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सेमीनारः जीवों की विलुप्त प्रजातियों का संरक्षण बेहद जरूरी
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लेख प्रतियोगिता में प्रतिभाग करतीं छात्राएं
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। हर साल 22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया जाता है। रविवार को आर्य महिला डिग्री कॉलेज में जैव विविधता दिवस पर लेख प्रतियोगिता कराई गई। तो जीएफ कॉलेज की ओर से ऑनलाइन सेमिनार हुआ। प्रवक्ता डॉ. श्वेता सक्सेना ने जीवों की विलुप्त होती प्रजातियों के संरक्षण पर जोर दिया।
आर्य महिला डिग्री कॉलेज में हुई लेख प्रतियोगिता में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रिया देवी ने पहला, साक्षी भारद्वाज ने दूसरा और बीएससी तृतीय वर्ष की स्नेहा चौहान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इससे पहले प्राचार्या डॉ. सुनीता जैसल ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। डॉ. ज्योति गुप्ता ने जैव विविधता का महत्व समझाया।
जीएफ कॉलेज की ओर से जैव विविधता और संकटग्रस्त प्रजातियां विषय पर ऑनलाइन सेमिनार में प्राचार्य डॉ. मोहम्मद तारिक ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में जैव विविधता जितनी ज्यादा होगी वह उतना ही उन्नत होगा। भारत जैव विविधता की दृष्टि से बहुत ही संपन्न देश है।
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राजनीति शास्त्र विभाग के डॉ. रईस अहमद ने कहा कि पिछले दशकों में मनुष्यों ने जैव विविधता को बहुत नुकसान पहुंचाया है। बायोटेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. स्वप्निल यादव ने बताया कि विविधता जेनेटिक, स्पीशीज और इकोलॉजी के स्तर पर पाई जाती है। डॉ. सीमा शर्मा, इलमा बानो, प्रखर दीक्षित, विपिन आदि ऑनलाइन जुड़े।
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आर्य महिला डिग्री कॉलेज में हुई लेख प्रतियोगिता में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रिया देवी ने पहला, साक्षी भारद्वाज ने दूसरा और बीएससी तृतीय वर्ष की स्नेहा चौहान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इससे पहले प्राचार्या डॉ. सुनीता जैसल ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। डॉ. ज्योति गुप्ता ने जैव विविधता का महत्व समझाया।
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जीएफ कॉलेज की ओर से जैव विविधता और संकटग्रस्त प्रजातियां विषय पर ऑनलाइन सेमिनार में प्राचार्य डॉ. मोहम्मद तारिक ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में जैव विविधता जितनी ज्यादा होगी वह उतना ही उन्नत होगा। भारत जैव विविधता की दृष्टि से बहुत ही संपन्न देश है।
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राजनीति शास्त्र विभाग के डॉ. रईस अहमद ने कहा कि पिछले दशकों में मनुष्यों ने जैव विविधता को बहुत नुकसान पहुंचाया है। बायोटेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. स्वप्निल यादव ने बताया कि विविधता जेनेटिक, स्पीशीज और इकोलॉजी के स्तर पर पाई जाती है। डॉ. सीमा शर्मा, इलमा बानो, प्रखर दीक्षित, विपिन आदि ऑनलाइन जुड़े।