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जिले में नहीं हुई स्वाइन फ्लू की पुष्टि
शाहजहांपुर
Updated Tue, 24 Feb 2015 12:54 AM IST
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जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि जिले में डीएम को छोड़कर अब तक स्वाइन फ्लू के एक भी केस की पुष्टि नहीं हुई है। स्वाइन फ्लू की जांच को लखनऊ स्थित लैब में भेजे गए तीनों नमूने निगेटिव पाए गए हैं। इससे स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है।
डीएम शुभ्रा सक्सेना को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद से जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर हाई अलर्ट कर दिया गया था। इस वजह से तमाम लोगों को साधारण जुकाम बुखार होने पर भी स्वाइन फ्लू होने की भ्रांतियां हो गई थीं। इससे स्वास्थ्य विभाग भी अछूता नहीं रहा। जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रितु रस्तोगी एवं उनकी सास लज्जा देवी ने स्वाइन फ्लू से सशंकित होकर जांच कराने के लिए लार का नमूना जांच के लिए भेजा था। वहीं, सुभाषनगर की निवासी शालिनी की लार का सैंपल भी भेजा गया था। सोमवार को सीएमओ के पास आई रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद पीड़ितों और अस्पताल प्रशासन ने चैन की सांस ली है।
सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र के यादव ने बताया कि सोमवार को ई-मेल के माध्यम से आई रिपोर्ट में पता चला कि तीनों सैंपल स्वाइन फ्लू के निगेटिव हैं। तीनों में किसी भी मरीज को स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई।
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मन में न लाएं स्वाइन फ्लू होने की बात : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस एमपी गंगवार ने कहा कि लोगों को स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं है। अगर सर्दी, जुकाम, गले में साधारण खराश है तो डॉक्टर से संपर्क करके तुरंत दवा लें। मन में यह बात कतई न बैठाएं कि उन्हें स्वाइन फ्लू हो सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसा करने से मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे उसके बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।
सोमवार को भी रही अस्पताल में काफी भीड़
जिला अस्पताल में सोमवार को भी 108 मरीजों की विभिन्न मामलों की आठ सौ जांच की गईं, लेकिन किसी मरीज में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण नहीं पाए गए हैं। पैथोलॉजिस्ट डॉ. शबाहत हुसैन के मुताबिक, लोगों में स्वाइन फ्लू के डर से ब्लड, यूरिन आदि नमूनों की जांच करा रहे हैं।
शालिनी की हालत में सुधार
शहर के मोहल्ला सुभाषनगर की शालिनी को सोमवार को दोतरफा राहत मिली। पहली तो यह कि स्वाइन फ्लू की जांच को गई उनकी लार का सैंपल निगेटिव आया। वहीं उनके देवर सुमित के मुताबिक, अब उनकी हालत में काफी सुधार आया है। खांसी और बुखार काफी हद तक सही हो गया है।
डरे लोगों ने घर आना कर दिया था बंद
शालिनी के देवर सुमित ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया कि उनकी भाभी को स्वाइन फ्लू के संदेह की बात से ही मोहल्ले के लोगों ने उनके घर पर आना बंद कर दिया था। कहा कि उनके खास लोगों ने मिलना-जुलना छोड़ दिया था। इससे भाभी (शालिनी) समेत पूरा घर टेंशन में आ गया था। अब सब ठीक होने लगा है।
लोगों को स्वाइन फ्लू होने की संभावनाएं कम: डॉ. रविमोहन
शहर में होम्योपैथी के जाने-माने चिकित्सक डॉ. रविमोहन का कहना है कि अब तापमान काफी बढ़ गया है, इससे लोगों को स्वाइन फ्लू होने की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं। उन्होंने बताया कि तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद स्वाइन फ्लू के वॉयरस खुद ही समाप्त हो जाते हैं।
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डीएम शुभ्रा सक्सेना को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद से जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर हाई अलर्ट कर दिया गया था। इस वजह से तमाम लोगों को साधारण जुकाम बुखार होने पर भी स्वाइन फ्लू होने की भ्रांतियां हो गई थीं। इससे स्वास्थ्य विभाग भी अछूता नहीं रहा। जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रितु रस्तोगी एवं उनकी सास लज्जा देवी ने स्वाइन फ्लू से सशंकित होकर जांच कराने के लिए लार का नमूना जांच के लिए भेजा था। वहीं, सुभाषनगर की निवासी शालिनी की लार का सैंपल भी भेजा गया था। सोमवार को सीएमओ के पास आई रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद पीड़ितों और अस्पताल प्रशासन ने चैन की सांस ली है।
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सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र के यादव ने बताया कि सोमवार को ई-मेल के माध्यम से आई रिपोर्ट में पता चला कि तीनों सैंपल स्वाइन फ्लू के निगेटिव हैं। तीनों में किसी भी मरीज को स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई।
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मन में न लाएं स्वाइन फ्लू होने की बात : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस एमपी गंगवार ने कहा कि लोगों को स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं है। अगर सर्दी, जुकाम, गले में साधारण खराश है तो डॉक्टर से संपर्क करके तुरंत दवा लें। मन में यह बात कतई न बैठाएं कि उन्हें स्वाइन फ्लू हो सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसा करने से मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे उसके बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।
सोमवार को भी रही अस्पताल में काफी भीड़
जिला अस्पताल में सोमवार को भी 108 मरीजों की विभिन्न मामलों की आठ सौ जांच की गईं, लेकिन किसी मरीज में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण नहीं पाए गए हैं। पैथोलॉजिस्ट डॉ. शबाहत हुसैन के मुताबिक, लोगों में स्वाइन फ्लू के डर से ब्लड, यूरिन आदि नमूनों की जांच करा रहे हैं।
शालिनी की हालत में सुधार
शहर के मोहल्ला सुभाषनगर की शालिनी को सोमवार को दोतरफा राहत मिली। पहली तो यह कि स्वाइन फ्लू की जांच को गई उनकी लार का सैंपल निगेटिव आया। वहीं उनके देवर सुमित के मुताबिक, अब उनकी हालत में काफी सुधार आया है। खांसी और बुखार काफी हद तक सही हो गया है।
डरे लोगों ने घर आना कर दिया था बंद
शालिनी के देवर सुमित ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया कि उनकी भाभी को स्वाइन फ्लू के संदेह की बात से ही मोहल्ले के लोगों ने उनके घर पर आना बंद कर दिया था। कहा कि उनके खास लोगों ने मिलना-जुलना छोड़ दिया था। इससे भाभी (शालिनी) समेत पूरा घर टेंशन में आ गया था। अब सब ठीक होने लगा है।
लोगों को स्वाइन फ्लू होने की संभावनाएं कम: डॉ. रविमोहन
शहर में होम्योपैथी के जाने-माने चिकित्सक डॉ. रविमोहन का कहना है कि अब तापमान काफी बढ़ गया है, इससे लोगों को स्वाइन फ्लू होने की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं। उन्होंने बताया कि तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद स्वाइन फ्लू के वॉयरस खुद ही समाप्त हो जाते हैं।