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शहर के 10 तालाबों पर हुए अवैध कब्जे
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 17 May 2016 12:10 AM IST
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शहर के 10 तालाबों पर हुए अवैध कब्जे
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बढ़ती आबादी के साथ फैलते बसावट के क्रम में अनियोजित ढंग से कालोनियों और रिहायशी इलाकों के स्थापित होने चलते शहर के साथ ही जिले भर में तालाबों के अस्तित्व पर संकट आ गया है। खुद सरकारी स्तर पर जारी जांच में इस तथ्य की पुष्टि हुई है। शहर के बीचोंबीच स्थित पक्का तालाब कभी नवाबों के हाथियों के डूब कर मस्ती से नहाने के लिए मशहूर था और अब इस तालाब के नाम ही मोहल्ला जाना जाता है लेकिन यह अवैध कब्जेदारों के चलते अपनी पहचान खो चला है। शहरी क्षेत्र के 10 तालाबों की कमोबेश यही स्थिति है। नवादा इंदेपुर में तीन तालाबों पर अवैध कब्जे होने की नगरपालिका के ताजा सर्वे में पुष्टि हुई है। अजीजगंज में तालाब आबादी और बसावट के दबाव में सिकुड़ चला है। मालगोदाम स्थित ढका तालाब और पुवायां रोड स्थित चिनौर में कैंट मैदान के पास स्थित दो तालाबों पर अतिक्रमण लगातार जारी है। बहादुरगंज स्थित तलउआ मैदान में कभी तालाब हुआ करता था लेकिन अब यहां सब्जी मंडी है। मोहल्ला मदराखेल में जुग्गन खां के खेत के पास की तलैया पाटकर वहां भी कई मकान बना लिए गए। शहर से सटे रौसर गांव में मठ वाली देवी मंदिर के सामने स्थित पुराना तालाब सूखा पड़ा है और उसे आसपास की जमीन पर ग्रामीण कब्जा करके वहां उपले थोप रहे हैं। राजस्व विभाग द्वारा जिले भर से जुटाई गई रिपोर्ट में कुल 17 तालाबों पर अवैध कब्जे हो चुके होने की पुष्टि हुई है। उस क्रम में अब तक चिन्हित 40 अवैध कब्जेदारों को नोटिस थमा दी गई है एवं अन्य की सूची तैयार हो रही है। नगरपालिका परिषद अपने तालाबों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ विविध धाराओं में मुकदमा करने की तैयारी शुरू कर दी है।
जिले के तालाबों की स्थिति
राजस्व खाते में जिले के कुल 1077 ग्राम पंचायत इलाकों में ग्राम समाज के भूभाग वाले और निजी गाटा नंबरों पर कुल 8464 तालाब दर्ज हैं। ताजा निरीक्षण और परीक्षण के आधार पर तैयार ब्योरे में सदर तहसील क्षेत्र के 1763 तालाबों में से आठपर अवैध कब्जा हुआ मिला है। तिलहर में 1983 तालाब हैं और प्रशासनिक दावा है कि ये सभी सुरक्षित हैं। जलालाबाद तहसील क्षेत्र के 1844 तालाबों में से दो पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है जबकि पुवायां में 2864 तालाब हैं जिनमें से सात पर अवैध कब्जा मिला है।
पुवायां तहसील में भी तालाबों पर अतिक्रमण
तहसील क्षेत्र में तालाबों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। तमाम तालाबों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर खेत और मकान बना लिए हैं। नगर में पुवायां इंटर कालेज के प्रधानाचार्य आवास के पीछे से एक तालाब बंडा मार्ग तक था जो अब नाममात्र को ही रह गया है। खुटार कसबे में कुंडा तालाब पर तमाम लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान बना लिए हैं और खेती की जा रही है। खुटार के मोहल्ला देवस्थान, रायटोला, पश्चिमी गढ़ी आदि के तालाबों पर भी अवैध कब्जा है जिस कारण इनका रकबा सिमटता जा रहा है। इसी प्रकार बंडा और सिंधौली क्षेत्र में भी तमाम तालाबों पर अवैध कब्जा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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तिलहर में तालाबों के अस्तित्व पर संकट
जमीन की बढ़ती कीमतों के कारण क्षेत्र के तालाबोंए पोखरों और तलईयों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नगर और आसपास के तालाबों पर अतिक्रमण हो चला है। हाईवे किनारे स्थित ग्राम गुरगिया के निकट खोदा गया तालाब सूखा पड़ रहा है। इसके चारों ओर सीमेंट की बेंचें हैं। नगर में उम्मरपुर, मौजमपुर, बनवारीपुर, निजामगंज आदि में तालाबों की स्थिति दयनीय है। मलक की तलईया, उम्मरपुर का तालाब, तालाब तालिब खां सहित नगर का मशहूर पीरगैब तालाब भी अतिक्रमण के शिकार हो चुके हैं।
जलालाबाद में पाटे जा रहे तालाब
तहसील क्षेत्र के नगर और ग्रामीण अंचल में 2204 तालाब चिन्हित किए गए लेकिन इनमें से अधिकांश सूखे पड़े हैं। भगवान परशुराम मंदिर के निकट प्राचीन राम ताल और जमदग्नि आश्रम के समीप पुराने तालाब को क्षेत्र के दबंग पाटकर वहां मकान खड़े कर रहे हैं।
जिन तालाबों पर अवैध कब्जे किए गए हैं उन्हें कब्जामुक्त करके उनमें पानी भराने के लिए चिन्हांकन एसडीएम के स्तर से शुरू करा दिया गया है। उप जिलाधिकारियों के स्तर से प्राप्त रिपोर्ट को संकलित करके तालाबों पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही शुरू करा दी गई है। जिले में अब तक 40 ऐसे कब्जेदारों को नोटिस जारी हो चुकी है।-- मुनेंद्र नाथ उपाध्याय, एडीएम प्रशासन
पालिका परिषद के खाते में दर्ज तालाबों की मौजूदा स्थिति का भौतिक सत्यापन करते हुए सर्वे किया जा रहा है। नवादा इंदेपुर क्षेत्र के तालाबों पर जिन अवैध कब्जेदारों के बारे में रिपोर्ट मिली है, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की जा रही है। -- मुनेंद्र सिंह राठौर, अधिशासी अधिकारी, शाहजहांपुर नगरपालिका परिषद।
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जिले के तालाबों की स्थिति
राजस्व खाते में जिले के कुल 1077 ग्राम पंचायत इलाकों में ग्राम समाज के भूभाग वाले और निजी गाटा नंबरों पर कुल 8464 तालाब दर्ज हैं। ताजा निरीक्षण और परीक्षण के आधार पर तैयार ब्योरे में सदर तहसील क्षेत्र के 1763 तालाबों में से आठपर अवैध कब्जा हुआ मिला है। तिलहर में 1983 तालाब हैं और प्रशासनिक दावा है कि ये सभी सुरक्षित हैं। जलालाबाद तहसील क्षेत्र के 1844 तालाबों में से दो पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है जबकि पुवायां में 2864 तालाब हैं जिनमें से सात पर अवैध कब्जा मिला है।
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पुवायां तहसील में भी तालाबों पर अतिक्रमण
तहसील क्षेत्र में तालाबों का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। तमाम तालाबों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर खेत और मकान बना लिए हैं। नगर में पुवायां इंटर कालेज के प्रधानाचार्य आवास के पीछे से एक तालाब बंडा मार्ग तक था जो अब नाममात्र को ही रह गया है। खुटार कसबे में कुंडा तालाब पर तमाम लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान बना लिए हैं और खेती की जा रही है। खुटार के मोहल्ला देवस्थान, रायटोला, पश्चिमी गढ़ी आदि के तालाबों पर भी अवैध कब्जा है जिस कारण इनका रकबा सिमटता जा रहा है। इसी प्रकार बंडा और सिंधौली क्षेत्र में भी तमाम तालाबों पर अवैध कब्जा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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तिलहर में तालाबों के अस्तित्व पर संकट
जमीन की बढ़ती कीमतों के कारण क्षेत्र के तालाबोंए पोखरों और तलईयों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नगर और आसपास के तालाबों पर अतिक्रमण हो चला है। हाईवे किनारे स्थित ग्राम गुरगिया के निकट खोदा गया तालाब सूखा पड़ रहा है। इसके चारों ओर सीमेंट की बेंचें हैं। नगर में उम्मरपुर, मौजमपुर, बनवारीपुर, निजामगंज आदि में तालाबों की स्थिति दयनीय है। मलक की तलईया, उम्मरपुर का तालाब, तालाब तालिब खां सहित नगर का मशहूर पीरगैब तालाब भी अतिक्रमण के शिकार हो चुके हैं।
जलालाबाद में पाटे जा रहे तालाब
तहसील क्षेत्र के नगर और ग्रामीण अंचल में 2204 तालाब चिन्हित किए गए लेकिन इनमें से अधिकांश सूखे पड़े हैं। भगवान परशुराम मंदिर के निकट प्राचीन राम ताल और जमदग्नि आश्रम के समीप पुराने तालाब को क्षेत्र के दबंग पाटकर वहां मकान खड़े कर रहे हैं।
जिन तालाबों पर अवैध कब्जे किए गए हैं उन्हें कब्जामुक्त करके उनमें पानी भराने के लिए चिन्हांकन एसडीएम के स्तर से शुरू करा दिया गया है। उप जिलाधिकारियों के स्तर से प्राप्त रिपोर्ट को संकलित करके तालाबों पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही शुरू करा दी गई है। जिले में अब तक 40 ऐसे कब्जेदारों को नोटिस जारी हो चुकी है।-- मुनेंद्र नाथ उपाध्याय, एडीएम प्रशासन
पालिका परिषद के खाते में दर्ज तालाबों की मौजूदा स्थिति का भौतिक सत्यापन करते हुए सर्वे किया जा रहा है। नवादा इंदेपुर क्षेत्र के तालाबों पर जिन अवैध कब्जेदारों के बारे में रिपोर्ट मिली है, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की जा रही है। -- मुनेंद्र सिंह राठौर, अधिशासी अधिकारी, शाहजहांपुर नगरपालिका परिषद।