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सर्विलांस से चिन्हित हो रहे मिलावट के ठिकाने, चलेगा सैंपलिंग अभियान
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शाहजहांपुर। होली के त्योहार के मद्देनजर सर्विलांस के जरिये मिलावटखोरों के ठिकाने चिह्नित किए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने हुए खान-पान की वस्तुओं में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। अब सैंपलिंग अभियान तेज करने की तैयारी की गई है। खाद्य वस्तुओं के नमूने लेने के लिए तहसील स्तर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (एफएसओ) के नेतृत्व में सात टीमें गठित कर दी गई हैं।
जिले मेें ऐसे लगभग 150 मिठाई विक्रेता हैं, जिनका सालाना कारोबार 12 लाख रुपये और इससे अधिक है। बड़े पैमाने पर मिठाइयां तैयार करने वाले इन दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा विभाग ने लाइसेंस भी जारी किए हैं। इनके अतिरिक्त करीब 800 से अधिक ऐसे मिठाई विक्रेता हैं। इनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रुपये से कम है, लेकिन त्योहारी सीजन मेें मिठाइयों की मांग बढ़ने पर गली-मोहल्ले की इन दुकानों पर भी मिठाई की मांग बढ़ जाती है। होली पर मिठाइयों के बजाय गुझिया ज्यादा बिकती हैं। इसलिए इन दुकानदारों ने गुझिया की मांग पूरी करने के लिए बाहर से मावा मंगाना शुरू कर दिया है।
मावा विक्रेताओं ने होली पर बढ़ी हुई मांग पूरी करने के लिए मावा में आलू, मैदा, शकरकंद आदि की मिलावट शुरू कर दी है। यही नहीं, दूधिए भी अच्छा भाव मिलने के कारण दुकानों पर दूध की बिक्री ज्यादा कर रहे हैं और घरों में पानी मिला दूध पहुंचा रहे हैं। गत जनवरी से अभी तक दूध और दुग्ध निर्मित उत्पादों जैसे पनीर, देशी घी, मक्खन के करीब आधा दर्जन नमूने जांच में अधोमानक पाए जा चुके हैं। इसलिए होली पर दूध और मावा समेत किराना, खाद्य तेल, वनस्पति घी आदि में मिलावट की रोकथाम को एफएसडीए ने सक्रियता बढ़ा दी है।
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मिलावट थामने को शहर तीन जोन में बांटा
मिलावट के खिलाफ सैंपलिंग अभियान चलाने को हर तहसील में टीम की कमान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है। चूंकि, शहर को महानगर का दर्जा मिलने के साथ उसके सीमा क्षेत्र का चारों ओर तेजी से विस्तार हो रहा है। इसलिए शहर के विस्तृत क्षेत्रफल को देखते उसे तीन जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की कमान एफएसओ को दी गई है। फिलहाल, सभी अधिकारी बाजारों में भ्रमण कर सर्विलांस के जरिये मिलावट के ठिकाने सूचीबद्घ करने में जुटे हैं। एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी के अनुसार सर्विलांस के समानान्तर किसी भी दिन एक साथ सभी टीमें नमूने लेने को सक्रिय की जा सकती हैं।
इन ठिकानों पर मिलावट होने का संदेह
केरूगंज की खोया मंडी में होली, दिवाली, रक्षाबंधन आदि त्योहारों के दौरान ग्रामीण क्षेत्र से मिलावटी मावा की आवक बढ़ जाती है। इसलिए खोया मंडी इस बार भी एफएसडीए के रडार पर है। इसके अलावा चौक, मंडी, रोशनगंज, छाया कुआं, खलील शर्की, घंटाघर, बहादुरगंज, गल्ला मंडी, दलेलगंज, हरदोई रोड बाईपास चौराहा, मिश्रीपुर, जलालनगर बजरिया, गदियाना, शहबाजनगर आदि क्षेत्रों में मिलावट के धंधेबाज ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इनमें से कई स्थान सर्विलांस में जुटे अधिकारियों ने भी चिह्नित किए हैं।
टीम प्रभारी और उनके कार्य क्षेत्र
जयपाल सिंह नगर निगम जोन-1
इंद्रराज मौर्य नगर निगम जोन-2
कृपा शंकर नगर निगम जोन-3
नरेंद्र कुमार शर्मा तिलहर तहसील क्षेत्र
महेश कुमार जलालाबाद व कलान तहसील क्षेत्र
रामजी शुक्ला पुवायां तहसील क्षेत्र
अनिल प्रताप सिंह सदर तहसील क्षेत्र
सर्विलांस से ऐसे कई स्थान गोपनीय तौर पर खोज लिए गए हैं, जहां दूध, मिठाई, खोया, पनीर, किराना वस्तुओं आदि में मिलावट हो रही है। ऐसे सभी स्थानों पर एक साथ छापेमारी की जाएगी ताकि मिलावट के धंधेबाजों को अपने बचाव का कोई मौका नहीं मिले। जरूरत पड़ने पर टीम प्रभारियों को उनके निर्धारित कार्य क्षेत्र के अलावा अन्य स्थानों पर भी सैंपल लेने के लिए भेजा जा सकता है। -विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए
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जिले मेें ऐसे लगभग 150 मिठाई विक्रेता हैं, जिनका सालाना कारोबार 12 लाख रुपये और इससे अधिक है। बड़े पैमाने पर मिठाइयां तैयार करने वाले इन दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा विभाग ने लाइसेंस भी जारी किए हैं। इनके अतिरिक्त करीब 800 से अधिक ऐसे मिठाई विक्रेता हैं। इनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रुपये से कम है, लेकिन त्योहारी सीजन मेें मिठाइयों की मांग बढ़ने पर गली-मोहल्ले की इन दुकानों पर भी मिठाई की मांग बढ़ जाती है। होली पर मिठाइयों के बजाय गुझिया ज्यादा बिकती हैं। इसलिए इन दुकानदारों ने गुझिया की मांग पूरी करने के लिए बाहर से मावा मंगाना शुरू कर दिया है।
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मावा विक्रेताओं ने होली पर बढ़ी हुई मांग पूरी करने के लिए मावा में आलू, मैदा, शकरकंद आदि की मिलावट शुरू कर दी है। यही नहीं, दूधिए भी अच्छा भाव मिलने के कारण दुकानों पर दूध की बिक्री ज्यादा कर रहे हैं और घरों में पानी मिला दूध पहुंचा रहे हैं। गत जनवरी से अभी तक दूध और दुग्ध निर्मित उत्पादों जैसे पनीर, देशी घी, मक्खन के करीब आधा दर्जन नमूने जांच में अधोमानक पाए जा चुके हैं। इसलिए होली पर दूध और मावा समेत किराना, खाद्य तेल, वनस्पति घी आदि में मिलावट की रोकथाम को एफएसडीए ने सक्रियता बढ़ा दी है।
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मिलावट थामने को शहर तीन जोन में बांटा
मिलावट के खिलाफ सैंपलिंग अभियान चलाने को हर तहसील में टीम की कमान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है। चूंकि, शहर को महानगर का दर्जा मिलने के साथ उसके सीमा क्षेत्र का चारों ओर तेजी से विस्तार हो रहा है। इसलिए शहर के विस्तृत क्षेत्रफल को देखते उसे तीन जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की कमान एफएसओ को दी गई है। फिलहाल, सभी अधिकारी बाजारों में भ्रमण कर सर्विलांस के जरिये मिलावट के ठिकाने सूचीबद्घ करने में जुटे हैं। एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी के अनुसार सर्विलांस के समानान्तर किसी भी दिन एक साथ सभी टीमें नमूने लेने को सक्रिय की जा सकती हैं।
इन ठिकानों पर मिलावट होने का संदेह
केरूगंज की खोया मंडी में होली, दिवाली, रक्षाबंधन आदि त्योहारों के दौरान ग्रामीण क्षेत्र से मिलावटी मावा की आवक बढ़ जाती है। इसलिए खोया मंडी इस बार भी एफएसडीए के रडार पर है। इसके अलावा चौक, मंडी, रोशनगंज, छाया कुआं, खलील शर्की, घंटाघर, बहादुरगंज, गल्ला मंडी, दलेलगंज, हरदोई रोड बाईपास चौराहा, मिश्रीपुर, जलालनगर बजरिया, गदियाना, शहबाजनगर आदि क्षेत्रों में मिलावट के धंधेबाज ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इनमें से कई स्थान सर्विलांस में जुटे अधिकारियों ने भी चिह्नित किए हैं।
टीम प्रभारी और उनके कार्य क्षेत्र
जयपाल सिंह नगर निगम जोन-1
इंद्रराज मौर्य नगर निगम जोन-2
कृपा शंकर नगर निगम जोन-3
नरेंद्र कुमार शर्मा तिलहर तहसील क्षेत्र
महेश कुमार जलालाबाद व कलान तहसील क्षेत्र
रामजी शुक्ला पुवायां तहसील क्षेत्र
अनिल प्रताप सिंह सदर तहसील क्षेत्र
सर्विलांस से ऐसे कई स्थान गोपनीय तौर पर खोज लिए गए हैं, जहां दूध, मिठाई, खोया, पनीर, किराना वस्तुओं आदि में मिलावट हो रही है। ऐसे सभी स्थानों पर एक साथ छापेमारी की जाएगी ताकि मिलावट के धंधेबाजों को अपने बचाव का कोई मौका नहीं मिले। जरूरत पड़ने पर टीम प्रभारियों को उनके निर्धारित कार्य क्षेत्र के अलावा अन्य स्थानों पर भी सैंपल लेने के लिए भेजा जा सकता है। -विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए