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Shahjahanpur News: एक ही चिता पर दंपती का अंतिम संस्कार...पास में ही दफनाए गए बच्चे
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बाबा बाबूराम की गोद में मृतक सेठपाल की बेटी परी। संवाद
निगोही (शाहजहांपुर)। रोजा में ट्रेन हादसे में मरने वाले विक्रमपुर चकौरा गांव के सेठपाल, उनकी पत्नी पूजा का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके बच्चाें को पास में ही अलग-अलग गड्ढा खोदकर दफनाया गया। चार लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम छाया रहा। गलियों में सन्नाटा पसरा रहने के साथ ही घरों में चूल्हे भी नहीं जले। इस बीच विधायक, पूर्व विधायक व एडीएम ने पहुंचकर सांत्वना दी।
साढू हरिओम के साथ लखीमपुर के थाना उचौलिया के बनके गांव जाते समय बाइक में गरीब रथ एक्सप्रेस से रोजा में क्रॉसिंग पर टक्कर लग गई थी। हादसे में हरिओम, सेठपाल, पूजा व उनके बेटे सूर्या, बेटी निधि की मौत हो गई थी। रात में ही शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। आधी रात के बाद गांव में शव पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया।
सुबह होते ही गांव के लोग उनके घरों में शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचने लगे। गांव में चार लोगों की मौत के बाद मातम छाया रहा। हर तरफ सन्नाटा पसरा था। लोग सेठपाल के पिता बाबूराम का दुख बांटने पहुंचे। लोगों ने उन्हें सांंत्वना दी। दिन में में एक साथ चार अर्थियां निकलीं तो लोगों की आंखें भर आईं। महिलाएं भी बिलख पड़ीं। सेठपाल व पूजा का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जबकि उनकी बेटी व बेटे को दफन किया गया।
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दिल्ली में रहते थे सेठपाल, 20 दिन पहले आए थे
सेठपाल परिवार के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। 20 दिन पहले ही दिल्ली से आए थे। बाबूलाल ने बताया कि सेठपाल की शादी वर्ष 2018 में बंडा थाने के गांव देवकली पट्टी में हुई थी। बुधवार को बड़ी बेटी को शाम को जल्दी आने की बात कहकर निकले थे, लेकिन बेटे, बहू, पौत्र-पौत्री के शव आए। परिजनों के अनुसार, बुधवार को करीब एक बजे बाइक सेठपाल परिवार के साथ घर से निकले थे। बाइक को निगोही में खड़ी कर किसी निजी वाहन से शाहजहांपुर चले गए।
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विधायक व पूर्व विधायक पहुंचे
विधायक सलोना कुशवाहा, पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा और एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार भी गांव में पहुंचे और मृतक के परिजनाें को सांत्वना दी। एडीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत अनुमन्य राशि को दिलाया जाएगा।
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साढू हरिओम के साथ लखीमपुर के थाना उचौलिया के बनके गांव जाते समय बाइक में गरीब रथ एक्सप्रेस से रोजा में क्रॉसिंग पर टक्कर लग गई थी। हादसे में हरिओम, सेठपाल, पूजा व उनके बेटे सूर्या, बेटी निधि की मौत हो गई थी। रात में ही शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। आधी रात के बाद गांव में शव पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया।
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सुबह होते ही गांव के लोग उनके घरों में शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचने लगे। गांव में चार लोगों की मौत के बाद मातम छाया रहा। हर तरफ सन्नाटा पसरा था। लोग सेठपाल के पिता बाबूराम का दुख बांटने पहुंचे। लोगों ने उन्हें सांंत्वना दी। दिन में में एक साथ चार अर्थियां निकलीं तो लोगों की आंखें भर आईं। महिलाएं भी बिलख पड़ीं। सेठपाल व पूजा का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जबकि उनकी बेटी व बेटे को दफन किया गया।
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दिल्ली में रहते थे सेठपाल, 20 दिन पहले आए थे
सेठपाल परिवार के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। 20 दिन पहले ही दिल्ली से आए थे। बाबूलाल ने बताया कि सेठपाल की शादी वर्ष 2018 में बंडा थाने के गांव देवकली पट्टी में हुई थी। बुधवार को बड़ी बेटी को शाम को जल्दी आने की बात कहकर निकले थे, लेकिन बेटे, बहू, पौत्र-पौत्री के शव आए। परिजनों के अनुसार, बुधवार को करीब एक बजे बाइक सेठपाल परिवार के साथ घर से निकले थे। बाइक को निगोही में खड़ी कर किसी निजी वाहन से शाहजहांपुर चले गए।
विधायक व पूर्व विधायक पहुंचे
विधायक सलोना कुशवाहा, पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा और एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार भी गांव में पहुंचे और मृतक के परिजनाें को सांत्वना दी। एडीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत अनुमन्य राशि को दिलाया जाएगा।

बाबा बाबूराम की गोद में मृतक सेठपाल की बेटी परी। संवाद

बाबा बाबूराम की गोद में मृतक सेठपाल की बेटी परी। संवाद

बाबा बाबूराम की गोद में मृतक सेठपाल की बेटी परी। संवाद

बाबा बाबूराम की गोद में मृतक सेठपाल की बेटी परी। संवाद

बाबा बाबूराम की गोद में मृतक सेठपाल की बेटी परी। संवाद

बाबा बाबूराम की गोद में मृतक सेठपाल की बेटी परी। संवाद