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गर्मी बढ़ी बेशुमार, पारा 42 डिग्री के पार जाने को बेकरार
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उमस भरी चिलचिलाती गर्मी से जब आम जनजीवन बेहाल है। ऐसे मौसम में प्रकृति ने रंगबिरंगी नयनाभिराम छट?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। बैरोमीटर सूचकांक में सामान्य से 20 अंक की गिरावट आ जाने से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ा तो रविवार रात से पछुआ हवा की रफ्तार बहुत धीमी हो गई। इस कारण रात में उमस बढ़ी तो न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री बढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस हो गया।
सोमवार को सुबह से बादल छाए होने के कारण धूप निकलने पर गर्मी के साथ उमस पड़ी तो अधिकतम तापमान भी एक डिग्री बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस हो गया। दिनभर भीषण गर्मी के कारण दोपहर बाद तक सड़कों से लेकर बाजारों तक चहल-पहल कम रही और जनजीवन असामान्य बना रहा। बीते दिन सुबह से शाम तक आसमान साफ रहने के कारण धूप ने तीखे तेवर दिखाए।
प्रचंड गर्मी से थर्मामीटर का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के औसत उच्चतम बिंदु से एक डिग्री ऊपर पहुंच गया था। शाम से वायुदाब में कमी आई तो आसमान में ऊंचाई पर बादलों ने घेराबंदी शुरू कर दी। तब तक सात से नौ किमी प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से पछुआ हवा चल रही थी, लेकिन बादलों से आसमान ढंका तो वातावरण की गर्मी से हवा भी गर्मी का अहसास कराने लगी। इसलिए रात में लोगों को उमस की वजह से देर तक नींद भी नहीं पड़ी।
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सोमवार को सुबह दिन निकलने पर हवा चलनी बंद हो गई। चूंकि, बादल चौतरफा छाए रहे, इसलिए सुबह से ही जनजीवन को उमस के साथ गर्मी सताने लगी। दोपहर एक बजे गर्मी चरम पर पहुंच गई। इस दौरान जो लोग घरेलू कामों से बाजारों को निकले, उन्होंने गर्मी से बचने को घरों की राह पकड़नी शुरू कर दी। इस वजह से बहादुरगंज मुख्य बाजार में अधिकांश दुकानें ग्राहकों से सूनी नजर आईं। हर समय भीड़ से गुलजार रहने वाले बहादुरगंज गल्ला मंडी और छोटी सब्जी के संकरे रास्तों से निकलना कठिन होता है, लेकिन आज वहां ग्राहकों से ज्यादा दुकानदार और सब्जी विक्रेता दिखे।
गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वायुदाब में सोमवार शाम तक सामान्य से करीब 15 अंक की गिरावट बनी रहने के कारण अब दिन में अधिकतम तापमान दो सप्ताह पहले के उच्चतम बिंदु 42.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को हुई बारिश के बाद बीते चार दिन से लगातार धूप निकलने के कारण वातावरण में आर्द्रता का स्तर घटकर 37 प्रतिशत हो गया है। हवा में नमी कम होने से अगले दो दिन में उमस कम होगी, लेकिन गर्मी के साथ लू का प्रकोप बढ़ सकता है।
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सोमवार को सुबह से बादल छाए होने के कारण धूप निकलने पर गर्मी के साथ उमस पड़ी तो अधिकतम तापमान भी एक डिग्री बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस हो गया। दिनभर भीषण गर्मी के कारण दोपहर बाद तक सड़कों से लेकर बाजारों तक चहल-पहल कम रही और जनजीवन असामान्य बना रहा। बीते दिन सुबह से शाम तक आसमान साफ रहने के कारण धूप ने तीखे तेवर दिखाए।
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प्रचंड गर्मी से थर्मामीटर का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के औसत उच्चतम बिंदु से एक डिग्री ऊपर पहुंच गया था। शाम से वायुदाब में कमी आई तो आसमान में ऊंचाई पर बादलों ने घेराबंदी शुरू कर दी। तब तक सात से नौ किमी प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से पछुआ हवा चल रही थी, लेकिन बादलों से आसमान ढंका तो वातावरण की गर्मी से हवा भी गर्मी का अहसास कराने लगी। इसलिए रात में लोगों को उमस की वजह से देर तक नींद भी नहीं पड़ी।
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सोमवार को सुबह दिन निकलने पर हवा चलनी बंद हो गई। चूंकि, बादल चौतरफा छाए रहे, इसलिए सुबह से ही जनजीवन को उमस के साथ गर्मी सताने लगी। दोपहर एक बजे गर्मी चरम पर पहुंच गई। इस दौरान जो लोग घरेलू कामों से बाजारों को निकले, उन्होंने गर्मी से बचने को घरों की राह पकड़नी शुरू कर दी। इस वजह से बहादुरगंज मुख्य बाजार में अधिकांश दुकानें ग्राहकों से सूनी नजर आईं। हर समय भीड़ से गुलजार रहने वाले बहादुरगंज गल्ला मंडी और छोटी सब्जी के संकरे रास्तों से निकलना कठिन होता है, लेकिन आज वहां ग्राहकों से ज्यादा दुकानदार और सब्जी विक्रेता दिखे।
गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वायुदाब में सोमवार शाम तक सामान्य से करीब 15 अंक की गिरावट बनी रहने के कारण अब दिन में अधिकतम तापमान दो सप्ताह पहले के उच्चतम बिंदु 42.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को हुई बारिश के बाद बीते चार दिन से लगातार धूप निकलने के कारण वातावरण में आर्द्रता का स्तर घटकर 37 प्रतिशत हो गया है। हवा में नमी कम होने से अगले दो दिन में उमस कम होगी, लेकिन गर्मी के साथ लू का प्रकोप बढ़ सकता है।