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00दिवाली पर गिले-शिकवे भूलकर एक हुए दंपती
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शाहजहांपुर। दहेज, घरेलू कलह के चलते घर की दहलीज को लांघकर मायके आने वाली छह महिलाओं ने दिवाली पर रिश्ते को मजबूत करने का काम किया। महिला थाने के परामर्श केंद्र में दंपती व उनके परिजनों के आपसी गिले-शिकवे दूर हुए तो दोनों ने फिर साथ रहने का फैसला कर लिया।
अपने करीबी के दूर होने पर त्योहार भी फीके रहते हैं, जबकि अपनों का साथ खुशियों को दोगुना कर देता है। करवाचौथ से शुरू हुए प्रयास दिवाली पर रंग लाए और छह परिवारों ने काउंसलिंग के बाद परिवार को टूटने से बचा लिया। महिला थाना प्रभारी रश्मि अग्निहोत्री ने बताया कि रूठे दंपती के परिवार के लोग खुश नहीं थे। कई दंपती की आपस में नहीं बन रही थी। दिवाली पर दोनों पक्षों ने अपने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया।
दहेज की खातिर हुआ मनमुटाव दूर किया
रोजा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की शादी कांट के गांव में हुई थी। उसकी शादी को 12 वर्ष बीत चुके हैं। बरात के बाद से ही सास-ससुर उससे अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। उसे मायके आकर रहना पड़ा। परिवार में पंचायत होने पर हल नहीं निकला। तब महिला ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया। कई महीने तक उनकी काउंसलिंग चली। त्योहार से पहले ही दोनों का समझौता होने से उनका घर टूटने से बच गया।
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पति ने शराब से तौबा की तो मान गई पत्नी
थाना सदर बाजार क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला का पति शराब पीने का आदी है। वह शराब पीने के बाद उसके साथ मारपीट करता था। पीड़िता ने मजबूरी में पुलिस का सहारा लिया। उनका केस महिला थाने पहुंच गया। दोनों पक्ष बुलाए गए। काउंसलिंग की गई। पति ने पत्नी पर हाथ उठाने व शराब से तौबा कर ली तो पत्नी ने भी साथ रहने को हामी भर दी।
ससुरालवाले ताना देते थे, हुआ समझौता
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव निवासी युवती की शादी कांट में हुई थी। उसका बेटा भी हुआ। ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करना नहीं छोड़ रहे थे। जरा-जरा सी बात पर परेशान करते थे। कम दहेज लाने का ताना देते थे। इसलिए उसने ससुराल को छोड़कर मायके आना उचित समझा। मुकदमा लड़ने के लिए एसपी को पत्र दिया। वहां से महिला थाने केस ट्रांसफर किया। दोनों पक्ष बुलाए गए जिसके बाद दिवाली पर उनका समझौता करा दिया गया।
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अपने करीबी के दूर होने पर त्योहार भी फीके रहते हैं, जबकि अपनों का साथ खुशियों को दोगुना कर देता है। करवाचौथ से शुरू हुए प्रयास दिवाली पर रंग लाए और छह परिवारों ने काउंसलिंग के बाद परिवार को टूटने से बचा लिया। महिला थाना प्रभारी रश्मि अग्निहोत्री ने बताया कि रूठे दंपती के परिवार के लोग खुश नहीं थे। कई दंपती की आपस में नहीं बन रही थी। दिवाली पर दोनों पक्षों ने अपने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया।
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दहेज की खातिर हुआ मनमुटाव दूर किया
रोजा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती की शादी कांट के गांव में हुई थी। उसकी शादी को 12 वर्ष बीत चुके हैं। बरात के बाद से ही सास-ससुर उससे अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। उसे मायके आकर रहना पड़ा। परिवार में पंचायत होने पर हल नहीं निकला। तब महिला ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया। कई महीने तक उनकी काउंसलिंग चली। त्योहार से पहले ही दोनों का समझौता होने से उनका घर टूटने से बच गया।
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पति ने शराब से तौबा की तो मान गई पत्नी
थाना सदर बाजार क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला का पति शराब पीने का आदी है। वह शराब पीने के बाद उसके साथ मारपीट करता था। पीड़िता ने मजबूरी में पुलिस का सहारा लिया। उनका केस महिला थाने पहुंच गया। दोनों पक्ष बुलाए गए। काउंसलिंग की गई। पति ने पत्नी पर हाथ उठाने व शराब से तौबा कर ली तो पत्नी ने भी साथ रहने को हामी भर दी।
ससुरालवाले ताना देते थे, हुआ समझौता
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव निवासी युवती की शादी कांट में हुई थी। उसका बेटा भी हुआ। ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करना नहीं छोड़ रहे थे। जरा-जरा सी बात पर परेशान करते थे। कम दहेज लाने का ताना देते थे। इसलिए उसने ससुराल को छोड़कर मायके आना उचित समझा। मुकदमा लड़ने के लिए एसपी को पत्र दिया। वहां से महिला थाने केस ट्रांसफर किया। दोनों पक्ष बुलाए गए जिसके बाद दिवाली पर उनका समझौता करा दिया गया।