन सिंह से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। थाना प्रभारी ने दानिश से एक बिना नंबर प्लेट की बाइक, तमंचा, दो कारतूस, कारतूस का एक खोखा, एक मोबाइल, 1220 रुपये बरामद होने की जानकारी भी दी है।
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गांव पटई निवासी गुरुसेवक सिंह छह अक्तूबर को पुवायां से रिंकू की कार को उत्तराखंड जाने की बात कहकर बुकिंग पर ले गया था। रोजा थाना क्षेत्र में चालक अवनीश दीक्षित की हत्या करने के बाद शव को रेलवे मैदान की झाड़ियों में फेंकने के बाद गुरुसेवक और उसके साथी कार को लूटकर भाग गए थे।
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बदमाशों ने 29 सितंबर को भी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र से एक कार लूटकर चालक की हत्या कर दी। दस अक्तूबर को पारा पुलिस ने एक बदमाश अजय के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। 12 अक्तूबर की रात लखनऊ पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी गुरुसेवक सिंह को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
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घटना में शामिल तीसरे बदमाश कांट के गांव कमलनैनपुर के दानिश को नेपाल भागते समय 16 अक्तूबर की रात पुवायां पुलिस ने बड़ागांव के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दानिश के दाहिने पैर में घुटने के पास गोली लगी है।
सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि दानिश ने पूछताछ मेें बताया कि अजय उर्फ अमरजीत सिंह, गुरुसेवक और दानिश अलग-अलग अपराधों के मामले में शाहजहांपुर की जेल में बंद थे। जेल में ही तीनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। जेल में बंद रहने के कारण तीनों की इच्छा कहीं बाहर जाकर घूमने और मौजमस्ती करने की थी। इस कारण लखनऊ और पुवायां के कार चालकों की हत्या कर दो कारें लूटी गईं थीं। एक कार बेचकर मिलने वाली राशि से दूसरी कार से कश्मीर घूमने की तैयारी थी।
दानिश ने पुलिस को बताया कि अजय और गुरुसेवक के साथ मिलकर चालक अवनीश की हत्या कर कार लूटने के बाद वह घर चला गया था तो अजय और गुरुसेवक कार लेकर चले गए थे। अजय के मुठभेड़ में घायल होने और गुरुसेवक के मुठभेड़ में मारे जाने से वह डर गया और नेपाल भागकर पुलिस से बचने की फिराक में था।
दानिश शातिर अपराधी है और उस पर पुवायां, कांट, कटरा, मदनापुर, बरेली के बारादरी थानों में चोरी, लूट, अपहरण, गोवध अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, हत्या की कोशिश, छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी आदि की धाराओं में 20 मुकदमे दर्ज हैं। शाहजहांपुर पुलिस ने दानिश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण ने बताया कि दानिश नेपाल भागने की फिराक में था। मुखबिर की सूचना पर पुवायां पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। पैर में गोली लगने के बाद दानिश को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
एसपी ने किया मौका मुआयना
16 अक्तूबर की रात मुठभेड़ के बाद एसपी राजेश द्विवेदी ने शुक्रवार को घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने सीओ प्रवीण मलिक और थाना प्रभारी रवि करन सिंह से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। थाना प्रभारी ने दानिश से एक बिना नंबर प्लेट की बाइक, तमंचा, दो कारतूस, कारतूस का एक खोखा, एक मोबाइल, 1220 रुपये बरामद होने की जानकारी भी दी है।