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Shahjahanpur News: कोहरे की चादर में लिपटा रहा शहर, पछुआ हवा ने बढ़ाई गलन
Sun, 19 Jan 2025 01:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 19 Jan 2025 01:09 AM IST
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शनिवार सुबह नौ बजे खिरनीबाग चौराहा से जेल रोड पर छाया कोहरा। संवाद
शाहजहांपुर। लगातार दो दिन तक बारिश के बाद शुक्रवार को दिन में तेज धूप रही, लेकिन शनिवार को मौसम फिर से पलट गया। सुबह कोहरे की चादर घनी रही। दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई। न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 9.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। शीतलहर से अधिकतम तापमान 3.2 डिग्री घटकर 20 डिग्री सेल्सियस हो गया।
बारिश के बाद बढ़ी सर्दी से शुक्रवार को दिन में निकली तेज धूप ने काफी हद तक राहत दी थी। शाम होते ही 15 से 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने ठिठुरन पैदा करनी शुरू कर दी। शनिवार को सुबह पांच बजे तक कोहरा कम रहा। बाद में सुबह सात बजे तक कोहरा इतना घना हो गया कि कुछ मीटर आगे का दिखना कठिन हो गया।
दिन निकलने के बाद भी करीब 11 बजे तक शहर कोहरे की घनी चादर में लिपटा रहा। दृश्यता घटने से न सिर्फ जनपद के राजमार्गों, बल्कि शहर के अंदरूनी मार्गों पर भी वाहनों की रफ्तार घट गई और सामान्य जनजीवन में ठहराव बना रहा।
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गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक उदय मिश्रा के अनुसार, शहर के अंदर सड़कों पर आवागमन बना रहा। इससे करीब 50 मीटर आगे तक देखना संभव नहीं था। परिषद के शोध प्रक्षेत्र सहित सुभाष चौराहा के आसपास दिन में दस बजे तक दृश्यता शून्य रही, जबकि सामान्य दृश्यता मानक 500 से 600 मीटर होनी चाहिए।
दोपहर 12 बजे धूप में थोड़ी तेजी आने पर सर्दी से बेहाल जनजीवन को थोड़ी राहत मिली, लेकिन ठंडी पछुआ हवा ने परेशान किया। परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार दो दिन तक बारिश के बाद धूप निकलने से हवा में नमी का स्तर सामान्य से करीब 30 प्रतिशत ज्यादा हो गया है। दिन में धूप निकल रही है। इसलिए वातावरण में बढ़ी आर्द्रता धूप की गरमाहट से भाप में बदलने के बाद कोहरा में बदल रही है। उनका कहना है कि रविवार को सुबह से घना कोहरा छाया रहेगा और दिन में पछुआ हवा का वेग बढ़ने से धूप निकलने पर भी गलन ज्यादा महसूस होगी।
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बारिश के बाद बढ़ी सर्दी से शुक्रवार को दिन में निकली तेज धूप ने काफी हद तक राहत दी थी। शाम होते ही 15 से 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने ठिठुरन पैदा करनी शुरू कर दी। शनिवार को सुबह पांच बजे तक कोहरा कम रहा। बाद में सुबह सात बजे तक कोहरा इतना घना हो गया कि कुछ मीटर आगे का दिखना कठिन हो गया।
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दिन निकलने के बाद भी करीब 11 बजे तक शहर कोहरे की घनी चादर में लिपटा रहा। दृश्यता घटने से न सिर्फ जनपद के राजमार्गों, बल्कि शहर के अंदरूनी मार्गों पर भी वाहनों की रफ्तार घट गई और सामान्य जनजीवन में ठहराव बना रहा।
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गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक उदय मिश्रा के अनुसार, शहर के अंदर सड़कों पर आवागमन बना रहा। इससे करीब 50 मीटर आगे तक देखना संभव नहीं था। परिषद के शोध प्रक्षेत्र सहित सुभाष चौराहा के आसपास दिन में दस बजे तक दृश्यता शून्य रही, जबकि सामान्य दृश्यता मानक 500 से 600 मीटर होनी चाहिए।
दोपहर 12 बजे धूप में थोड़ी तेजी आने पर सर्दी से बेहाल जनजीवन को थोड़ी राहत मिली, लेकिन ठंडी पछुआ हवा ने परेशान किया। परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार दो दिन तक बारिश के बाद धूप निकलने से हवा में नमी का स्तर सामान्य से करीब 30 प्रतिशत ज्यादा हो गया है। दिन में धूप निकल रही है। इसलिए वातावरण में बढ़ी आर्द्रता धूप की गरमाहट से भाप में बदलने के बाद कोहरा में बदल रही है। उनका कहना है कि रविवार को सुबह से घना कोहरा छाया रहेगा और दिन में पछुआ हवा का वेग बढ़ने से धूप निकलने पर भी गलन ज्यादा महसूस होगी।