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Shahjahanpur News: ट्रेन के गेट पर खड़े युवक का सिर खंभे से टकराया...चली गई जान
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संतोष राय का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
शाहजहांपुर। यात्रियों की भीड़ के कारण युवक ट्रेन के अंदर नहीं घुस सका और उसका सिर खंभे से टकरा गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र के पूरे चक्कर का पुरवा निवासी 24 वर्षीय संतोष राय का ऑटो पार्ट्स का काम था। वह अपने दोस्त मंगल तिवारी, विवेक व अन्य के साथ सोमवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली जाने के लिए सुल्तानपुर से बैठा था। मंगल तिवारी ने बताया कि ट्रेन में भीड़ बहुत थी। सुबह करीब साढ़े दस बजे ट्रेन रोजा जंक्शन पर रुकी थी। इसके बाद संतोष पानी लेने के लिए नीचे उतरा।
इस बीच ट्रेन चल दी तो वह पानी लिए बिना ही ट्रेन में चढ़ गया। गेट पर भीड़ अधिक होने पर वह पायदान पर खड़ा हो गया। लोगों ने गेट पर खड़े यात्रियों से उसे घुसने देने की आवाज भी लगाई, लेकिन भीड़ की वजह से यात्री अंदर नहीं गए। संतोष बाहर की ओर लटक गया। तभी फुटओवर ब्रिज के पास संतोष का सिर खंभे से टकरा गया।
हाथ से हैंडल छूटते ही वह रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। ट्रेन को रुकवाया गया। लोगों की भीड़ लग गई। तुरंत जीआरपी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी।
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हार्ट की मरीज मां बोली...कैसी है बेटे की हालत
संतोष की मां आशा को पोस्टमॉर्टम हाउस से काफी दूर एकांत जगह पर रोक दिया गया। उन्हें परिजनों ने संतोष की मौत की खबर नहीं दी। बेटे की मौत से अंजान आशा ने पूछा कि बेटे की हालत कैसी है। परिजनों ने कहा कि ठीक है। लखनऊ ले जाकर दिखाएंगे। इसके बाद परिजन दूर जाकर खूब रोए। उन्होंने बताया कि वह हार्ट की मरीज हैं, इसलिए अभी उन्हें केवल हादसे की ही जानकारी दी गई है। मौका पाकर सही बात बता दी जाएगी।
फोटो 5
रेलवे स्टेशन पर पानी का इंतजाम
नहीं, ट्रेन आने पर भटकते हैं यात्री
शाहजहांपुर। रोजा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर पानी का इंतजाम नहीं है। अधिकतर पानी के बूथों की टोंटियां टूटी पड़ी हैं। ट्रेन आने पर यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर पानी के बूथ नहीं हैं। सीतापुर की ओर से आने वाली ट्रेन इन्हीं प्लेटफाॅर्म पर रुकती हैं। गाड़ी के रुकने पर यात्री पानी की तलाश में भटकते रहते हैं। जुलाई में रिमॉडलिंग कार्य के बाद दो प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। छह नंबर प्लेटफॉर्म पर अपलाइन की गाड़ियों का ठहराव होने के बाद भी यहां पानी का इंतजाम नहीं है।
पानी के बूथ बने होने के बावजूद उसमें लकड़ी की गुल्ली ठोंककर सप्लाई को बंद कर दिया गया है। भीषण गर्मी में ट्रेन के आने पर यात्रियों को भटकना पड़ता है। दो सप्ताह पूर्व मंडल रेल प्रबंधक ने प्लेटफाॅर्म नंबर एक और दो का निरीक्षण कर अधिकारी और ठेकेदार को पानी का बूथ और बिजली व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
सीएमआई एसके ठाकुर ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर मालगाड़ी खड़ी होने पर दो और तीन नंबर लाइन पर सवारी गाड़ी को लिया जाता है। शीघ्र ही यहां पानी का इंतजाम कराया जाएगा। संवाद
हरदोई में ट्रेन से कटकर अध्यापक की मौत
- दोस्तों से नहीं हो पा रहा संपर्क, परिजन मान रहे मामला संदिग्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
कांट। दोस्तों के साथ लखनऊ गए अध्यापक की हरदोई जिले के बघौली थाना क्षेत्र में ट्रेन से कटकर मौत हो गई। परिवार वालों ने मामले को संदिग्ध बताया है।
क्षेत्र के कमलनैनपुर गांव के रहने वाले अध्यापक विवेक सक्सेना (39) ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सरदार झाला पर तैनात थे। वह अपने पिता सुशील सक्सेना की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित पद पर लगे थे। परिजनों ने बताया कि 30 मई को वह अपने तीन दोस्तों के साथ लखनऊ गए थे।
31 मई की रात वह घर वापसी कर रहे थे। रात करीब 2:30 बजे हरदोई जिले के बघौली थाना क्षेत्र में ट्रेन से कटकर उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई विशाल सक्सेना ने बताया कि जिन तीन साथियों के साथ विवेक गए थे, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे मामला संदिग्ध लग रहा हैं। भाई के दो बच्चे हैं। भाई की पत्नी का रो-रो कर हाल बेहाल है।
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सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र के पूरे चक्कर का पुरवा निवासी 24 वर्षीय संतोष राय का ऑटो पार्ट्स का काम था। वह अपने दोस्त मंगल तिवारी, विवेक व अन्य के साथ सोमवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली जाने के लिए सुल्तानपुर से बैठा था। मंगल तिवारी ने बताया कि ट्रेन में भीड़ बहुत थी। सुबह करीब साढ़े दस बजे ट्रेन रोजा जंक्शन पर रुकी थी। इसके बाद संतोष पानी लेने के लिए नीचे उतरा।
इस बीच ट्रेन चल दी तो वह पानी लिए बिना ही ट्रेन में चढ़ गया। गेट पर भीड़ अधिक होने पर वह पायदान पर खड़ा हो गया। लोगों ने गेट पर खड़े यात्रियों से उसे घुसने देने की आवाज भी लगाई, लेकिन भीड़ की वजह से यात्री अंदर नहीं गए। संतोष बाहर की ओर लटक गया। तभी फुटओवर ब्रिज के पास संतोष का सिर खंभे से टकरा गया।
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हाथ से हैंडल छूटते ही वह रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। ट्रेन को रुकवाया गया। लोगों की भीड़ लग गई। तुरंत जीआरपी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी।
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हार्ट की मरीज मां बोली...कैसी है बेटे की हालत
संतोष की मां आशा को पोस्टमॉर्टम हाउस से काफी दूर एकांत जगह पर रोक दिया गया। उन्हें परिजनों ने संतोष की मौत की खबर नहीं दी। बेटे की मौत से अंजान आशा ने पूछा कि बेटे की हालत कैसी है। परिजनों ने कहा कि ठीक है। लखनऊ ले जाकर दिखाएंगे। इसके बाद परिजन दूर जाकर खूब रोए। उन्होंने बताया कि वह हार्ट की मरीज हैं, इसलिए अभी उन्हें केवल हादसे की ही जानकारी दी गई है। मौका पाकर सही बात बता दी जाएगी।
फोटो 5
रेलवे स्टेशन पर पानी का इंतजाम
नहीं, ट्रेन आने पर भटकते हैं यात्री
शाहजहांपुर। रोजा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर पानी का इंतजाम नहीं है। अधिकतर पानी के बूथों की टोंटियां टूटी पड़ी हैं। ट्रेन आने पर यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर पानी के बूथ नहीं हैं। सीतापुर की ओर से आने वाली ट्रेन इन्हीं प्लेटफाॅर्म पर रुकती हैं। गाड़ी के रुकने पर यात्री पानी की तलाश में भटकते रहते हैं। जुलाई में रिमॉडलिंग कार्य के बाद दो प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। छह नंबर प्लेटफॉर्म पर अपलाइन की गाड़ियों का ठहराव होने के बाद भी यहां पानी का इंतजाम नहीं है।
पानी के बूथ बने होने के बावजूद उसमें लकड़ी की गुल्ली ठोंककर सप्लाई को बंद कर दिया गया है। भीषण गर्मी में ट्रेन के आने पर यात्रियों को भटकना पड़ता है। दो सप्ताह पूर्व मंडल रेल प्रबंधक ने प्लेटफाॅर्म नंबर एक और दो का निरीक्षण कर अधिकारी और ठेकेदार को पानी का बूथ और बिजली व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
सीएमआई एसके ठाकुर ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर मालगाड़ी खड़ी होने पर दो और तीन नंबर लाइन पर सवारी गाड़ी को लिया जाता है। शीघ्र ही यहां पानी का इंतजाम कराया जाएगा। संवाद
हरदोई में ट्रेन से कटकर अध्यापक की मौत
- दोस्तों से नहीं हो पा रहा संपर्क, परिजन मान रहे मामला संदिग्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
कांट। दोस्तों के साथ लखनऊ गए अध्यापक की हरदोई जिले के बघौली थाना क्षेत्र में ट्रेन से कटकर मौत हो गई। परिवार वालों ने मामले को संदिग्ध बताया है।
क्षेत्र के कमलनैनपुर गांव के रहने वाले अध्यापक विवेक सक्सेना (39) ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सरदार झाला पर तैनात थे। वह अपने पिता सुशील सक्सेना की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित पद पर लगे थे। परिजनों ने बताया कि 30 मई को वह अपने तीन दोस्तों के साथ लखनऊ गए थे।
31 मई की रात वह घर वापसी कर रहे थे। रात करीब 2:30 बजे हरदोई जिले के बघौली थाना क्षेत्र में ट्रेन से कटकर उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई विशाल सक्सेना ने बताया कि जिन तीन साथियों के साथ विवेक गए थे, उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे मामला संदिग्ध लग रहा हैं। भाई के दो बच्चे हैं। भाई की पत्नी का रो-रो कर हाल बेहाल है।

संतोष राय का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन